In the name of God
संज्ञा (Noun)
क्रिया (Verb)
अव्यय (Particle)
5:101
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تَسْـَٔلُوا۟ عَنْ أَشْيَآءَ إِن تُبْدَ لَكُمْ تَسُؤْكُمْ وَإِن تَسْـَٔلُوا۟ عَنْهَا حِينَ يُنَزَّلُ ٱلْقُرْءَانُ تُبْدَ لَكُمْ عَفَا ٱللَّهُ عَنْهَا ۗ وَٱللَّهُ غَفُورٌ حَلِيمٌۭ
yāayyuhā alladhīna āmanū lā tasalū ʿan ashyāa in tub'da lakum tasu'kum wa-in tasalū ʿanhā ḥīna yunazzalu l-qur'ānu tub'da lakum ʿafā l-lahu ʿanhā wal-lahu ghafūrun ḥalīmun
ऐ लोगो जो ईमान लाए हो! ऐसी बातें मत पूछो कि अगर वो तुम पर ज़ाहिर कर दी जाएँ तो तुम्हें बुरी लगें; और अगर तुम उनके बारे में उस वक़्त पूछोगे जब क़ुरआन नाज़िल हो रहा हो, तो वो तुम पर ज़ाहिर कर दी जाएँगी; अल्लाह ने उन (पिछली बातों) को माफ़ कर दिया; और अल्लाह बहुत बख़्शने वाला, बुर्दबार (सहनशील) है।
अव्यय
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ लोगो
yāayyuhā
सर्वनाम
ٱلَّذِينَ
जो
alladhīna
क्रिया
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
āmanū
अव्यय
لَا
मत
क्रिया
تَسْـَٔلُوا۟
पूछो
tasalū
अव्यय
عَنْ
बारे में
ʿan
संज्ञा
أَشْيَآءَ
(ऐसी) चीज़ों/बातों
ashyāa
अव्यय
إِن
अगर
in
क्रिया
تُبْدَ
ज़ाहिर कर दी जाएँ
tub'da
अव्यय
لَكُمْ
तुम्हारे लिए
lakum
क्रिया
تَسُؤْكُمْ
तुम्हें बुरी लगें
tasu'kum
अव्यय
وَإِن
और अगर
wa-in
क्रिया
تَسْـَٔلُوا۟
तुम पूछोगे
tasalū
अव्यय
عَنْهَا
उनके बारे में
ʿanhā
संज्ञा
حِينَ
जिस वक़्त
ḥīna
क्रिया
يُنَزَّلُ
नाज़िल हो रहा है
yunazzalu
संज्ञा
ٱلْقُرْءَانُ
क़ुरआन
l-qur'ānu
क्रिया
تُبْدَ
ज़ाहिर कर दी जाएँगी
tub'da
अव्यय
لَكُمْ
तुम्हारे लिए
lakum
क्रिया
عَفَا
माफ़ कर दिया
ʿafā
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
अव्यय
عَنْهَا ۗ
उनसे (बातों से)
ʿanhā
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
wal-lahu
संज्ञा
غَفُورٌ
बख़्शने वाला
ghafūrun
संज्ञा
حَلِيمٌۭ
बुर्दबार (सहनशील)
ḥalīmun
5:102
قَدْ سَأَلَهَا قَوْمٌۭ مِّن قَبْلِكُمْ ثُمَّ أَصْبَحُوا۟ بِهَا كَـٰفِرِينَ
qad sa-alahā qawmun min qablikum thumma aṣbaḥū bihā kāfirīna
तुमसे पहले एक क़ौम ने (भी) ऐसी ही बातें पूछी थीं फिर (उनका जवाब पाकर) वो उनका इनकार करने वाले हो गए।
अव्यय
قَدْ
बेशक
qad
क्रिया
سَأَلَهَا
पूछा उन्हें
sa-alahā
संज्ञा
قَوْمٌۭ
एक क़ौम ने
qawmun
अव्यय
مِّن
से
min
संज्ञा
قَبْلِكُمْ
तुमसे पहले
qablikum
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
क्रिया
أَصْبَحُوا۟
वो हो गए
aṣbaḥū
अव्यय
بِهَا
इन (बातों) का
bihā
संज्ञा
كَـٰفِرِينَ
इनकार करने वाले
kāfirīna
5:103
مَا جَعَلَ ٱللَّهُ مِنۢ بَحِيرَةٍۢ وَلَا سَآئِبَةٍۢ وَلَا وَصِيلَةٍۢ وَلَا حَامٍۢ ۙ وَلَـٰكِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ يَفْتَرُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلْكَذِبَ ۖ وَأَكْثَرُهُمْ لَا يَعْقِلُونَ
mā jaʿala l-lahu min baḥīratin walā sāibatin walā waṣīlatin walā ḥāmin walākinna alladhīna kafarū yaftarūna ʿalā l-lahi l-kadhiba wa-aktharuhum lā yaʿqilūna
अल्लाह ने न तो कोई 'बहीरा' बनाया है न 'साइबा' और न 'वसीला' और न 'हामी' (ये सब जाहिलियत की रस्में हैं), लेकिन जो लोग काफ़िर हैं वो अल्लाह पर झूठ घड़ते हैं, और उनमें से अक्सर अक़्ल नहीं रखते।
अव्यय
مَا
नहीं
क्रिया
جَعَلَ
बनाया/मुक़र्रर किया
jaʿala
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
अव्यय
مِنۢ
(कोई)
min
संज्ञा
بَحِيرَةٍۢ
बहीरा
baḥīratin
अव्यय
وَلَا
और न
walā
संज्ञा
سَآئِبَةٍۢ
साइबा
sāibatin
अव्यय
وَلَا
और न
walā
संज्ञा
وَصِيلَةٍۢ
वसीला
waṣīlatin
अव्यय
وَلَا
और न
walā
संज्ञा
حَامٍۢ ۙ
हामी
ḥāmin
अव्यय
وَلَـٰكِنَّ
लेकिन
walākinna
सर्वनाम
ٱلَّذِينَ
जिन्होंने
alladhīna
क्रिया
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
kafarū
क्रिया
يَفْتَرُونَ
वो घड़ते हैं
yaftarūna
अव्यय
عَلَى
पर
ʿalā
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह
l-lahi
संज्ञा
ٱلْكَذِبَ ۖ
झूठ
l-kadhiba
संज्ञा
وَأَكْثَرُهُمْ
और उनमें से अक्सर
wa-aktharuhum
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَعْقِلُونَ
अक़्ल रखते
yaʿqilūna
5:104
وَإِذَا قِيلَ لَهُمْ تَعَالَوْا۟ إِلَىٰ مَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ وَإِلَى ٱلرَّسُولِ قَالُوا۟ حَسْبُنَا مَا وَجَدْنَا عَلَيْهِ ءَابَآءَنَآ ۚ أَوَلَوْ كَانَ ءَابَآؤُهُمْ لَا يَعْلَمُونَ شَيْـًۭٔا وَلَا يَهْتَدُونَ
wa-idhā qīla lahum taʿālaw ilā mā anzala l-lahu wa-ilā l-rasūli qālū ḥasbunā mā wajadnā ʿalayhi ābāanā awalaw kāna ābāuhum lā yaʿlamūna shayan walā yahtadūna
और जब उनसे कहा जाता है कि आओ उसकी तरफ़ जो अल्लाह ने नाज़िल किया है और (आओ) रसूल की तरफ़, तो कहते हैं कि हमें वही काफ़ी है जिस पर हमने अपने बाप-दादाओं को पाया; क्या (वो उन्हीं की पैरवी करेंगे) अगरचे उनके बाप-दादा कुछ न जानते हों और न हिदायत रखते हों?
अव्यय
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
क्रिया
قِيلَ
कहा जाता है
qīla
अव्यय
لَهُمْ
उनसे
lahum
क्रिया
تَعَالَوْا۟
आओ
taʿālaw
अव्यय
إِلَىٰ
तरफ़
ilā
अव्यय
مَآ
जो
क्रिया
أَنزَلَ
नाज़िल किया है
anzala
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
अव्यय
وَإِلَى
और तरफ़
wa-ilā
संज्ञा
ٱلرَّسُولِ
रसूल की
l-rasūli
क्रिया
قَالُوا۟
वो कहते हैं
qālū
संज्ञा
حَسْبُنَا
हमें काफ़ी है
ḥasbunā
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
وَجَدْنَا
हमने पाया
wajadnā
अव्यय
عَلَيْهِ
जिस पर
ʿalayhi
संज्ञा
ءَابَآءَنَآ ۚ
अपने बाप-दादा को
ābāanā
अव्यय
أَوَلَوْ
भला अगरचे
awalaw
क्रिया
كَانَ
हों
kāna
संज्ञा
ءَابَآؤُهُمْ
उनके बाप-दादा
ābāuhum
अव्यय
لَا
क्रिया
يَعْلَمُونَ
जानते हों
yaʿlamūna
संज्ञा
شَيْـًۭٔا
कुछ भी
shayan
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
يَهْتَدُونَ
हिदायत रखते हों
yahtadūna
5:105
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ عَلَيْكُمْ أَنفُسَكُمْ ۖ لَا يَضُرُّكُم مَّن ضَلَّ إِذَا ٱهْتَدَيْتُمْ ۚ إِلَى ٱللَّهِ مَرْجِعُكُمْ جَمِيعًۭا فَيُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
yāayyuhā alladhīna āmanū ʿalaykum anfusakum lā yaḍurrukum man ḍalla idhā ih'tadaytum ilā l-lahi marjiʿukum jamīʿan fayunabbi-ukum bimā kuntum taʿmalūna
ऐ लोगो जो ईमान लाए हो! अपनी फ़िक्र करो; अगर तुम राह-ए-रास्त (सीधे रास्ते) पर हो तो कोई गुमराह तुम्हें नुक़सान नहीं पहुँचा सकता; तुम सबको अल्लाह ही की तरफ़ लौटना है, फिर वो तुम्हें बता देगा जो कुछ तुम करते थे।
अव्यय
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ लोगो
yāayyuhā
सर्वनाम
ٱلَّذِينَ
जो
alladhīna
क्रिया
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
āmanū
अव्यय
عَلَيْكُمْ
लाज़िम है तुम पर
ʿalaykum
संज्ञा
أَنفُسَكُمْ ۖ
अपनी जानों (की फ़िक्र)
anfusakum
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَضُرُّكُم
नुक़सान दे सकता तुम्हें
yaḍurrukum
सर्वनाम
مَّن
वो जो
man
क्रिया
ضَلَّ
गुमराह हुआ
ḍalla
अव्यय
إِذَا
जब
idhā
क्रिया
ٱهْتَدَيْتُمْ ۚ
तुम हिदायत पर हो
ih'tadaytum
अव्यय
إِلَى
तरफ़
ilā
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह की
l-lahi
संज्ञा
مَرْجِعُكُمْ
लौटना है तुम्हारा
marjiʿukum
संज्ञा
جَمِيعًۭا
सबको
jamīʿan
क्रिया
فَيُنَبِّئُكُم
फिर वो तुम्हें बता देगा
fayunabbi-ukum
अव्यय
بِمَا
उस बाबत जो
bimā
क्रिया
كُنتُمْ
तुम थे
kuntum
क्रिया
تَعْمَلُونَ
करते
taʿmalūna
5:106
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ شَهَـٰدَةُ بَيْنِكُمْ إِذَا حَضَرَ أَحَدَكُمُ ٱلْمَوْتُ حِينَ ٱلْوَصِيَّةِ ٱثْنَانِ ذَوَا عَدْلٍۢ مِّنكُمْ أَوْ ءَاخَرَانِ مِنْ غَيْرِكُمْ إِنْ أَنتُمْ ضَرَبْتُمْ فِى ٱلْأَرْضِ فَأَصَـٰبَتْكُم مُّصِيبَةُ ٱلْمَوْتِ ۚ تَحْبِسُونَهُمَا مِنۢ بَعْدِ ٱلصَّلَوٰةِ فَيُقْسِمَانِ بِٱللَّهِ إِنِ ٱرْتَبْتُمْ لَا نَشْتَرِى بِهِۦ ثَمَنًۭا وَلَوْ كَانَ ذَا قُرْبَىٰ ۙ وَلَا نَكْتُمُ شَهَـٰدَةَ ٱللَّهِ إِنَّآ إِذًۭا لَّمِنَ ٱلْـَٔاثِمِينَ
yāayyuhā alladhīna āmanū shahādatu baynikum idhā ḥaḍara aḥadakumu l-mawtu ḥīna l-waṣiyati ith'nāni dhawā ʿadlin minkum aw ākharāni min ghayrikum in antum ḍarabtum fī l-arḍi fa-aṣābatkum muṣībatu l-mawti taḥbisūnahumā min baʿdi l-ṣalati fayuq'simāni bil-lahi ini ir'tabtum lā nashtarī bihi thamanan walaw kāna dhā qur'bā walā naktumu shahādata l-lahi innā idhan lamina l-āthimīna
ऐ लोगो जो ईमान लाए हो! जब तुममें से किसी की मौत का वक़्त आ जाए तो वसीयत के वक़्त तुम्हारे दरमियान गवाही का हुक्म ये है कि तुम में से दो आदिल (भरोसेमंद) आदमी गवाह हों, या ग़ैरों में से दो आदमी (गवाह कर लो) अगर तुम ज़मीन में सफ़र कर रहे हो और तुम पर मौत की मुसीबत आ जाए; (अगर शक हो तो) नमाज़ के बाद उन दोनों को रोक लो और वो दोनों अल्लाह की क़सम खाएँ कि हम इस (गवाही) के बदले कोई क़ीमत नहीं लेंगे चाहे कोई रिश्तेदार ही हो, और न हम अल्लाह की (वास्ते दी हुई) गवाही को छिपाएँगे, (अगर ऐसा करें) तो हम गुनाहगारों में से होंगे।
अव्यय
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ लोगो
yāayyuhā
सर्वनाम
ٱلَّذِينَ
जो
alladhīna
क्रिया
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
āmanū
संज्ञा
شَهَـٰدَةُ
गवाही
shahādatu
संज्ञा
بَيْنِكُمْ
तुम्हारे दरमियान
baynikum
अव्यय
إِذَا
जब
idhā
क्रिया
حَضَرَ
आ जाए
ḥaḍara
संज्ञा
أَحَدَكُمُ
तुम में से किसी एक को
aḥadakumu
संज्ञा
ٱلْمَوْتُ
मौत
l-mawtu
संज्ञा
حِينَ
(के) वक़्त
ḥīna
संज्ञा
ٱلْوَصِيَّةِ
वसीयत
l-waṣiyati
संज्ञा
ٱثْنَانِ
दो (आदमी)
ith'nāni
संज्ञा
ذَوَا
वाले (साहब-ए)
dhawā
संज्ञा
عَدْلٍۢ
अदल (इंसाफ़/भरोसे)
ʿadlin
अव्यय
مِّنكُمْ
तुम में से
minkum
अव्यय
أَوْ
या
aw
संज्ञा
ءَاخَرَانِ
दो दूसरे
ākharāni
अव्यय
مِنْ
से
min
संज्ञा
غَيْرِكُمْ
ग़ैरों में (तुम्हारे अलावा)
ghayrikum
अव्यय
إِنْ
अगर
in
सर्वनाम
أَنتُمْ
तुम
antum
क्रिया
ضَرَبْتُمْ
सफ़र करो
ḍarabtum
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلْأَرْضِ
ज़मीन
l-arḍi
क्रिया
فَأَصَـٰبَتْكُم
फिर आ पहुँचे तुम्हें
fa-aṣābatkum
संज्ञा
مُّصِيبَةُ
मुसीबत
muṣībatu
संज्ञा
ٱلْمَوْتِ ۚ
मौत (की)
l-mawti
क्रिया
تَحْبِسُونَهُمَا
तुम उन दोनों को रोक लो
taḥbisūnahumā
अव्यय
مِنۢ
से
min
संज्ञा
بَعْدِ
बाद
baʿdi
संज्ञा
ٱلصَّلَوٰةِ
नमाज़
l-ṣalati
क्रिया
فَيُقْسِمَانِ
फिर वो क़सम खाएँ
fayuq'simāni
संज्ञा
بِٱللَّهِ
अल्लाह की
bil-lahi
अव्यय
إِنِ
अगर
ini
क्रिया
ٱرْتَبْتُمْ
तुम्हें शक हो
ir'tabtum
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
نَشْتَرِى
हम लेंगे (खरीदेंगे)
nashtarī
अव्यय
بِهِۦ
इसके बदले
bihi
संज्ञा
ثَمَنًۭا
कोई क़ीमत
thamanan
अव्यय
وَلَوْ
चाहे/अगरचे
walaw
क्रिया
كَانَ
वो हो
kāna
संज्ञा
ذَا
वाला (रिश्तेदार)
dhā
संज्ञा
قُرْبَىٰ ۙ
क़रीबी रिश्तेदारी
qur'bā
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
نَكْتُمُ
हम छिपाएँगे
naktumu
संज्ञा
شَهَـٰدَةَ
गवाही
shahādata
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह (के वास्ते)
l-lahi
अव्यय
إِنَّآ
बेशक हम
innā
अव्यय
إِذًۭا
तब (उस वक़्त)
idhan
अव्यय
لَّمِنَ
ज़रूर (हो जाएँगे) में से
lamina
संज्ञा
ٱلْـَٔاثِمِينَ
गुनाहगारों
l-āthimīna
5:107
فَإِنْ عُثِرَ عَلَىٰٓ أَنَّهُمَا ٱسْتَحَقَّآ إِثْمًۭا فَـَٔاخَرَانِ يَقُومَانِ مَقَامَهُمَا مِنَ ٱلَّذِينَ ٱسْتَحَقَّ عَلَيْهِمُ ٱلْأَوْلَيَـٰنِ فَيُقْسِمَانِ بِٱللَّهِ لَشَهَـٰدَتُنَآ أَحَقُّ مِن شَهَـٰدَتِهِمَا وَمَا ٱعْتَدَيْنَآ إِنَّآ إِذًۭا لَّمِنَ ٱلظَّـٰلِمِينَ
fa-in ʿuthira ʿalā annahumā is'taḥaqqā ith'man faākharāni yaqūmāni maqāmahumā mina alladhīna is'taḥaqqa ʿalayhimu l-awlayāni fayuq'simāni bil-lahi lashahādatunā aḥaqqu min shahādatihimā wamā iʿ'tadaynā innā idhan lamina l-ẓālimīna
फिर अगर इत्तला हो कि वो दोनों (गवाह) किसी गुनाह के मुर्तक़िब हुए हैं (झूठ बोले हैं), तो उनकी जगह दो और गवाह खड़े हों उनमें से जिनका हक़ (वारिस होने के नाते) मारा जा रहा है और वो (मैय्यत के) ज़्यादा क़रीबी हों; फिर वो दोनों अल्लाह की क़सम खाएँ कि हमारी गवाही उन दोनों की गवाही से ज़्यादा सच्ची है और हमने ज़्यादती नहीं की, अगर हम ऐसा करें तो ज़ालिमों में से होंगे।
अव्यय
فَإِنْ
फिर अगर
fa-in
क्रिया
عُثِرَ
पता चल जाए
ʿuthira
अव्यय
عَلَىٰٓ
पर
ʿalā
अव्यय
أَنَّهُمَا
कि वो दोनों
annahumā
क्रिया
ٱسْتَحَقَّآ
हक़दार (मुर्तक़िब) हुए
is'taḥaqqā
संज्ञा
إِثْمًۭا
गुनाह के
ith'man
संज्ञा
فَـَٔاخَرَانِ
तो दो दूसरे (गवाह)
faākharāni
क्रिया
يَقُومَانِ
खड़े हों
yaqūmāni
संज्ञा
مَقَامَهُمَا
उन दोनों की जगह
maqāmahumā
अव्यय
مِنَ
से
mina
सर्वनाम
ٱلَّذِينَ
जिन (वारिसों)
alladhīna
क्रिया
ٱسْتَحَقَّ
हक़ मारा गया
is'taḥaqqa
अव्यय
عَلَيْهِمُ
जिन पर
ʿalayhimu
संज्ञा
ٱلْأَوْلَيَـٰنِ
जो ज़्यादा क़रीबी हैं
l-awlayāni
क्रिया
فَيُقْسِمَانِ
फिर वो क़सम खाएँ
fayuq'simāni
संज्ञा
بِٱللَّهِ
अल्लाह की
bil-lahi
संज्ञा
لَشَهَـٰدَتُنَآ
ज़रूर हमारी गवाही
lashahādatunā
संज्ञा
أَحَقُّ
ज़्यादा सच्ची है
aḥaqqu
अव्यय
مِن
बनिस्बत
min
संज्ञा
شَهَـٰدَتِهِمَا
उन दोनों की गवाही से
shahādatihimā
अव्यय
وَمَا
और नहीं
wamā
क्रिया
ٱعْتَدَيْنَآ
हमने ज़्यादती की
iʿ'tadaynā
अव्यय
إِنَّآ
बेशक हम
innā
अव्यय
إِذًۭا
तब (उस सूरत में)
idhan
अव्यय
لَّمِنَ
ज़रूर (हो जाएँगे) में से
lamina
संज्ञा
ٱلظَّـٰلِمِينَ
ज़ालिमों
l-ẓālimīna
5:108
ذَٰلِكَ أَدْنَىٰٓ أَن يَأْتُوا۟ بِٱلشَّهَـٰدَةِ عَلَىٰ وَجْهِهَآ أَوْ يَخَافُوٓا۟ أَن تُرَدَّ أَيْمَـٰنٌۢ بَعْدَ أَيْمَـٰنِهِمْ ۗ وَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَٱسْمَعُوا۟ ۗ وَٱللَّهُ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلْفَـٰسِقِينَ
dhālika adnā an yatū bil-shahādati ʿalā wajhihā aw yakhāfū an turadda aymānun baʿda aymānihim wa-ittaqū l-laha wa-is'maʿū wal-lahu lā yahdī l-qawma l-fāsiqīna
ये तरीक़ा ज़्यादा क़रीब है इस बात के कि लोग गवाही को ठीक तौर पर दें, या इस बात से डरें कि उनकी क़समों के बाद (वारिसों की) क़समें लेकर उनकी क़समें रद्द कर दी जाएँगी; और अल्लाह से डरो और (उसका हुक्म) सुनो; और अल्लाह नाफ़रमान लोगों को हिदायत नहीं देता।
सर्वनाम
ذَٰلِكَ
ये (तरीक़ा)
dhālika
संज्ञा
أَدْنَىٰٓ
ज़्यादा क़रीब है
adnā
अव्यय
أَن
कि
an
क्रिया
يَأْتُوا۟
वो पेश करें
yatū
संज्ञा
بِٱلشَّهَـٰدَةِ
गवाही
bil-shahādati
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
وَجْهِهَآ
उसके असली तरीक़े
wajhihā
अव्यय
أَوْ
या
aw
क्रिया
يَخَافُوٓا۟
वो डरें
yakhāfū
अव्यय
أَن
कि
an
क्रिया
تُرَدَّ
रद्द कर दी जाएँगी (पलट दी जाएँगी)
turadda
संज्ञा
أَيْمَـٰنٌۢ
(दूसरी) क़समें
aymānun
संज्ञा
بَعْدَ
बाद
baʿda
संज्ञा
أَيْمَـٰنِهِمْ ۗ
उनकी क़समों के
aymānihim
क्रिया
وَٱتَّقُوا۟
और डरो
wa-ittaqū
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह से
l-laha
क्रिया
وَٱسْمَعُوا۟ ۗ
और सुनो
wa-is'maʿū
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
wal-lahu
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَهْدِى
हिदायत देता
yahdī
संज्ञा
ٱلْقَوْمَ
क़ौम (लोगों) को
l-qawma
संज्ञा
ٱلْفَـٰسِقِينَ
नाफ़रमान (फ़ासिक़)
l-fāsiqīna
5:109
۞ يَوْمَ يَجْمَعُ ٱللَّهُ ٱلرُّسُلَ فَيَقُولُ مَاذَآ أُجِبْتُمْ ۖ قَالُوا۟ لَا عِلْمَ لَنَآ ۖ إِنَّكَ أَنتَ عَلَّـٰمُ ٱلْغُيُوبِ
yawma yajmaʿu l-lahu l-rusula fayaqūlu mādhā ujib'tum qālū lā ʿil'ma lanā innaka anta ʿallāmu l-ghuyūbi
जिस दिन अल्लाह सब रसूलों को जमा करेगा, फिर पूछेगा कि तुम्हें क्या जवाब मिला? वो अर्ज़ करेंगे कि हमें कुछ ख़बर नहीं; बेशक तू ही छिपी बातों को ख़ूब जानने वाला है।
संज्ञा
۞ يَوْمَ
(जिस) दिन
yawma
क्रिया
يَجْمَعُ
जमा करेगा
yajmaʿu
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
संज्ञा
ٱلرُّسُلَ
रसूलों को
l-rusula
क्रिया
فَيَقُولُ
फिर कहेगा/पूछेगा
fayaqūlu
अव्यय
مَاذَآ
क्या
mādhā
क्रिया
أُجِبْتُمْ ۖ
जवाब दिया गया तुम्हें
ujib'tum
क्रिया
قَالُوا۟
वो कहेंगे
qālū
अव्यय
لَا
नहीं है
संज्ञा
عِلْمَ
कोई इल्म
ʿil'ma
अव्यय
لَنَآ ۖ
हमें
lanā
अव्यय
إِنَّكَ
बेशक तू
innaka
सर्वनाम
أَنتَ
ही
anta
संज्ञा
عَلَّـٰمُ
ख़ूब जानने वाला
ʿallāmu
संज्ञा
ٱلْغُيُوبِ
ग़ैब (छिपी बातों) का
l-ghuyūbi
5:110
إِذْ قَالَ ٱللَّهُ يَـٰعِيسَى ٱبْنَ مَرْيَمَ ٱذْكُرْ نِعْمَتِى عَلَيْكَ وَعَلَىٰ وَٰلِدَتِكَ إِذْ أَيَّدتُّكَ بِرُوحِ ٱلْقُدُسِ تُكَلِّمُ ٱلنَّاسَ فِى ٱلْمَهْدِ وَكَهْلًۭا ۖ وَإِذْ عَلَّمْتُكَ ٱلْكِتَـٰبَ وَٱلْحِكْمَةَ وَٱلتَّوْرَىٰةَ وَٱلْإِنجِيلَ ۖ وَإِذْ تَخْلُقُ مِنَ ٱلطِّينِ كَهَيْـَٔةِ ٱلطَّيْرِ بِإِذْنِى فَتَنفُخُ فِيهَا فَتَكُونُ طَيْرًۢا بِإِذْنِى ۖ وَتُبْرِئُ ٱلْأَكْمَهَ وَٱلْأَبْرَصَ بِإِذْنِى ۖ وَإِذْ تُخْرِجُ ٱلْمَوْتَىٰ بِإِذْنِى ۖ وَإِذْ كَفَفْتُ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ عَنكَ إِذْ جِئْتَهُم بِٱلْبَيِّنَـٰتِ فَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ مِنْهُمْ إِنْ هَـٰذَآ إِلَّا سِحْرٌۭ مُّبِينٌۭ
idh qāla l-lahu yāʿīsā ib'na maryama udh'kur niʿ'matī ʿalayka waʿalā wālidatika idh ayyadttuka birūḥi l-qudusi tukallimu l-nāsa fī l-mahdi wakahlan wa-idh ʿallamtuka l-kitāba wal-ḥik'mata wal-tawrāta wal-injīla wa-idh takhluqu mina l-ṭīni kahayati l-ṭayri bi-idh'nī fatanfukhu fīhā fatakūnu ṭayran bi-idh'nī watub'ri-u l-akmaha wal-abraṣa bi-idh'nī wa-idh tukh'riju l-mawtā bi-idh'nī wa-idh kafaftu banī is'rāīla ʿanka idh ji'tahum bil-bayināti faqāla alladhīna kafarū min'hum in hādhā illā siḥ'run mubīnun
जब अल्लाह फ़रमाएगा: ऐ ईसा मरियम के बेटे! याद करो मेरा एहसान जो तुम पर और तुम्हारी माँ पर हुआ, जब मैंने रूह-उल-क़ुदुस (जिब्रील) से तुम्हारी मदद की, तुम लोगों से (गोद के) पालने में और बड़ी उम्र में बातें करते थे; और जब मैंने तुम्हें किताब और हिकमत और तौरेत और इंजील सिखाई; और जब तुम मेरे हुक्म से मिट्टी से परिंदे की सी मूरत बनाते, फिर उसमें फूँक मारते तो वो मेरे हुक्म से (सचमुच) परिंदा बन जाती; और तुम मेरे हुक्म से मादरज़ाद अंधे और कोढ़ी को अच्छा कर देते थे; और जब तुम मेरे हुक्म से मुर्दों को (ज़िंदा करके) निकालते थे; और जब मैंने बनी इसराइल को तुमसे रोक दिया जब तुम उनके पास खुली निशानियाँ लेकर आए तो उनमें से जो काफ़िर थे वो कहने लगे कि ये तो बस खुला जादू है।
अव्यय
إِذْ
जब
idh
क्रिया
قَالَ
कहेगा
qāla
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
संज्ञा
يَـٰعِيسَى
ऐ ईसा
yāʿīsā
संज्ञा
ٱبْنَ
बेटे
ib'na
संज्ञा
مَرْيَمَ
मरियम (के)
maryama
क्रिया
ٱذْكُرْ
याद करो
udh'kur
संज्ञा
نِعْمَتِى
मेरी नेमत (एहसान)
niʿ'matī
अव्यय
عَلَيْكَ
तुम पर
ʿalayka
अव्यय
وَعَلَىٰ
और पर
waʿalā
संज्ञा
وَٰلِدَتِكَ
तुम्हारी वालिदा (माँ)
wālidatika
अव्यय
إِذْ
जब
idh
क्रिया
أَيَّدتُّكَ
मैंने मदद की तुम्हारी
ayyadttuka
संज्ञा
بِرُوحِ
रूह
birūḥi
संज्ञा
ٱلْقُدُسِ
पाक (जिब्रील) से
l-qudusi
क्रिया
تُكَلِّمُ
तुम बात करते थे
tukallimu
संज्ञा
ٱلنَّاسَ
लोगों से
l-nāsa
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلْمَهْدِ
पालने (गोद)
l-mahdi
संज्ञा
وَكَهْلًۭا ۖ
और बड़ी उम्र में
wakahlan
अव्यय
وَإِذْ
और जब
wa-idh
क्रिया
عَلَّمْتُكَ
मैंने सिखाया तुम्हें
ʿallamtuka
संज्ञा
ٱلْكِتَـٰبَ
किताब (लिखना)
l-kitāba
संज्ञा
وَٱلْحِكْمَةَ
और हिकमत
wal-ḥik'mata
संज्ञा
وَٱلتَّوْرَىٰةَ
और तौरेत
wal-tawrāta
संज्ञा
وَٱلْإِنجِيلَ ۖ
और इंजील
wal-injīla
अव्यय
وَإِذْ
और जब
wa-idh
क्रिया
تَخْلُقُ
तुम बनाते थे
takhluqu
अव्यय
مِنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلطِّينِ
मिट्टी
l-ṭīni
संज्ञा
كَهَيْـَٔةِ
जैसी मूरत
kahayati
संज्ञा
ٱلطَّيْرِ
परिंदे
l-ṭayri
अव्यय
بِإِذْنِى
मेरे हुक्म से
bi-idh'nī
क्रिया
فَتَنفُخُ
फिर तुम फूँकते
fatanfukhu
अव्यय
فِيهَا
उसमें
fīhā
क्रिया
فَتَكُونُ
तो वो हो जाती
fatakūnu
संज्ञा
طَيْرًۢا
परिंदा
ṭayran
अव्यय
بِإِذْنِى ۖ
मेरे हुक्म से
bi-idh'nī
क्रिया
وَتُبْرِئُ
और तुम अच्छा (चंगा) करते
watub'ri-u
संज्ञा
ٱلْأَكْمَهَ
मादरज़ाद अंधे को
l-akmaha
संज्ञा
وَٱلْأَبْرَصَ
और कोढ़ी को
wal-abraṣa
अव्यय
بِإِذْنِى ۖ
मेरे हुक्म से
bi-idh'nī
अव्यय
وَإِذْ
और जब
wa-idh
क्रिया
تُخْرِجُ
तुम निकालते थे
tukh'riju
संज्ञा
ٱلْمَوْتَىٰ
मुर्दों को
l-mawtā
अव्यय
بِإِذْنِى ۖ
मेरे हुक्म से
bi-idh'nī
अव्यय
وَإِذْ
और जब
wa-idh
क्रिया
كَفَفْتُ
मैंने रोक दिया
kafaftu
संज्ञा
بَنِىٓ
बनी (औलाद)
banī
संज्ञा
إِسْرَٰٓءِيلَ
इसराइल को
is'rāīla
अव्यय
عَنكَ
तुमसे
ʿanka
अव्यय
إِذْ
जब
idh
क्रिया
جِئْتَهُم
तुम आए उनके पास
ji'tahum
संज्ञा
بِٱلْبَيِّنَـٰتِ
खुली दलीलें लेकर
bil-bayināti
क्रिया
فَقَالَ
तो कहा
faqāla
सर्वनाम
ٱلَّذِينَ
जिन्होंने
alladhīna
क्रिया
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
kafarū
अव्यय
مِنْهُمْ
उनमें से
min'hum
अव्यय
إِنْ
नहीं है
in
सर्वनाम
هَـٰذَآ
ये
hādhā
अव्यय
إِلَّا
मगर
illā
संज्ञा
سِحْرٌۭ
जादू
siḥ'run
संज्ञा
مُّبِينٌۭ
खुला
mubīnun
5:111
وَإِذْ أَوْحَيْتُ إِلَى ٱلْحَوَارِيِّـۧنَ أَنْ ءَامِنُوا۟ بِى وَبِرَسُولِى قَالُوٓا۟ ءَامَنَّا وَٱشْهَدْ بِأَنَّنَا مُسْلِمُونَ
wa-idh awḥaytu ilā l-ḥawāriyīna an āminū bī wabirasūlī qālū āmannā wa-ish'had bi-annanā mus'limūna
और जब मैंने हवारियों के दिल में डाला कि मुझ पर और मेरे रसूल पर ईमान लाओ, तो उन्होंने कहा: हम ईमान लाए और तू गवाह रह कि हम फ़रमाबरदार (मुस्लिम) हैं।
अव्यय
وَإِذْ
और जब
wa-idh
क्रिया
أَوْحَيْتُ
मैंने दिल में डाला (वही की)
awḥaytu
अव्यय
إِلَى
तरफ़
ilā
संज्ञा
ٱلْحَوَارِيِّـۧنَ
हवारियों (शिष्यों) के
l-ḥawāriyīna
अव्यय
أَنْ
कि
an
क्रिया
ءَامِنُوا۟
ईमान लाओ
āminū
अव्यय
بِى
मुझ पर
संज्ञा
وَبِرَسُولِى
और मेरे रसूल पर
wabirasūlī
क्रिया
قَالُوٓا۟
वो बोले
qālū
क्रिया
ءَامَنَّا
हम ईमान लाए
āmannā
क्रिया
وَٱشْهَدْ
और तू गवाह रह
wa-ish'had
अव्यय
بِأَنَّنَا
कि बेशक हम
bi-annanā
संज्ञा
مُسْلِمُونَ
फ़रमाबरदार (मुस्लिम) हैं
mus'limūna
5:112
إِذْ قَالَ ٱلْحَوَارِيُّونَ يَـٰعِيسَى ٱبْنَ مَرْيَمَ هَلْ يَسْتَطِيعُ رَبُّكَ أَن يُنَزِّلَ عَلَيْنَا مَآئِدَةًۭ مِّنَ ٱلسَّمَآءِ ۖ قَالَ ٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ
idh qāla l-ḥawāriyūna yāʿīsā ib'na maryama hal yastaṭīʿu rabbuka an yunazzila ʿalaynā māidatan mina l-samāi qāla ittaqū l-laha in kuntum mu'minīna
जब हवारियों ने कहा: ऐ ईसा मरियम के बेटे! क्या आपका रब ऐसा कर सकता है कि हम पर आसमान से खाने का ख़्वान (दस्तरख़्वान) उतारे? (ईसा ने) कहा: अल्लाह से डरो अगर तुम मोमिन हो।
अव्यय
إِذْ
जब
idh
क्रिया
قَالَ
कहा
qāla
संज्ञा
ٱلْحَوَارِيُّونَ
हवारियों ने
l-ḥawāriyūna
संज्ञा
يَـٰعِيسَى
ऐ ईसा
yāʿīsā
संज्ञा
ٱبْنَ
बेटे
ib'na
संज्ञा
مَرْيَمَ
मरियम (के)
maryama
अव्यय
هَلْ
क्या
hal
क्रिया
يَسْتَطِيعُ
इस्तिताअत (क़ुदरत) रखता है
yastaṭīʿu
संज्ञा
رَبُّكَ
आपका रब
rabbuka
अव्यय
أَن
कि
an
क्रिया
يُنَزِّلَ
उतारे
yunazzila
अव्यय
عَلَيْنَا
हम पर
ʿalaynā
संज्ञा
مَآئِدَةًۭ
खाने का ख़्वान
māidatan
अव्यय
مِّنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلسَّمَآءِ ۖ
आसमान
l-samāi
क्रिया
قَالَ
उसने कहा
qāla
क्रिया
ٱتَّقُوا۟
डरो
ittaqū
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह से
l-laha
अव्यय
إِن
अगर
in
क्रिया
كُنتُم
तुम हो
kuntum
संज्ञा
مُّؤْمِنِينَ
मोमिन (ईमान वाले)
mu'minīna
5:113
قَالُوا۟ نُرِيدُ أَن نَّأْكُلَ مِنْهَا وَتَطْمَئِنَّ قُلُوبُنَا وَنَعْلَمَ أَن قَدْ صَدَقْتَنَا وَنَكُونَ عَلَيْهَا مِنَ ٱلشَّـٰهِدِينَ
qālū nurīdu an nakula min'hā wataṭma-inna qulūbunā wanaʿlama an qad ṣadaqtanā wanakūna ʿalayhā mina l-shāhidīna
वो बोले: हम चाहते हैं कि इसमें से खाएँ और हमारे दिल मुतमइन (संतुष्ट) हो जाएँ, और हम जान लें कि आपने हमसे सच कहा है और हम इस पर गवाहों में से हो जाएँ।
क्रिया
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
क्रिया
نُرِيدُ
हम चाहते हैं
nurīdu
अव्यय
أَن
कि
an
क्रिया
نَّأْكُلَ
हम खाएँ
nakula
अव्यय
مِنْهَا
उसमें से
min'hā
क्रिया
وَتَطْمَئِنَّ
और मुतमइन हो जाएँ
wataṭma-inna
संज्ञा
قُلُوبُنَا
हमारे दिल
qulūbunā
क्रिया
وَنَعْلَمَ
और हम जान लें
wanaʿlama
अव्यय
أَن
कि
an
अव्यय
قَدْ
वाक़ई
qad
क्रिया
صَدَقْتَنَا
आपने हमसे सच कहा
ṣadaqtanā
क्रिया
وَنَكُونَ
और हम हो जाएँ
wanakūna
अव्यय
عَلَيْهَا
इस पर
ʿalayhā
अव्यय
مِنَ
में से
mina
संज्ञा
ٱلشَّـٰهِدِينَ
गवाहों
l-shāhidīna
5:114
قَالَ عِيسَى ٱبْنُ مَرْيَمَ ٱللَّهُمَّ رَبَّنَآ أَنزِلْ عَلَيْنَا مَآئِدَةًۭ مِّنَ ٱلسَّمَآءِ تَكُونُ لَنَا عِيدًۭا لِّأَوَّلِنَا وَءَاخِرِنَا وَءَايَةًۭ مِّنكَ ۖ وَٱرْزُقْنَا وَأَنتَ خَيْرُ ٱلرَّٰزِقِينَ
qāla ʿīsā ub'nu maryama l-lahuma rabbanā anzil ʿalaynā māidatan mina l-samāi takūnu lanā ʿīdan li-awwalinā waākhirinā waāyatan minka wa-ur'zuq'nā wa-anta khayru l-rāziqīna
ईसा मरियम के बेटे ने अर्ज़ किया: ऐ अल्लाह! ऐ हमारे रब! हम पर आसमान से खाने का एक ख़्वान (दस्तरख़्वान) उतार कि वो हमारे लिए (यानी) हमारे अव्वलों और पिछलों के लिए ईद (खुशी का दिन) हो और तेरी तरफ़ से एक निशानी; और हमें रिज़्क़ दे और तू ही सबसे बेहतर रिज़्क़ देने वाला है।
क्रिया
قَالَ
कहा
qāla
संज्ञा
عِيسَى
ईसा (ने)
ʿīsā
संज्ञा
ٱبْنُ
बेटे
ub'nu
संज्ञा
مَرْيَمَ
मरियम (के)
maryama
संज्ञा
ٱللَّهُمَّ
ऐ अल्लाह
l-lahuma
संज्ञा
رَبَّنَآ
हमारे रब
rabbanā
क्रिया
أَنزِلْ
नाज़िल फ़रमा (उतार)
anzil
अव्यय
عَلَيْنَا
हम पर
ʿalaynā
संज्ञा
مَآئِدَةًۭ
खाने का ख़्वान
māidatan
अव्यय
مِّنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلسَّمَآءِ
आसमान
l-samāi
क्रिया
تَكُونُ
वो हो जाए
takūnu
अव्यय
لَنَا
हमारे लिए
lanā
संज्ञा
عِيدًۭا
ईद (खुशी का दिन)
ʿīdan
संज्ञा
لِّأَوَّلِنَا
हमारे अगलों के लिए
li-awwalinā
संज्ञा
وَءَاخِرِنَا
और हमारे पिछलों के लिए
waākhirinā
संज्ञा
وَءَايَةًۭ
और एक निशानी
waāyatan
अव्यय
مِّنكَ ۖ
तेरी तरफ़ से
minka
क्रिया
وَٱرْزُقْنَا
और हमें रिज़्क़ दे
wa-ur'zuq'nā
सर्वनाम
وَأَنتَ
और तू
wa-anta
संज्ञा
خَيْرُ
सबसे बेहतर
khayru
संज्ञा
ٱلرَّٰزِقِينَ
रिज़्क़ देने वाला
l-rāziqīna
5:115
قَالَ ٱللَّهُ إِنِّى مُنَزِّلُهَا عَلَيْكُمْ ۖ فَمَن يَكْفُرْ بَعْدُ مِنكُمْ فَإِنِّىٓ أُعَذِّبُهُۥ عَذَابًۭا لَّآ أُعَذِّبُهُۥٓ أَحَدًۭا مِّنَ ٱلْعَـٰلَمِينَ
qāla l-lahu innī munazziluhā ʿalaykum faman yakfur baʿdu minkum fa-innī uʿadhibuhu ʿadhāban lā uʿadhibuhu aḥadan mina l-ʿālamīna
अल्लाह ने फ़रमाया: मैं वो तुम पर ज़रूर उतारूँगा, फिर उसके बाद तुम में से जो कुफ़्र (नाशुत्री) करेगा तो मैं उसे ऐसा अज़ाब दूँगा जो दुनिया जहान में किसी को न दूँगा।
क्रिया
قَالَ
फ़रमाया
qāla
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
अव्यय
إِنِّى
बेशक मैं
innī
संज्ञा
مُنَزِّلُهَا
उसे उतारने वाला हूँ
munazziluhā
अव्यय
عَلَيْكُمْ ۖ
तुम पर
ʿalaykum
अव्यय
فَمَن
तो जो कोई
faman
क्रिया
يَكْفُرْ
कुफ़्र करेगा
yakfur
संज्ञा
بَعْدُ
उसके बाद
baʿdu
अव्यय
مِنكُمْ
तुम में से
minkum
अव्यय
فَإِنِّىٓ
तो बेशक मैं
fa-innī
क्रिया
أُعَذِّبُهُۥ
सज़ा दूँगा उसे
uʿadhibuhu
संज्ञा
عَذَابًۭا
ऐसी सज़ा
ʿadhāban
अव्यय
لَّآ
(कि) नहीं
क्रिया
أُعَذِّبُهُۥٓ
सज़ा दूँगा वैसी
uʿadhibuhu
संज्ञा
أَحَدًۭا
किसी एक को भी
aḥadan
अव्यय
مِّنَ
में से
mina
संज्ञा
ٱلْعَـٰلَمِينَ
तमाम जहान वालों
l-ʿālamīna
5:116
وَإِذْ قَالَ ٱللَّهُ يَـٰعِيسَى ٱبْنَ مَرْيَمَ ءَأَنتَ قُلْتَ لِلنَّاسِ ٱتَّخِذُونِى وَأُمِّىَ إِلَـٰهَيْنِ مِن دُونِ ٱللَّهِ ۖ قَالَ سُبْحَـٰنَكَ مَا يَكُونُ لِىٓ أَنْ أَقُولَ مَا لَيْسَ لِى بِحَقٍّ ۚ إِن كُنتُ قُلْتُهُۥ فَقَدْ عَلِمْتَهُۥ ۚ تَعْلَمُ مَا فِى نَفْسِى وَلَآ أَعْلَمُ مَا فِى نَفْسِكَ ۚ إِنَّكَ أَنتَ عَلَّـٰمُ ٱلْغُيُوبِ
wa-idh qāla l-lahu yāʿīsā ib'na maryama a-anta qul'ta lilnnāsi ittakhidhūnī wa-ummiya ilāhayni min dūni l-lahi qāla sub'ḥānaka mā yakūnu lī an aqūla mā laysa lī biḥaqqin in kuntu qul'tuhu faqad ʿalim'tahu taʿlamu mā fī nafsī walā aʿlamu mā fī nafsika innaka anta ʿallāmu l-ghuyūbi
और जब अल्लाह फ़रमाएगा: ऐ ईसा मरियम के बेटे! क्या तुमने लोगों से कहा था कि अल्लाह के सिवा मुझे और मेरी माँ को दो माबूद (ईश्वर) बना लो? वो अर्ज़ करेंगे: तू पाक है! मुझे हक़ नहीं कि मैं वो बात कहूँ जो हक़ (सच) नहीं; अगर मैंने कहा होता तो तुझे ज़रूर मालूम होता; तू जानता है जो मेरे दिल में है और मैं नहीं जानता जो तेरे नफ़्स (ज़ात) में है; बेशक तू ही ग़ैब (छिपी बातों) को ख़ूब जानने वाला है।
अव्यय
وَإِذْ
और जब
wa-idh
क्रिया
قَالَ
फ़रमाएगा
qāla
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
संज्ञा
يَـٰعِيسَى
ऐ ईसा
yāʿīsā
संज्ञा
ٱبْنَ
बेटे
ib'na
संज्ञा
مَرْيَمَ
मरियम (के)
maryama
अव्यय
ءَأَنتَ
क्या तुमने
a-anta
क्रिया
قُلْتَ
कहा था
qul'ta
संज्ञा
لِلنَّاسِ
लोगों से
lilnnāsi
क्रिया
ٱتَّخِذُونِى
बना लो मुझे
ittakhidhūnī
संज्ञा
وَأُمِّىَ
और मेरी माँ को
wa-ummiya
संज्ञा
إِلَـٰهَيْنِ
दो माबूद (ईश्वर)
ilāhayni
अव्यय
مِن
सिवा/हटकर
min
संज्ञा
دُونِ
अलावा
dūni
संज्ञा
ٱللَّهِ ۖ
अल्लाह के
l-lahi
क्रिया
قَالَ
वो कहेगा
qāla
संज्ञा
سُبْحَـٰنَكَ
तू पाक है
sub'ḥānaka
अव्यय
مَا
नहीं
क्रिया
يَكُونُ
हो सकता
yakūnu
अव्यय
لِىٓ
मेरे लिए
अव्यय
أَنْ
कि
an
क्रिया
أَقُولَ
मैं कहूँ
aqūla
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
لَيْسَ
नहीं है
laysa
अव्यय
لِى
मुझे
संज्ञा
بِحَقٍّ ۚ
उसका हक़
biḥaqqin
अव्यय
إِن
अगर
in
क्रिया
كُنتُ
मैंने
kuntu
क्रिया
قُلْتُهُۥ
कहा होता उसे
qul'tuhu
अव्यय
فَقَدْ
तो यक़ीनन
faqad
क्रिया
عَلِمْتَهُۥ ۚ
तू उसे जानता
ʿalim'tahu
क्रिया
تَعْلَمُ
तू जानता है
taʿlamu
अव्यय
مَا
जो
अव्यय
فِى
में (है)
संज्ञा
نَفْسِى
मेरे दिल
nafsī
अव्यय
وَلَآ
और नहीं
walā
क्रिया
أَعْلَمُ
मैं जानता
aʿlamu
अव्यय
مَا
जो
अव्यय
فِى
में (है)
संज्ञा
نَفْسِكَ ۚ
तेरे नफ़्स (ज़ात)
nafsika
अव्यय
إِنَّكَ
बेशक तू
innaka
सर्वनाम
أَنتَ
ही
anta
संज्ञा
عَلَّـٰمُ
ख़ूब जानने वाला
ʿallāmu
संज्ञा
ٱلْغُيُوبِ
ग़ैब (छिपी बातों) को
l-ghuyūbi
5:117
مَا قُلْتُ لَهُمْ إِلَّا مَآ أَمَرْتَنِى بِهِۦٓ أَنِ ٱعْبُدُوا۟ ٱللَّهَ رَبِّى وَرَبَّكُمْ ۚ وَكُنتُ عَلَيْهِمْ شَهِيدًۭا مَّا دُمْتُ فِيهِمْ ۖ فَلَمَّا تَوَفَّيْتَنِى كُنتَ أَنتَ ٱلرَّقِيبَ عَلَيْهِمْ ۚ وَأَنتَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ شَهِيدٌ
mā qul'tu lahum illā mā amartanī bihi ani uʿ'budū l-laha rabbī warabbakum wakuntu ʿalayhim shahīdan mā dum'tu fīhim falammā tawaffaytanī kunta anta l-raqība ʿalayhim wa-anta ʿalā kulli shayin shahīdun
मैंने उनसे उसके सिवा कुछ नहीं कहा जिसका तूने मुझे हुक्म दिया था, वो ये कि अल्लाह की इबादत करो जो मेरा भी रब है और तुम्हारा भी रब है; और मैं उस वक़्त तक उन पर गवाह (निगराँ) था जब तक मैं उनमें रहा; फिर जब तूने मुझे उठा लिया तो तू ही उन पर निगराँ था, और तू हर चीज़ पर गवाह है।
अव्यय
مَا
नहीं
क्रिया
قُلْتُ
मैंने कहा
qul'tu
अव्यय
لَهُمْ
उनसे
lahum
अव्यय
إِلَّا
सिवाए
illā
अव्यय
مَآ
उसके जो
क्रिया
أَمَرْتَنِى
तूने हुक्म दिया मुझे
amartanī
अव्यय
بِهِۦٓ
जिसका
bihi
अव्यय
أَنِ
कि
ani
क्रिया
ٱعْبُدُوا۟
तुम इबादत करो
uʿ'budū
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह की
l-laha
संज्ञा
رَبِّى
(जो) मेरा रब है
rabbī
संज्ञा
وَرَبَّكُمْ ۚ
और तुम्हारा रब
warabbakum
क्रिया
وَكُنتُ
और मैं था
wakuntu
अव्यय
عَلَيْهِمْ
उन पर
ʿalayhim
संज्ञा
شَهِيدًۭا
गवाह (निगराँ)
shahīdan
अव्यय
مَّا
जब तक
क्रिया
دُمْتُ
मैं रहा
dum'tu
अव्यय
فِيهِمْ ۖ
उनमें
fīhim
अव्यय
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
क्रिया
تَوَفَّيْتَنِى
तूने मुझे उठा लिया
tawaffaytanī
क्रिया
كُنتَ
तू था
kunta
सर्वनाम
أَنتَ
ही
anta
संज्ञा
ٱلرَّقِيبَ
निगराँ (खबरदार)
l-raqība
अव्यय
عَلَيْهِمْ ۚ
उन पर
ʿalayhim
सर्वनाम
وَأَنتَ
और तू
wa-anta
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
كُلِّ
हर
kulli
संज्ञा
شَىْءٍۢ
चीज़
shayin
संज्ञा
شَهِيدٌ
गवाह
shahīdun
5:118
إِن تُعَذِّبْهُمْ فَإِنَّهُمْ عِبَادُكَ ۖ وَإِن تَغْفِرْ لَهُمْ فَإِنَّكَ أَنتَ ٱلْعَزِيزُ ٱلْحَكِيمُ
in tuʿadhib'hum fa-innahum ʿibāduka wa-in taghfir lahum fa-innaka anta l-ʿazīzu l-ḥakīmu
अगर तू उन्हें अज़ाब दे तो वो तेरे बंदे हैं, और अगर तू उन्हें माफ़ कर दे तो बेशक तू ही ज़बरदस्त, हिकमत वाला है।
अव्यय
إِن
अगर
in
क्रिया
تُعَذِّبْهُمْ
तू उन्हें सज़ा दे
tuʿadhib'hum
अव्यय
فَإِنَّهُمْ
तो बेशक वो
fa-innahum
संज्ञा
عِبَادُكَ ۖ
तेरे बंदे हैं
ʿibāduka
अव्यय
وَإِن
और अगर
wa-in
क्रिया
تَغْفِرْ
तू माफ़ कर दे
taghfir
अव्यय
لَهُمْ
उन्हें
lahum
अव्यय
فَإِنَّكَ
तो बेशक तू
fa-innaka
सर्वनाम
أَنتَ
ही
anta
संज्ञा
ٱلْعَزِيزُ
ज़बरदस्त (ग़ालिब)
l-ʿazīzu
संज्ञा
ٱلْحَكِيمُ
हिकमत वाला
l-ḥakīmu
5:119
قَالَ ٱللَّهُ هَـٰذَا يَوْمُ يَنفَعُ ٱلصَّـٰدِقِينَ صِدْقُهُمْ ۚ لَهُمْ جَنَّـٰتٌۭ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ خَـٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدًۭا ۚ رَّضِىَ ٱللَّهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا۟ عَنْهُ ۚ ذَٰلِكَ ٱلْفَوْزُ ٱلْعَظِيمُ
qāla l-lahu hādhā yawmu yanfaʿu l-ṣādiqīna ṣid'quhum lahum jannātun tajrī min taḥtihā l-anhāru khālidīna fīhā abadan raḍiya l-lahu ʿanhum waraḍū ʿanhu dhālika l-fawzu l-ʿaẓīmu
अल्लाह इरशाद फ़रमाएगा: ये वो दिन है जिसमें सच्चों को उनका सच नफ़ा देगा; उनके लिए (ऐसे) बाग़ हैं जिनके नीचे नहरें बहती हैं, वो इनमें हमेशा रहेंगे; अल्लाह उनसे राज़ी हुआ और वो उससे राज़ी हुए; यही बड़ी कामयाबी है।
क्रिया
قَالَ
कहेगा
qāla
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
सर्वनाम
هَـٰذَا
ये
hādhā
संज्ञा
يَوْمُ
दिन है
yawmu
क्रिया
يَنفَعُ
नफ़ा देगा
yanfaʿu
संज्ञा
ٱلصَّـٰدِقِينَ
सच्चों को
l-ṣādiqīna
संज्ञा
صِدْقُهُمْ ۚ
उनका सच
ṣid'quhum
अव्यय
لَهُمْ
उनके लिए
lahum
संज्ञा
جَنَّـٰتٌۭ
बाग़ (जन्नतें) हैं
jannātun
क्रिया
تَجْرِى
बहती हैं
tajrī
अव्यय
مِن
(से)
min
संज्ञा
تَحْتِهَا
उनके नीचे
taḥtihā
संज्ञा
ٱلْأَنْهَـٰرُ
नहरें
l-anhāru
संज्ञा
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहेंगे
khālidīna
अव्यय
فِيهَآ
उनमें
fīhā
संज्ञा
أَبَدًۭا ۚ
हमेशा (अबद तक)
abadan
क्रिया
رَّضِىَ
राज़ी हुआ
raḍiya
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
अव्यय
عَنْهُمْ
उनसे
ʿanhum
क्रिया
وَرَضُوا۟
और वो राज़ी हुए
waraḍū
अव्यय
عَنْهُ ۚ
उससे
ʿanhu
सर्वनाम
ذَٰلِكَ
यही
dhālika
संज्ञा
ٱلْفَوْزُ
कामयाबी है
l-fawzu
संज्ञा
ٱلْعَظِيمُ
बड़ी (अज़ीम)
l-ʿaẓīmu
5:120
لِلَّهِ مُلْكُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا فِيهِنَّ ۚ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ قَدِيرٌۢ
lillahi mul'ku l-samāwāti wal-arḍi wamā fīhinna wahuwa ʿalā kulli shayin qadīrun
आसमानों और ज़मीन और जो कुछ उनमें है, सब पर अल्लाह ही की बादशाही है, और वो हर चीज़ पर क़ुदरत रखने वाला है।
अव्यय
لِلَّهِ
अल्लाह ही के लिए है
lillahi
संज्ञा
مُلْكُ
बादशाही
mul'ku
संज्ञा
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ
आसमानों
l-samāwāti
संज्ञा
وَٱلْأَرْضِ
और ज़मीन की
wal-arḍi
अव्यय
وَمَا
और जो कुछ
wamā
अव्यय
فِيهِنَّ ۚ
इनमें है
fīhinna
सर्वनाम
وَهُوَ
और वो
wahuwa
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
كُلِّ
हर
kulli
संज्ञा
شَىْءٍۢ
चीज़
shayin
संज्ञा
قَدِيرٌۢ
क़ुदरत रखने वाला
qadīrun

समापन प्रार्थना (दुआ)

या अल्लाह, हम तेरा शुक्र अदा करते हैं कि तूने हमें सूरह अल-माइदा शब्द-दर-शब्द पूरा करने का सौभाग्य दिया। हमें उन लोगों में बना जो अपने वादों और कसमों को पूरा करते हैं।

ऐ हमारे रब, हमें हलाल रिज़्क (आजीविका) अता कर और हराम से बचा। जैसा कि तूने इस सूरह में दीन को मुकम्मल करने की खुशखबरी दी है, हमें इस्लाम पर मज़बूती से कायम रख और हमें सच्चाई का गवाह बना।

इस शब्द-दर-शब्द अध्ययन को हमारे लिए हिदायत का नूर बना और कयामत के दिन हमें नबियों और सिद्दीकों का साथ नसीब फरमा। आमीन।

Image showing Quran and Surah Maidah Written On ItSurah Maidah (Verses 51-100) Word by Word Hindi
Image showing Quran and Surah Anam Written On ItSurah Anam Word by Word Hindi | शब्द-दर-शब्द अनुवाद (Lafzi Tarjuma)

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