सूरह अन-नह्ल शब्द-दर-शब्द हिंदी | रंगकोडित व्याकरण कार्ड, अनुवाद और तजवीद

इस उन्नत अध्ययन मार्गदर्शिका के साथ हिंदी में सूरह अन-नह्ल (अध्याय 16) का शब्द-दर-शब्द अनुभव करें, जिसे समझ को गहरा करने और तिलावत (पाठ) को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस पृष्ठ में अद्वितीय रंग-कोडित व्याकरण कार्ड हैं, जो पाठकों को अरबी पाठ की स्पष्ट समझ के लिए संज्ञा, क्रिया और अव्यय के बीच दृष्टिगत रूप से अंतर करने में सक्षम बनाते हैं। सटीक उच्चारण के लिए स्पष्ट लिप्यंतरण के साथ, यह संसाधन सुनिश्चित करता है कि हर आयत को उचित तजवीद के साथ पढ़ा जाए। नमाज़ में एकाग्रता बढ़ाने के लिए आदर्श, यह संवादात्मक उपकरण अध्याय 16 के अर्थों को स्पष्ट करता है, जो ईश्वर की अनगिनत नेमतों (आशीर्वादों) और कृतज्ञता के ईश्वरीय संदेश से सीधे जोड़ता है।

In the name of God
संज्ञा
क्रिया
अव्यय
16:1
أَتَىٰٓ أَمْرُ ٱللَّهِ فَلَا تَسْتَعْجِلُوهُ ۚ سُبْحَـٰنَهُۥ وَتَعَـٰلَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ
atā amru l-lahi falā tastaʿjilūhu sub'ḥānahu wataʿālā ʿammā yush'rikūna
अल्लाह का आदेश आ गया, अतः उसके जल्द आने की माँग न करो। वह पवित्र है और सर्वोच्च है उससे जो वे शरीक ठहराते हैं।
क्रिया
أَتَىٰٓ
आ गया
atā
संज्ञा
أَمْرُ
आदेश
amru
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह का
l-lahi
अव्यय
فَلَا
तो न
falā
क्रिया
تَسْتَعْجِلُوهُ ۚ
तुम उसकी जल्दी मचाओ
tastaʿjilūhu
संज्ञा
سُبْحَـٰنَهُۥ
वह पवित्र है
sub'ḥānahu
क्रिया
وَتَعَـٰلَىٰ
और सर्वोच्च है
wataʿālā
अव्यय
عَمَّا
उससे जो
ʿammā
क्रिया
يُشْرِكُونَ
वे शरीक ठहराते हैं
yush'rikūna
16:2
يُنَزِّلُ ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ بِٱلرُّوحِ مِنْ أَمْرِهِۦ عَلَىٰ مَن يَشَآءُ مِنْ عِبَادِهِۦٓ أَنْ أَنذِرُوٓا۟ أَنَّهُۥ لَآ إِلَـٰهَ إِلَّآ أَنَا۠ فَٱتَّقُونِ
yunazzilu l-malāikata bil-rūḥi min amrihi ʿalā man yashāu min ʿibādihi an andhirū annahu lā ilāha illā anā fa-ittaqūni
वह फ़रिश्तों को वह़्य के साथ, अपने आदेश से, अपने बंदों में से जिस पर चाहता है, उतारता है कि (लोगों को) सावधान कर दो कि मेरे सिवा कोई (सत्य) पूज्य नहीं, अतः मुझ ही से डरो।
क्रिया
يُنَزِّلُ
वह उतारता है
yunazzilu
संज्ञा
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ
फ़रिश्तों को
l-malāikata
संज्ञा
بِٱلرُّوحِ
रूह (वह्य) के साथ
bil-rūḥi
अव्यय
مِنْ
से
min
संज्ञा
أَمْرِهِۦ
अपने आदेश
amrihi
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
مَن
जिसे
man
क्रिया
يَشَآءُ
वह चाहता है
yashāu
अव्यय
مِنْ
से
min
संज्ञा
عِبَادِهِۦٓ
अपने बंदों
ʿibādihi
अव्यय
أَنْ
कि
an
क्रिया
أَنذِرُوٓا۟
सावधान कर दो
andhirū
अव्यय
أَنَّهُۥ
कि वह
annahu
अव्यय
لَآ
नहीं
संज्ञा
إِلَـٰهَ
कोई पूज्य
ilāha
अव्यय
إِلَّآ
सिवा
illā
सर्वनाम
أَنَا۠
मेरे
anā
क्रिया
فَٱتَّقُونِ
अतः मुझ ही से डरो
fa-ittaqūni
16:3
خَلَقَ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ بِٱلْحَقِّ ۚ تَعَـٰلَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ
khalaqa l-samāwāti wal-arḍa bil-ḥaqi taʿālā ʿammā yush'rikūna
उसी ने आकाशों तथा धरती को सत्य के साथ पैदा किया। वह उससे उच्च है, जिसे वे उसका साझी बनाते हैं।
क्रिया
خَلَقَ
उसने पैदा किया
khalaqa
संज्ञा
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ
आकाशों को
l-samāwāti
संज्ञा
وَٱلْأَرْضَ
और धरती को
wal-arḍa
संज्ञा
بِٱلْحَقِّ ۚ
सत्य के साथ
bil-ḥaqi
क्रिया
تَعَـٰلَىٰ
वह उच्च है
taʿālā
अव्यय
عَمَّا
उससे जो
ʿammā
क्रिया
يُشْرِكُونَ
वे शरीक ठहराते हैं
yush'rikūna
16:4
خَلَقَ ٱلْإِنسَـٰنَ مِن نُّطْفَةٍۢ فَإِذَا هُوَ خَصِيمٌۭ مُّبِينٌۭ
khalaqa l-insāna min nuṭ'fatin fa-idhā huwa khaṣīmun mubīnun
उसने मनुष्य को एक बूँद वीर्य से पैदा किया, फिर अकस्मात् वह खुला झगड़ालू बन गया।
क्रिया
خَلَقَ
उसने पैदा किया
khalaqa
संज्ञा
ٱلْإِنسَـٰنَ
मनुष्य को
l-insāna
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
نُّطْفَةٍۢ
एक बूँद वीर्य
nuṭ'fatin
अव्यय
فَإِذَا
फिर अकस्मात्
fa-idhā
सर्वनाम
هُوَ
वह
huwa
संज्ञा
خَصِيمٌۭ
झगड़ालू
khaṣīmun
संज्ञा
مُّبِينٌۭ
खुला
mubīnun
16:5
وَٱلْأَنْعَـٰمَ خَلَقَهَا ۗ لَكُمْ فِيهَا دِفْءٌۭ وَمَنَـٰفِعُ وَمِنْهَا تَأْكُلُونَ
wal-anʿāma khalaqahā lakum fīhā dif'on wamanāfiʿu wamin'hā takulūna
तथा उसने चौपायों को पैदा किया, जिनमें तुम्हारे लिए गर्मी प्राप्त करने का सामान और बहुत-से लाभ हैं और उन्हीं में से तुम खाते हो।
संज्ञा
وَٱلْأَنْعَـٰمَ
और चौपायों को
wal-anʿāma
क्रिया
خَلَقَهَا ۗ
उसने पैदा किया
khalaqahā
अव्यय
لَكُمْ
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
فِيهَا
उनमें
fīhā
संज्ञा
دِفْءٌۭ
गर्मी का सामान
dif'on
संज्ञा
وَمَنَـٰفِعُ
और लाभ
wamanāfiʿu
अव्यय
وَمِنْهَا
और उन्हीं में से
wamin'hā
क्रिया
تَأْكُلُونَ
तुम खाते हो
takulūna
16:6
وَلَكُمْ فِيهَا جَمَالٌ حِينَ تُرِيحُونَ وَحِينَ تَسْرَحُونَ
walakum fīhā jamālun ḥīna turīḥūna waḥīna tasraḥūna
और तुम्हारे लिए उनमें एक शोभा है, जब तुम उन्हें शाम को लाते हो तथा जब चराने ले जाते हो।
अव्यय
وَلَكُمْ
और तुम्हारे लिए
walakum
अव्यय
فِيهَا
उनमें
fīhā
संज्ञा
جَمَالٌ
एक शोभा है
jamālun
संज्ञा
حِينَ
जब
ḥīna
क्रिया
تُرِيحُونَ
तुम लाते हो
turīḥūna
संज्ञा
وَحِينَ
और जब
waḥīna
क्रिया
تَسْرَحُونَ
तुम ले जाते हो
tasraḥūna
16:7
وَتَحْمِلُ أَثْقَالَكُمْ إِلَىٰ بَلَدٍۢ لَّمْ تَكُونُوا۟ بَـٰلِغِيهِ إِلَّا بِشِقِّ ٱلْأَنفُسِ ۚ إِنَّ رَبَّكُمْ لَرَءُوفٌۭ رَّحِيمٌۭ
wataḥmilu athqālakum ilā baladin lam takūnū bālighīhi illā bishiqqi l-anfusi inna rabbakum laraūfun raḥīmun
और वे तुम्हारे बोझ, उस नगर तक लादकर ले जाते हैं, जहाँ तक तुम बिना कठोर परिश्रम के कभी पहुँचने वाले न थे। निःसंदेह तुम्हारा पालनहार अति करुणामय, अत्यंत दयावान् है।
क्रिया
وَتَحْمِلُ
और वे ले जाते हैं
wataḥmilu
संज्ञा
أَثْقَالَكُمْ
तुम्हारे बोझ
athqālakum
अव्यय
إِلَىٰ
तक
ilā
संज्ञा
بَلَدٍۢ
एक नगर
baladin
अव्यय
لَّمْ
lam
क्रिया
تَكُونُوا۟
तुम थे
takūnū
संज्ञा
بَـٰلِغِيهِ
वहाँ पहुँचने वाले
bālighīhi
अव्यय
إِلَّا
सिवाय
illā
संज्ञा
بِشِقِّ
कठोर परिश्रम के
bishiqqi
संज्ञा
ٱلْأَنفُسِ ۚ
प्राणों के
l-anfusi
अव्यय
إِنَّ
निस्संदेह
inna
संज्ञा
رَبَّكُمْ
तुम्हारा रब
rabbakum
संज्ञा
لَرَءُوفٌۭ
अति करुणामय
laraūfun
संज्ञा
رَّحِيمٌۭ
दयावान् है
raḥīmun
16:8
وَٱلْخَيْلَ وَٱلْبِغَالَ وَٱلْحَمِيرَ لِتَرْكَبُوهَا وَزِينَةًۭ ۚ وَيَخْلُقُ مَا لَا تَعْلَمُونَ
wal-khayla wal-bighāla wal-ḥamīra litarkabūhā wazīnatan wayakhluqu mā lā taʿlamūna
तथा घोड़े, खच्चर और गधे पैदा किए, ताकि तुम उनपर सवार हो और शोभा के लिए। तथा वह (अल्लाह) ऐसी चीज़ें पैदा करता है, जो तुम नहीं जानते।
संज्ञा
وَٱلْخَيْلَ
और घोड़े
wal-khayla
संज्ञा
وَٱلْبِغَالَ
और खच्चर
wal-bighāla
संज्ञा
وَٱلْحَمِيرَ
और गधे
wal-ḥamīra
क्रिया
لِتَرْكَبُوهَا
ताकि तुम उन पर सवार हो
litarkabūhā
संज्ञा
وَزِينَةًۭ ۚ
और शोभा के लिए
wazīnatan
क्रिया
وَيَخْلُقُ
और वह पैदा करता है
wayakhluqu
अव्यय
مَا
जो
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
تَعْلَمُونَ
तुम जानते
taʿlamūna
16:9
وَعَلَى ٱللَّهِ قَصْدُ ٱلسَّبِيلِ وَمِنْهَا جَآئِرٌۭ ۚ وَلَوْ شَآءَ لَهَدَىٰكُمْ أَجْمَعِينَ
waʿalā l-lahi qaṣdu l-sabīli wamin'hā jāirun walaw shāa lahadākum ajmaʿīna
और अल्लाह पर ही सीधा मार्ग (पहुँचाना) है तथा कुछ मार्ग टेढ़े भी हैं और यदि वह चाहता, तो तुम सबको सीधी राह पर लगा देता।
अव्यय
وَعَلَى
और पर
waʿalā
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह
l-lahi
संज्ञा
قَصْدُ
सीधा
qaṣdu
संज्ञा
ٱلسَّبِيلِ
मार्ग
l-sabīli
अव्यय
وَمِنْهَا
और उनमें से कुछ
wamin'hā
संज्ञा
جَآئِرٌۭ ۚ
टेढ़े हैं
jāirun
अव्यय
وَلَوْ
और यदि
walaw
क्रिया
شَآءَ
वह चाहता
shāa
क्रिया
لَهَدَىٰكُمْ
तो वह तुम्हें सीधा मार्ग दिखाता
lahadākum
संज्ञा
أَجْمَعِينَ
सबको
ajmaʿīna
16:10
هُوَ ٱلَّذِىٓ أَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءًۭ ۖ لَّكُم مِّنْهُ شَرَابٌۭ وَمِنْهُ شَجَرٌۭ فِيهِ تُسِيمُونَ
huwa alladhī anzala mina l-samāi māan lakum min'hu sharābun wamin'hu shajarun fīhi tusīmūna
वही है, जिसने आकाश से जल बरसाया, जिससे तुम्हारे लिए पेय है तथा उसी से वृक्ष होते हैं, जिनमें तुम (अपने पशु) चराते हो।
सर्वनाम
هُوَ
वही है
huwa
संज्ञा
ٱلَّذِىٓ
जिसने
alladhī
क्रिया
أَنزَلَ
उतारा
anzala
अव्यय
مِنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلسَّمَآءِ
आकाश
l-samāi
संज्ञा
مَآءًۭ ۖ
जल
māan
अव्यय
لَّكُم
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
مِّنْهُ
उससे
min'hu
संज्ञा
شَرَابٌۭ
पेय है
sharābun
अव्यय
وَمِنْهُ
और उसी से
wamin'hu
संज्ञा
شَجَرٌۭ
वृक्ष हैं
shajarun
अव्यय
فِيهِ
जिनमें
fīhi
क्रिया
تُسِيمُونَ
तुम चराते हो
tusīmūna
16:11
يُنۢبِتُ لَكُم بِهِ ٱلزَّرْعَ وَٱلزَّيْتُونَ وَٱلنَّخِيلَ وَٱلْأَعْنَـٰبَ وَمِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِ ۗ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَةًۭ لِّقَوْمٍۢ يَتَفَكَّرُونَ
yunbitu lakum bihi l-zarʿa wal-zaytūna wal-nakhīla wal-aʿnāba wamin kulli l-thamarāti inna fī dhālika laāyatan liqawmin yatafakkarūna
वह तुम्हारे लिए उससे खेती तथा ज़ैतून और खजूर तथा अंगूर और प्रत्येक फलों से उगाता है। वास्तव में, इसमें उन लोगों के लिए एक निशानी है, जो सोच-विचार करते हैं।
क्रिया
يُنۢبِتُ
वह उगाता है
yunbitu
अव्यय
لَكُم
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
بِهِ
उससे
bihi
संज्ञा
ٱلزَّرْعَ
खेती
l-zarʿa
संज्ञा
وَٱلزَّيْتُونَ
और ज़ैतून
wal-zaytūna
संज्ञा
وَٱلنَّخِيلَ
और खजूर
wal-nakhīla
संज्ञा
وَٱلْأَعْنَـٰبَ
और अंगूर
wal-aʿnāba
अव्यय
وَمِن
और से
wamin
संज्ञा
كُلِّ
प्रत्येक
kulli
संज्ञा
ٱلثَّمَرَٰتِ ۗ
फलों
l-thamarāti
अव्यय
إِنَّ
वास्तव में
inna
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ذَٰلِكَ
इसमें
dhālika
संज्ञा
لَـَٔايَةًۭ
एक निशानी है
laāyatan
संज्ञा
لِّقَوْمٍۢ
उन लोगों के लिए
liqawmin
क्रिया
يَتَفَكَّرُونَ
जो सोच-विचार करते हैं
yatafakkarūna
16:12
وَسَخَّرَ لَكُمُ ٱلَّيْلَ وَٱلنَّهَارَ وَٱلشَّمْسَ وَٱلْقَمَرَ ۖ وَٱلنُّجُومُ مُسَخَّرَٰتٌۢ بِأَمْرِهِۦٓ ۗ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَـٰتٍۢ لِّقَوْمٍۢ يَعْقِلُونَ
wasakhara lakumu al-layla wal-nahāra wal-shamsa wal-qamara wal-nujūmu musakharātun bi-amrihi inna fī dhālika laāyātin liqawmin yaʿqilūna
और उसने तुम्हारे लिए रात और दिन तथा सूर्य और चाँद को काम में लगा रखा है तथा तारे भी उसी के आदेश से काम में लगे हुए हैं। निश्चय इसमें उन लोगों के लिए निशानियाँ हैं, जो बुद्धि से काम लेते हैं।
क्रिया
وَسَخَّرَ
और उसने काम में लगा रखा है
wasakhara
अव्यय
لَكُمُ
तुम्हारे लिए
lakumu
संज्ञा
ٱلَّيْلَ
रात को
al-layla
संज्ञा
وَٱلنَّهَارَ
और दिन को
wal-nahāra
संज्ञा
وَٱلشَّمْسَ
और सूर्य को
wal-shamsa
संज्ञा
وَٱلْقَمَرَ ۖ
और चाँद को
wal-qamara
संज्ञा
وَٱلنُّجُومُ
और तारे
wal-nujūmu
संज्ञा
مُسَخَّرَٰتٌۢ
काम में लगे हुए हैं
musakharātun
संज्ञा
بِأَمْرِهِۦٓ ۗ
उसके आदेश से
bi-amrihi
अव्यय
إِنَّ
निश्चय
inna
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ذَٰلِكَ
इसमें
dhālika
संज्ञा
لَـَٔايَـٰتٍۢ
निशानियाँ हैं
laāyātin
संज्ञा
لِّقَوْمٍۢ
उन लोगों के लिए
liqawmin
क्रिया
يَعْقِلُونَ
जो बुद्धि से काम लेते हैं
yaʿqilūna
16:13
وَمَا ذَرَأَ لَكُمْ فِى ٱلْأَرْضِ مُخْتَلِفًا أَلْوَٰنُهُۥٓ ۗ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَةًۭ لِّقَوْمٍۢ يَذَّكَّرُونَ
wamā dhara-a lakum fī l-arḍi mukh'talifan alwānuhu inna fī dhālika laāyatan liqawmin yadhakkarūna
और उसने तुम्हारे लिए धरती में जो विभिन्न रंगों की चीज़ें पैदा की हैं, वास्तव में उसमें उन लोगों के लिए एक निशानी है जो शिक्षा ग्रहण करते हैं।
अव्यय
وَمَا
और जो
wamā
क्रिया
ذَرَأَ
उसने पैदा किया
dhara-a
अव्यय
لَكُمْ
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلْأَرْضِ
धरती
l-arḍi
संज्ञा
مُخْتَلِفًا
विभिन्न
mukh'talifan
संज्ञा
أَلْوَٰنُهُۥٓ ۗ
रंगों की
alwānuhu
अव्यय
إِنَّ
वास्तव में
inna
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ذَٰلِكَ
उसमें
dhālika
संज्ञा
لَـَٔايَةًۭ
एक निशानी है
laāyatan
संज्ञा
لِّقَوْمٍۢ
उन लोगों के लिए
liqawmin
क्रिया
يَذَّكَّرُونَ
जो शिक्षा ग्रहण करते हैं
yadhakkarūna
16:14
وَهُوَ ٱلَّذِى سَخَّرَ ٱلْبَحْرَ لِتَأْكُلُوا۟ مِنْهُ لَحْمًۭا طَرِيًّۭا وَتَسْتَخْرِجُوا۟ مِنْهُ حِلْيَةًۭ تَلْبَسُونَهَا وَتَرَى ٱلْفُلْكَ مَوَاخِرَ فِيهِ وَلِتَبْتَغُوا۟ مِن فَضْلِهِۦ وَلَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ
wahuwa alladhī sakhara l-baḥra litakulū min'hu laḥman ṭariyyan watastakhrijū min'hu ḥil'yatan talbasūnahā watarā l-ful'ka mawākhira fīhi walitabtaghū min faḍlihi walaʿallakum tashkurūna
और वही है जिसने समुद्र को वश में किया, ताकि तुम उससे ताज़ा मांस खाओ तथा उससे आभूषण निकालो, जिसे तुम पहनते हो। और तुम नावों को देखते हो कि उसमें (पानी को) फाड़ती चली जाती हैं, और ताकि तुम उसका अनुग्रह खोजो तथा ताकि तुम कृतज्ञ बनो।
सर्वनाम
وَهُوَ
और वही है
wahuwa
संज्ञा
ٱلَّذِى
जिसने
alladhī
क्रिया
سَخَّرَ
वश में किया
sakhara
संज्ञा
ٱلْبَحْرَ
समुद्र को
l-baḥra
क्रिया
لِتَأْكُلُوا۟
ताकि तुम खाओ
litakulū
अव्यय
مِنْهُ
उससे
min'hu
संज्ञा
لَحْمًۭا
मांस
laḥman
संज्ञा
طَرِيًّۭا
ताज़ा
ṭariyyan
क्रिया
وَتَسْتَخْرِجُوا۟
और तुम निकालो
watastakhrijū
अव्यय
مِنْهُ
उससे
min'hu
संज्ञा
حِلْيَةًۭ
आभूषण
ḥil'yatan
क्रिया
تَلْبَسُونَهَا
तुम उसे पहनो
talbasūnahā
क्रिया
وَتَرَى
और तुम देखते हो
watarā
संज्ञा
ٱلْفُلْكَ
नावों को
l-ful'ka
संज्ञा
مَوَاخِرَ
फाड़ती हुई
mawākhira
अव्यय
فِيهِ
उसमें
fīhi
क्रिया
وَلِتَبْتَغُوا۟
और ताकि तुम खोजो
walitabtaghū
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
فَضْلِهِۦ
उसका अनुग्रह
faḍlihi
अव्यय
وَلَعَلَّكُمْ
और ताकि तुम
walaʿallakum
क्रिया
تَشْكُرُونَ
कृतज्ञ बनो
tashkurūna
16:15
وَأَلْقَىٰ فِى ٱلْأَرْضِ رَوَٰسِىَ أَن تَمِيدَ بِكُمْ وَأَنْهَـٰرًۭا وَسُبُلًۭا لَّعَلَّكُمْ تَهْتَدُونَ
wa-alqā fī l-arḍi rawāsiya an tamīda bikum wa-anhāran wasubulan laʿallakum tahtadūna
और उसने धरती में भारी पर्वत गाड़ दिये, ताकि वह तुम्हें लेकर झुक न जाये, और नदियाँ तथा मार्ग बनाये, ताकि तुम राह पाओ।
क्रिया
وَأَلْقَىٰ
और उसने डाल दिए
wa-alqā
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلْأَرْضِ
धरती
l-arḍi
संज्ञा
رَوَٰسِىَ
पहाड़
rawāsiya
अव्यय
أَن
कि कहीं
an
क्रिया
تَمِيدَ
वह झुक न जाए
tamīda
अव्यय
بِكُمْ
तुम्हें लेकर
bikum
संज्ञा
وَأَنْهَـٰرًۭا
और नदियाँ
wa-anhāran
संज्ञा
وَسُبُلًۭا
और मार्ग
wasubulan
अव्यय
لَّعَلَّكُمْ
ताकि तुम
laʿallakum
क्रिया
تَهْتَدُونَ
मार्ग पाओ
tahtadūna
16:16
وَعَلَـٰمَـٰتٍۢ ۚ وَبِٱلنَّجْمِ هُمْ يَهْتَدُونَ
waʿalāmātin wabil-najmi hum yahtadūna
और उसने कितनी ही निशानियाँ बनाईं और सितारों से भी लोग रास्ता मालूम करते हैं।
संज्ञा
وَعَلَـٰمَـٰتٍۢ ۚ
और निशानियाँ
waʿalāmātin
संज्ञा
وَبِٱلنَّجْمِ
और सितारों से
wabil-najmi
सर्वनाम
هُمْ
वे
hum
क्रिया
يَهْتَدُونَ
मार्ग पाते हैं
yahtadūna
16:17
أَفَمَن يَخْلُقُ كَمَن لَّا يَخْلُقُ ۗ أَفَلَا تَذَكَّرُونَ
afaman yakhluqu kaman lā yakhluqu afalā tadhakkarūna
तो क्या वह जो पैदा करता है, उसके समान है जो पैदा नहीं करता? क्या तुम शिक्षा नहीं लेते?
अव्यय
أَفَمَن
तो क्या वह जो
afaman
क्रिया
يَخْلُقُ
पैदा करता है
yakhluqu
अव्यय
كَمَن
उसकी तरह है जो
kaman
अव्यय
لَّا
नहीं
क्रिया
يَخْلُقُ ۗ
पैदा करता
yakhluqu
अव्यय
أَفَلَا
तो क्या तुम नहीं
afalā
क्रिया
تَذَكَّرُونَ
शिक्षा लेते?
tadhakkarūna
16:18
وَإِن تَعُدُّوا۟ نِعْمَةَ ٱللَّهِ لَا تُحْصُوهَآ ۗ إِنَّ ٱللَّهَ لَغَفُورٌۭ رَّحِيمٌۭ
wa-in taʿuddū niʿ'mata l-lahi lā tuḥ'ṣūhā inna l-laha laghafūrun raḥīmun
और यदि तुम अल्लाह के उपकारों की गणना करना चाहो, तो नहीं कर सकोगे। निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, दयावान् है।
अव्यय
وَإِن
और यदि
wa-in
क्रिया
تَعُدُّوا۟
तुम गणना करो
taʿuddū
संज्ञा
نِعْمَةَ
उपकारों की
niʿ'mata
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
تُحْصُوهَآ ۗ
तुम उन्हें गिन सकोगे
tuḥ'ṣūhā
अव्यय
إِنَّ
निस्संदेह
inna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
संज्ञा
لَغَفُورٌۭ
अति क्षमाशील
laghafūrun
संज्ञा
رَّحِيمٌۭ
दयावान् है
raḥīmun
16:19
وَٱللَّهُ يَعْلَمُ مَا تُسِرُّونَ وَمَا تُعْلِنُونَ
wal-lahu yaʿlamu mā tusirrūna wamā tuʿ'linūna
और अल्लाह जानता है, जो कुछ तुम छिपाते हो और जो कुछ तुम प्रकट करते हो।
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
wal-lahu
क्रिया
يَعْلَمُ
जानता है
yaʿlamu
अव्यय
مَا
जो कुछ
क्रिया
تُسِرُّونَ
तुम छिपाते हो
tusirrūna
अव्यय
وَمَا
और जो कुछ
wamā
क्रिया
تُعْلِنُونَ
तुम प्रकट करते हो
tuʿ'linūna
16:20
وَٱلَّذِينَ يَدْعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ لَا يَخْلُقُونَ شَيْـًۭٔا وَهُمْ يُخْلَقُونَ
wa-alladhīna yadʿūna min dūni l-lahi lā yakhluqūna shayan wahum yukh'laqūna
और जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पुकारते हैं, वे किसी चीज़ की रचना नहीं करते, बल्कि वे स्वयं रचे जाते हैं।
संज्ञा
وَٱلَّذِينَ
और वे जिन्हें
wa-alladhīna
क्रिया
يَدْعُونَ
वे पुकारते हैं
yadʿūna
अव्यय
مِن
सिवा
min
संज्ञा
دُونِ
सिवा
dūni
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَخْلُقُونَ
वे रचना करते
yakhluqūna
संज्ञा
شَيْـًۭٔا
किसी चीज़ की
shayan
सर्वनाम
وَهُمْ
और वे
wahum
क्रिया
يُخْلَقُونَ
रचे जाते हैं
yukh'laqūna
16:21
أَمْوَٰتٌ غَيْرُ أَحْيَآءٍۢ ۖ وَمَا يَشْعُرُونَ أَيَّانَ يُبْعَثُونَ
amwātun ghayru aḥyāin wamā yashʿurūna ayyāna yub'ʿathūna
वे मुर्दे हैं, जीवित नहीं, और उन्हें यह भी पता नहीं कि वे कब उठाए जाएँगे।
संज्ञा
أَمْوَٰتٌ
मुर्दे हैं
amwātun
संज्ञा
غَيْرُ
नहीं
ghayru
संज्ञा
أَحْيَآءٍۢ ۖ
जीवित
aḥyāin
अव्यय
وَمَا
और नहीं
wamā
क्रिया
يَشْعُرُونَ
वे जानते
yashʿurūna
संज्ञा
أَيَّانَ
कब
ayyāna
क्रिया
يُبْعَثُونَ
वे उठाए जाएँगे
yub'ʿathūna
16:22
إِلَـٰهُكُمْ إِلَـٰهٌۭ وَٰحِدٌۭ ۚ فَٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِٱلْـَٔاخِرَةِ قُلُوبُهُم مُّنكِرَةٌۭ وَهُم مُّسْتَكْبِرُونَ
ilāhukum ilāhun wāḥidun fa-alladhīna lā yu'minūna bil-ākhirati qulūbuhum munkiratun wahum mus'takbirūna
तुम्हारा पूज्य अकेला पूज्य है। तो जो लोग आख़िरत पर ईमान नहीं रखते, उनके दिल इनकार करने वाले हैं और वे घमंडी हैं।
संज्ञा
إِلَـٰهُكُمْ
तुम्हारा पूज्य
ilāhukum
संज्ञा
إِلَـٰهٌۭ
पूज्य है
ilāhun
संज्ञा
وَٰحِدٌۭ ۚ
अकेला
wāḥidun
संज्ञा
فَٱلَّذِينَ
तो जो लोग
fa-alladhīna
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يُؤْمِنُونَ
ईमान रखते
yu'minūna
संज्ञा
بِٱلْـَٔاخِرَةِ
आख़िरत पर
bil-ākhirati
संज्ञा
قُلُوبُهُم
उनके दिल
qulūbuhum
संज्ञा
مُّنكِرَةٌۭ
इनकार करने वाले हैं
munkiratun
सर्वनाम
وَهُم
और वे
wahum
संज्ञा
مُّسْتَكْبِرُونَ
घमंडी हैं
mus'takbirūna
16:23
لَا جَرَمَ أَنَّ ٱللَّهَ يَعْلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعْلِنُونَ ۚ إِنَّهُۥ لَا يُحِبُّ ٱلْمُسْتَكْبِرِينَ
lā jarama anna l-laha yaʿlamu mā yusirrūna wamā yuʿ'linūna innahu lā yuḥibbu l-mus'takbirīna
यह निश्चित है कि अल्लाह जानता है जो कुछ वे छिपाते हैं और जो कुछ वे प्रकट करते हैं। निःसंदेह वह घमंड करने वालों को पसंद नहीं करता।
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
جَرَمَ
संदेह
jarama
अव्यय
أَنَّ
कि
anna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
क्रिया
يَعْلَمُ
जानता है
yaʿlamu
अव्यय
مَا
जो कुछ
क्रिया
يُسِرُّونَ
वे छिपाते हैं
yusirrūna
अव्यय
وَمَا
और जो कुछ
wamā
क्रिया
يُعْلِنُونَ ۚ
वे प्रकट करते हैं
yuʿ'linūna
अव्यय
إِنَّهُۥ
निःसंदेह वह
innahu
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يُحِبُّ
पसंद करता
yuḥibbu
संज्ञा
ٱلْمُسْتَكْبِرِينَ
घमंड करने वालों को
l-mus'takbirīna
16:24
وَإِذَا قِيلَ لَهُم مَّاذَآ أَنزَلَ رَبُّكُمْ ۙ قَالُوٓا۟ أَسَـٰطِيرُ ٱلْأَوَّلِينَ
wa-idhā qīla lahum mādhā anzala rabbukum qālū asāṭīru l-awalīna
और जब उनसे कहा जाता है कि तुम्हारे रब ने क्या उतारा है, तो वे कहते हैं, "पूर्वजों की कहानियाँ।"
अव्यय
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
क्रिया
قِيلَ
कहा जाता है
qīla
अव्यय
لَهُم
उनसे
lahum
अव्यय
مَّاذَآ
क्या
mādhā
क्रिया
أَنزَلَ
उतारा है
anzala
संज्ञा
رَبُّكُمْ ۙ
तुम्हारे रब ने
rabbukum
क्रिया
قَالُوٓا۟
वे कहते हैं
qālū
संज्ञा
أَسَـٰطِيرُ
कहानियाँ
asāṭīru
संज्ञा
ٱلْأَوَّلِينَ
पूर्वजों की
l-awalīna
16:25
لِيَحْمِلُوٓا۟ أَوْزَارَهُمْ كَامِلَةًۭ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ ۙ وَمِنْ أَوْزَارِ ٱلَّذِينَ يُضِلُّونَهُم بِغَيْرِ عِلْمٍ ۗ أَلَا سَآءَ مَا يَزِرُونَ
liyaḥmilū awzārahum kāmilatan yawma l-qiyāmati wamin awzāri alladhīna yuḍillūnahum bighayri ʿil'min alā sāa mā yazirūna
ताकि वे क़यामत के दिन अपने पूरे बोझ उठाएँ और उन लोगों के बोझों में से भी कुछ उठाएँ जिन्हें वे बिना ज्ञान के गुमराह करते हैं। सुन लो! कितना बुरा है वह बोझ जो वे उठाते हैं।
क्रिया
لِيَحْمِلُوٓا۟
ताकि वे उठाएँ
liyaḥmilū
संज्ञा
أَوْزَارَهُمْ
अपने बोझ
awzārahum
संज्ञा
كَامِلَةًۭ
पूरे
kāmilatan
संज्ञा
يَوْمَ
दिन
yawma
संज्ञा
ٱلْقِيَـٰمَةِ ۙ
क़यामत के
l-qiyāmati
अव्यय
وَمِنْ
और से
wamin
संज्ञा
أَوْزَارِ
बोझों
awzāri
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
उन लोगों के
alladhīna
क्रिया
يُضِلُّونَهُم
जिन्हें वे गुमराह करते हैं
yuḍillūnahum
संज्ञा
بِغَيْرِ
बिना
bighayri
संज्ञा
عِلْمٍ ۗ
ज्ञान के
ʿil'min
अव्यय
أَلَا
सुन लो
alā
क्रिया
سَآءَ
बुरा है
sāa
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
يَزِرُونَ
वे उठाते हैं
yazirūna
16:26
قَدْ مَكَرَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ فَأَتَى ٱللَّهُ بُنْيَـٰنَهُم مِّنَ ٱلْقَوَاعِدِ فَخَرَّ عَلَيْهِمُ ٱلسَّقْفُ مِن فَوْقِهِمْ وَأَتَىٰهُمُ ٱلْعَذَابُ مِنْ حَيْثُ لَا يَشْعُرُونَ
qad makara alladhīna min qablihim fa-atā l-lahu bun'yānahum mina l-qawāʿidi fakharra ʿalayhimu l-saqfu min fawqihim wa-atāhumu l-ʿadhābu min ḥaythu lā yashʿurūna
उनसे पहले के लोगों ने भी षड्यंत्र रचा था, तो अल्लाह ने उनकी इमारत को नींव से हिला दिया, और उन पर ऊपर से छत गिर पड़ी, और उन पर वहाँ से अज़ाब आया जहाँ से उन्हें गुमान भी न था।
अव्यय
قَدْ
निश्चय ही
qad
क्रिया
مَكَرَ
षड्यंत्र रचा
makara
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
उन लोगों ने जो
alladhīna
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
قَبْلِهِمْ
उनसे पहले
qablihim
क्रिया
فَأَتَى
तो आया
fa-atā
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
संज्ञा
بُنْيَـٰنَهُم
उनकी इमारत पर
bun'yānahum
अव्यय
مِّنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلْقَوَاعِدِ
नींव
l-qawāʿidi
क्रिया
فَخَرَّ
तो गिर पड़ी
fakharra
अव्यय
عَلَيْهِمُ
उन पर
ʿalayhimu
संज्ञा
ٱلسَّقْفُ
छत
l-saqfu
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
فَوْقِهِمْ
उनके ऊपर
fawqihim
क्रिया
وَأَتَىٰهُمُ
और उन पर आया
wa-atāhumu
संज्ञा
ٱلْعَذَابُ
अज़ाब
l-ʿadhābu
अव्यय
مِنْ
वहाँ से
min
संज्ञा
حَيْثُ
जहाँ
ḥaythu
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَشْعُرُونَ
वे गुमान करते थे
yashʿurūna
16:27
ثُمَّ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ يُخْزِيهِمْ وَيَقُولُ أَيْنَ شُرَكَآءِىَ ٱلَّذِينَ كُنتُمْ تُشَـٰٓقُّونَ فِيهِمْ ۚ قَالَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْعِلْمَ إِنَّ ٱلْخِزْىَ ٱلْيَوْمَ وَٱلسُّوٓءَ عَلَى ٱلْكَـٰفِرِينَ
thumma yawma l-qiyāmati yukh'zīhim wayaqūlu ayna shurakāiya alladhīna kuntum tushāqqūna fīhim qāla alladhīna ūtū l-ʿil'ma inna l-khiz'ya l-yawma wal-sūa ʿalā l-kāfirīna
फिर क़यामत के दिन वह उन्हें अपमानित करेगा और कहेगा, "कहाँ हैं मेरे वे साझीदार जिनके लिए तुम (ईमान वालों से) झगड़ते थे?" जिन्हें ज्ञान दिया गया था, वे कहेंगे, "निश्चय आज अपमान और बुराई काफ़िरों पर है।"
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
संज्ञा
يَوْمَ
दिन
yawma
संज्ञा
ٱلْقِيَـٰمَةِ
क़यामत के
l-qiyāmati
क्रिया
يُخْزِيهِمْ
वह उन्हें अपमानित करेगा
yukh'zīhim
क्रिया
وَيَقُولُ
और कहेगा
wayaqūlu
संज्ञा
أَيْنَ
कहाँ हैं
ayna
संज्ञा
شُرَكَآءِىَ
मेरे साझीदार
shurakāiya
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जिनके लिए
alladhīna
क्रिया
كُنتُمْ
तुम थे
kuntum
क्रिया
تُشَـٰٓقُّونَ
झगड़ते थे
tushāqqūna
अव्यय
فِيهِمْ ۚ
उनके बारे में
fīhim
क्रिया
قَالَ
कहेंगे
qāla
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जिन्हें
alladhīna
क्रिया
أُوتُوا۟
दिया गया था
ūtū
संज्ञा
ٱلْعِلْمَ
ज्ञान
l-ʿil'ma
अव्यय
إِنَّ
निश्चय
inna
संज्ञा
ٱلْخِزْىَ
अपमान
l-khiz'ya
संज्ञा
ٱلْيَوْمَ
आज
l-yawma
संज्ञा
وَٱلسُّوٓءَ
और बुराई
wal-sūa
अव्यय
عَلَى
पर है
ʿalā
संज्ञा
ٱلْكَـٰفِرِينَ
काफ़िरों
l-kāfirīna
16:28
ٱلَّذِينَ تَتَوَفَّىٰهُمُ ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ ظَالِمِىٓ أَنفُسِهِمْ ۖ فَأَلْقَوُا۟ ٱلسَّلَمَ مَا كُنَّا نَعْمَلُ مِن سُوٓءٍۭ ۚ بَلَىٰٓ إِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمٌۢ بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
alladhīna tatawaffāhumu l-malāikatu ẓālimī anfusihim fa-alqawū l-salama mā kunnā naʿmalu min sūin balā inna l-laha ʿalīmun bimā kuntum taʿmalūna
जिनकी आत्माओं को फ़रिश्ते उस हाल में निकालते हैं कि वे अपने ऊपर ज़ुल्म कर रहे थे, तो वे आज्ञाकारी बन जाएँगे (और कहेंगे), "हम कोई बुराई नहीं करते थे।" क्यों नहीं! निश्चय अल्लाह जानता है जो कुछ तुम करते थे।
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जिनकी
alladhīna
क्रिया
تَتَوَفَّىٰهُمُ
निकालते हैं
tatawaffāhumu
संज्ञा
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ
फ़रिश्ते
l-malāikatu
संज्ञा
ظَالِمِىٓ
ज़ुल्म करते हुए
ẓālimī
संज्ञा
أَنفُسِهِمْ ۖ
अपने ऊपर
anfusihim
क्रिया
فَأَلْقَوُا۟
तो वे प्रस्तुत करेंगे
fa-alqawū
संज्ञा
ٱلسَّلَمَ
आज्ञाकारिता
l-salama
अव्यय
مَا
नहीं
क्रिया
كُنَّا
हम थे
kunnā
क्रिया
نَعْمَلُ
करते
naʿmalu
अव्यय
مِن
कोई
min
संज्ञा
سُوٓءٍۭ ۚ
बुराई
sūin
अव्यय
بَلَىٰٓ
क्यों नहीं
balā
अव्यय
إِنَّ
निश्चय
inna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
संज्ञा
عَلِيمٌۢ
जानता है
ʿalīmun
अव्यय
بِمَا
जो कुछ
bimā
क्रिया
كُنتُمْ
तुम थे
kuntum
क्रिया
تَعْمَلُونَ
करते
taʿmalūna
16:29
فَٱدْخُلُوٓا۟ أَبْوَٰبَ جَهَنَّمَ خَـٰلِدِينَ فِيهَا ۖ فَلَبِئْسَ مَثْوَى ٱلْمُتَكَبِّرِينَ
fa-ud'khulū abwāba jahannama khālidīna fīhā falabi'sa mathwā l-mutakabirīna
तो जहन्नम के दरवाज़ों में प्रवेश करो, उसमें हमेशा रहने के लिए। तो घमंड करने वालों का ठिकाना कितना बुरा है!
क्रिया
فَٱدْخُلُوٓا۟
तो प्रवेश करो
fa-ud'khulū
संज्ञा
أَبْوَٰبَ
दरवाज़ों में
abwāba
संज्ञा
جَهَنَّمَ
जहन्नम के
jahannama
संज्ञा
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले
khālidīna
अव्यय
فِيهَا ۖ
उसमें
fīhā
अव्यय
فَلَبِئْسَ
तो कितना बुरा है
falabi'sa
संज्ञा
مَثْوَى
ठिकाना
mathwā
संज्ञा
ٱلْمُتَكَبِّرِينَ
घमंड करने वालों का
l-mutakabirīna
16:30
۞ وَقِيلَ لِلَّذِينَ ٱتَّقَوْا۟ مَاذَآ أَنزَلَ رَبُّكُمْ ۚ قَالُوا۟ خَيْرًۭا ۗ لِّلَّذِينَ أَحْسَنُوا۟ فِى هَـٰذِهِ ٱلدُّنْيَا حَسَنَةٌۭ ۚ وَلَدَارُ ٱلْـَٔاخِرَةِ خَيْرٌۭ ۚ وَلَنِعْمَ دَارُ ٱلْمُتَّقِينَ
waqīla lilladhīna ittaqaw mādhā anzala rabbukum qālū khayran lilladhīna aḥsanū fī hādhihi l-dun'yā ḥasanatun waladāru l-ākhirati khayrun walaniʿ'ma dāru l-mutaqīna
और जब उन लोगों से कहा जाएगा जो डर रखते थे, "तुम्हारे रब ने क्या उतारा है?" वे कहेंगे, "भलाई।" जिन लोगों ने इस दुनिया में भलाई की, उनके लिए भलाई है, और आख़िरत का घर तो और भी अच्छा है। और डर रखने वालों का घर कितना अच्छा है!
क्रिया
۞ وَقِيلَ
और कहा जाएगा
waqīla
अव्यय
لِلَّذِينَ
उन लोगों से जो
lilladhīna
क्रिया
ٱتَّقَوْا۟
डर रखते थे
ittaqaw
अव्यय
مَاذَآ
क्या
mādhā
क्रिया
أَنزَلَ
उतारा है
anzala
संज्ञा
رَبُّكُمْ ۚ
तुम्हारे रब ने
rabbukum
क्रिया
قَالُوا۟
वे कहेंगे
qālū
संज्ञा
خَيْرًۭا ۗ
भलाई
khayran
अव्यय
لِّلَّذِينَ
जिन लोगों ने
lilladhīna
क्रिया
أَحْسَنُوا۟
भलाई की
aḥsanū
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
هَـٰذِهِ
इस
hādhihi
संज्ञा
ٱلدُّنْيَا
दुनिया में
l-dun'yā
संज्ञा
حَسَنَةٌۭ ۚ
भलाई है
ḥasanatun
संज्ञा
وَلَدَارُ
और घर
waladāru
संज्ञा
ٱلْـَٔاخِرَةِ
आख़िरत का
l-ākhirati
संज्ञा
خَيْرٌۭ ۚ
बेहतर है
khayrun
अव्यय
وَلَنِعْمَ
और कितना अच्छा है
walaniʿ'ma
संज्ञा
دَارُ
घर
dāru
संज्ञा
ٱلْمُتَّقِينَ
डर रखने वालों का
l-mutaqīna
16:31
جَنَّـٰتُ عَدْنٍۢ يَدْخُلُونَهَا تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ لَهُمْ فِيهَا مَا يَشَآءُونَ ۚ كَذَٰلِكَ يَجْزِى ٱللَّهُ ٱلْمُتَّقِينَ
jannātu ʿadnin yadkhulūnahā tajrī min taḥtihā l-anhāru lahum fīhā mā yashāūna kadhālika yajzī l-lahu l-mutaqīna
हमेशा रहने के बाग़ हैं, जिनमें वे प्रवेश करेंगे, उनके नीचे नहरें बहती होंगी, उनके लिए वहाँ वह सब कुछ होगा जो वे चाहेंगे। इसी प्रकार अल्लाह डर रखने वालों को बदला देता है।
संज्ञा
جَنَّـٰتُ
बाग़ हैं
jannātu
संज्ञा
عَدْنٍۢ
हमेशा रहने के
ʿadnin
क्रिया
يَدْخُلُونَهَا
वे उनमें प्रवेश करेंगे
yadkhulūnahā
क्रिया
تَجْرِى
बहती हैं
tajrī
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
تَحْتِهَا
उनके नीचे
taḥtihā
संज्ञा
ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ
नहरें
l-anhāru
अव्यय
لَهُمْ
उनके लिए
lahum
अव्यय
فِيهَا
वहाँ
fīhā
अव्यय
مَا
जो कुछ
क्रिया
يَشَآءُونَ ۚ
वे चाहेंगे
yashāūna
अव्यय
كَذَٰلِكَ
इसी प्रकार
kadhālika
क्रिया
يَجْزِى
बदला देता है
yajzī
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
संज्ञा
ٱلْمُتَّقِينَ
डर रखने वालों को
l-mutaqīna
16:32
ٱلَّذِينَ تَتَوَفَّىٰهُمُ ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ طَيِّبِينَ ۙ يَقُولُونَ سَلَـٰمٌ عَلَيْكُمُ ٱدْخُلُوا۟ ٱلْجَنَّةَ بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
alladhīna tatawaffāhumu l-malāikatu ṭayyibīna yaqūlūna salāmun ʿalaykumu ud'khulū l-janata bimā kuntum taʿmalūna
जिनकी आत्माओं को फ़रिश्ते पवित्रता की अवस्था में निकालते हैं, वे कहते हैं, "तुम पर सलाम हो। तुम जन्नत में प्रवेश करो, उसके बदले में जो तुम करते थे।"
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जिनकी
alladhīna
क्रिया
تَتَوَفَّىٰهُمُ
निकालते हैं
tatawaffāhumu
संज्ञा
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ
फ़रिश्ते
l-malāikatu
संज्ञा
طَيِّبِينَ ۙ
पवित्रता की अवस्था में
ṭayyibīna
क्रिया
يَقُولُونَ
वे कहते हैं
yaqūlūna
संज्ञा
سَلَـٰمٌ
सलाम हो
salāmun
अव्यय
عَلَيْكُمُ
तुम पर
ʿalaykumu
क्रिया
ٱدْخُلُوا۟
प्रवेश करो
ud'khulū
संज्ञा
ٱلْجَنَّةَ
जन्नत में
l-janata
अव्यय
بِمَا
उसके बदले में जो
bimā
क्रिया
كُنتُمْ
तुम थे
kuntum
क्रिया
تَعْمَلُونَ
करते
taʿmalūna
16:33
هَلْ يَنظُرُونَ إِلَّآ أَن تَأْتِيَهُمُ ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ أَوْ يَأْتِىَ أَمْرُ رَبِّكَ ۚ كَذَٰلِكَ فَعَلَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ وَمَا ظَلَمَهُمُ ٱللَّهُ وَلَـٰكِن كَانُوٓا۟ أَنفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ
hal yanẓurūna illā an tatiyahumu l-malāikatu aw yatiya amru rabbika kadhālika faʿala alladhīna min qablihim wamā ẓalamahumu l-lahu walākin kānū anfusahum yaẓlimūna
क्या वे (काफ़िर) इसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि उनके पास फ़रिश्ते आ जाएँ या तेरे रब का आदेश आ जाए? इसी प्रकार उन लोगों ने किया जो उनसे पहले थे। और अल्लाह ने उन पर ज़ुल्म नहीं किया, बल्कि वे स्वयं अपने ऊपर ज़ुल्म करते थे।
अव्यय
هَلْ
क्या
hal
क्रिया
يَنظُرُونَ
वे प्रतीक्षा कर रहे हैं
yanẓurūna
अव्यय
إِلَّآ
सिवाय इसके
illā
अव्यय
أَن
कि
an
क्रिया
تَأْتِيَهُمُ
उनके पास आएँ
tatiyahumu
संज्ञा
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ
फ़रिश्ते
l-malāikatu
अव्यय
أَوْ
या
aw
क्रिया
يَأْتِىَ
आए
yatiya
संज्ञा
أَمْرُ
आदेश
amru
संज्ञा
رَبِّكَ ۚ
तेरे रब का
rabbika
अव्यय
كَذَٰلِكَ
इसी प्रकार
kadhālika
क्रिया
فَعَلَ
किया
faʿala
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
उन लोगों ने जो
alladhīna
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
قَبْلِهِمْ ۚ
उनसे पहले
qablihim
अव्यय
وَمَا
और नहीं
wamā
क्रिया
ظَلَمَهُمُ
उन पर ज़ुल्म किया
ẓalamahumu
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
अव्यय
وَلَـٰكِن
बल्कि
walākin
क्रिया
كَانُوٓا۟
वे थे
kānū
संज्ञा
أَنفُسَهُمْ
अपने ऊपर
anfusahum
क्रिया
يَظْلِمُونَ
ज़ुल्म करते
yaẓlimūna
16:34
فَأَصَابَهُمْ سَيِّـَٔاتُ مَا عَمِلُوا۟ وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُوا۟ بِهِۦ يَسْتَهْزِءُونَ
fa-aṣābahum sayyiātu mā ʿamilū waḥāqa bihim mā kānū bihi yastahziūna
तो उन पर उनके कर्मों की बुराइयाँ आ पड़ीं और उन्हें उसी चीज़ ने घेर लिया जिसकी वे हँसी उड़ाते थे।
क्रिया
فَأَصَابَهُمْ
तो उन पर आ पड़ीं
fa-aṣābahum
संज्ञा
سَيِّـَٔاتُ
बुराइयाँ
sayyiātu
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
عَمِلُوا۟
उन्होंने किया
ʿamilū
क्रिया
وَحَاقَ
और घेर लिया
waḥāqa
अव्यय
بِهِم
उन्हें
bihim
अव्यय
مَّا
उस चीज़ ने जिसकी
क्रिया
كَانُوا۟
वे थे
kānū
अव्यय
بِهِۦ
उसकी
bihi
क्रिया
يَسْتَهْزِءُونَ
हँसी उड़ाते थे
yastahziūna
16:35
وَقَالَ ٱلَّذِينَ أَشْرَكُوا۟ لَوْ شَآءَ ٱللَّهُ مَا عَبَدْنَا مِن دُونِهِۦ مِن شَىْءٍۢ نَّحْنُ وَلَآ ءَابَآؤُنَا وَلَا حَرَّمْنَا مِن دُونِهِۦ مِن شَىْءٍۢ ۚ كَذَٰلِكَ فَعَلَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ فَهَلْ عَلَى ٱلرُّسُلِ إِلَّا ٱلْبَلَـٰغُ ٱلْمُبِينُ
waqāla alladhīna ashrakū law shāa l-lahu mā ʿabadnā min dūnihi min shayin naḥnu walā ābāunā walā ḥarramnā min dūnihi min shayin kadhālika faʿala alladhīna min qablihim fahal ʿalā l-rusuli illā l-balāghu l-mubīnu
और मुशरिक कहते हैं, "यदि अल्लाह चाहता तो हम उसके सिवा किसी चीज़ की पूजा न करते, न हम और न हमारे बाप-दादा, और न हम उसके आदेश के बिना किसी चीज़ को हराम ठहराते।" इसी प्रकार उन लोगों ने किया जो उनसे पहले थे। तो रसूलों पर क्या केवल स्पष्ट रूप से पहुँचा देने के सिवा कुछ और है?
क्रिया
وَقَالَ
और कहते हैं
waqāla
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जो लोग
alladhīna
क्रिया
أَشْرَكُوا۟
शिर्क करते हैं
ashrakū
अव्यय
لَوْ
यदि
law
क्रिया
شَآءَ
चाहता
shāa
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
अव्यय
مَا
क्रिया
عَبَدْنَا
हम पूजा करते
ʿabadnā
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
دُونِهِۦ
उसके सिवा
dūnihi
अव्यय
مِن
की
min
संज्ञा
شَىْءٍۢ
किसी चीज़
shayin
सर्वनाम
نَّحْنُ
हम
naḥnu
अव्यय
وَلَآ
और न
walā
संज्ञा
ءَابَآؤُنَا
हमारे बाप-दादा
ābāunā
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
حَرَّمْنَا
हम हराम ठहराते
ḥarramnā
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
دُونِهِۦ
उसके सिवा
dūnihi
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
شَىْءٍۢ ۚ
किसी चीज़
shayin
अव्यय
كَذَٰلِكَ
इसी प्रकार
kadhālika
क्रिया
فَعَلَ
किया
faʿala
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
उन लोगों ने जो
alladhīna
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
قَبْلِهِمْ ۚ
उनसे पहले
qablihim
अव्यय
فَهَلْ
तो क्या
fahal
अव्यय
عَلَى
पर है
ʿalā
संज्ञा
ٱلرُّسُلِ
रसूलों
l-rusuli
अव्यय
إِلَّا
सिवाय
illā
संज्ञा
ٱلْبَلَـٰغُ
पहुँचा देना
l-balāghu
संज्ञा
ٱلْمُبِينُ
स्पष्ट रूप से
l-mubīnu
16:36
وَلَقَدْ بَعَثْنَا فِى كُلِّ أُمَّةٍۢ رَّسُولًا أَنِ ٱعْبُدُوا۟ ٱللَّهَ وَٱجْتَنِبُوا۟ ٱلطَّـٰغُوتَ ۖ فَمِنْهُم مَّنْ هَدَى ٱللَّهُ وَمِنْهُم مَّنْ حَقَّتْ عَلَيْهِ ٱلضَّلَـٰلَةُ ۚ فَسِيرُوا۟ فِى ٱلْأَرْضِ فَٱنظُرُوا۟ كَيْفَ كَانَ عَـٰقِبَةُ ٱلْمُكَذِّبِينَ
walaqad baʿathnā fī kulli ummatin rasūlan ani uʿ'budū l-laha wa-ij'tanibū l-ṭāghūta famin'hum man hadā l-lahu wamin'hum man ḥaqqat ʿalayhi l-ḍalālatu fasīrū fī l-arḍi fa-unẓurū kayfa kāna ʿāqibatu l-mukadhibīna
और हमने हर समुदाय में एक रसूल भेजा (यह संदेश देकर) कि "अल्लाह की इबादत करो और तागूत से बचो।" तो उनमें से कुछ को अल्लाह ने मार्ग दिखाया और उनमें से कुछ पर गुमराही साबित हो गई। तो धरती में चलो-फिरो और देखो कि झुठलाने वालों का अंत कैसा हुआ।
अव्यय
وَلَقَدْ
और हमने
walaqad
क्रिया
بَعَثْنَا
भेजा
baʿathnā
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
كُلِّ
हर
kulli
संज्ञा
أُمَّةٍۢ
समुदाय
ummatin
संज्ञा
رَّسُولًا
एक रसूल
rasūlan
अव्यय
أَنِ
कि
ani
क्रिया
ٱعْبُدُوا۟
इबादत करो
uʿ'budū
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह की
l-laha
क्रिया
وَٱجْتَنِبُوا۟
और बचो
wa-ij'tanibū
संज्ञा
ٱلطَّـٰغُوتَ ۖ
तागूत से
l-ṭāghūta
अव्यय
فَمِنْهُم
तो उनमें से कुछ
famin'hum
संज्ञा
مَّنْ
वे हैं जिन्हें
man
क्रिया
هَدَى
मार्ग दिखाया
hadā
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
अव्यय
وَمِنْهُم
और उनमें से कुछ
wamin'hum
संज्ञा
مَّنْ
वे हैं जिन
man
क्रिया
حَقَّتْ
साबित हो गई
ḥaqqat
अव्यय
عَلَيْهِ
उन पर
ʿalayhi
संज्ञा
ٱلضَّلَـٰلَةُ ۚ
गुमराही
l-ḍalālatu
क्रिया
فَسِيرُوا۟
तो चलो-फिरो
fasīrū
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلْأَرْضِ
धरती
l-arḍi
क्रिया
فَٱنظُرُوا۟
और देखो
fa-unẓurū
अव्यय
كَيْفَ
कैसा
kayfa
क्रिया
كَانَ
हुआ
kāna
संज्ञा
عَـٰقِبَةُ
अंत
ʿāqibatu
संज्ञा
ٱلْمُكَذِّبِينَ
झुठलाने वालों का
l-mukadhibīna
16:37
إِن تَحْرِصْ عَلَىٰ هُدَىٰهُمْ فَإِنَّ ٱللَّهَ لَا يَهْدِى مَن يُضِلُّ ۖ وَمَا لَهُم مِّن نَّـٰصِرِينَ
in taḥriṣ ʿalā hudāhum fa-inna l-laha lā yahdī man yuḍillu wamā lahum min nāṣirīna
यदि तुम उनके मार्गदर्शन के लिए उत्सुक हो, तो निश्चय ही अल्लाह उसे मार्ग नहीं दिखाता जिसे वह गुमराह करता है, और उनके लिए कोई सहायक नहीं होगा।
अव्यय
إِن
यदि
in
क्रिया
تَحْرِصْ
तुम उत्सुक हो
taḥriṣ
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
هُدَىٰهُمْ
उनके मार्गदर्शन
hudāhum
अव्यय
فَإِنَّ
तो निश्चय ही
fa-inna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَهْدِى
मार्ग दिखाता
yahdī
संज्ञा
مَن
जिसे
man
क्रिया
يُضِلُّ ۖ
वह गुमराह करता है
yuḍillu
अव्यय
وَمَا
और नहीं
wamā
अव्यय
لَهُم
उनके लिए
lahum
अव्यय
مِّن
कोई
min
संज्ञा
نَّـٰصِرِينَ
सहायक
nāṣirīna
16:38
وَأَقْسَمُوا۟ بِٱللَّهِ جَهْدَ أَيْمَـٰنِهِمْ ۙ لَا يَبْعَثُ ٱللَّهُ مَن يَمُوتُ ۚ بَلَىٰ وَعْدًا عَلَيْهِ حَقًّۭا وَلَـٰكِنَّ أَكْثَرَ ٱلنَّاسِ لَا يَعْلَمُونَ
wa-aqsamū bil-lahi jahda aymānihim lā yabʿathu l-lahu man yamūtu balā waʿdan ʿalayhi ḥaqqan walākinna akthara l-nāsi lā yaʿlamūna
और वे अल्लाह की बड़ी-बड़ी क़समें खाते हैं कि अल्लाह उसे नहीं उठाएगा जो मर जाता है। क्यों नहीं! यह उस पर एक सच्चा वादा है, लेकिन अधिकतर लोग नहीं जानते।
क्रिया
وَأَقْسَمُوا۟
और वे क़समें खाते हैं
wa-aqsamū
संज्ञा
بِٱللَّهِ
अल्लाह की
bil-lahi
संज्ञा
جَهْدَ
बड़ी-बड़ी
jahda
संज्ञा
أَيْمَـٰنِهِمْ ۙ
अपनी क़समें
aymānihim
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَبْعَثُ
उठाएगा
yabʿathu
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
संज्ञा
مَن
उसे जो
man
क्रिया
يَمُوتُ ۚ
मर जाता है
yamūtu
अव्यय
بَلَىٰ
क्यों नहीं
balā
संज्ञा
وَعْدًا
एक वादा
waʿdan
अव्यय
عَلَيْهِ
उस पर
ʿalayhi
संज्ञा
حَقًّۭا
सच्चा
ḥaqqan
अव्यय
وَلَـٰكِنَّ
लेकिन
walākinna
संज्ञा
أَكْثَرَ
अधिकतर
akthara
संज्ञा
ٱلنَّاسِ
लोग
l-nāsi
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَعْلَمُونَ
जानते
yaʿlamūna
16:39
لِيُبَيِّنَ لَهُمُ ٱلَّذِى يَخْتَلِفُونَ فِيهِ وَلِيَعْلَمَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓا۟ أَنَّهُمْ كَانُوا۟ كَـٰذِبِينَ
liyubayyina lahumu alladhī yakhtalifūna fīhi waliyaʿlama alladhīna kafarū annahum kānū kādhibīna
ताकि वह उनके लिए उस चीज़ को स्पष्ट कर दे जिसमें वे मतभेद करते हैं, और ताकि काफ़िर जान लें कि वे झूठे थे।
क्रिया
لِيُبَيِّنَ
ताकि वह स्पष्ट कर दे
liyubayyina
अव्यय
لَهُمُ
उनके लिए
lahumu
संज्ञा
ٱلَّذِى
जिस चीज़ में
alladhī
क्रिया
يَخْتَلِفُونَ
वे मतभेद करते हैं
yakhtalifūna
अव्यय
فِيهِ
उसमें
fīhi
क्रिया
وَلِيَعْلَمَ
और ताकि जान लें
waliyaʿlama
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
वे लोग जो
alladhīna
क्रिया
كَفَرُوٓا۟
कुफ़्र करते हैं
kafarū
अव्यय
أَنَّهُمْ
कि वे
annahum
क्रिया
كَانُوا۟
थे
kānū
संज्ञा
كَـٰذِبِينَ
झूठे
kādhibīna
16:40
إِنَّمَا قَوْلُنَا لِشَىْءٍ إِذَآ أَرَدْنَـٰهُ أَن نَّقُولَ لَهُۥ كُن فَيَكُونُ
innamā qawlunā lishayin idhā aradnāhu an naqūla lahu kun fayakūnu
जब हम किसी चीज़ का इरादा करते हैं, तो हमारा कहना बस इतना होता है कि हम उससे कहते हैं, "हो जा," और वह हो जाती है।
अव्यय
إِنَّمَا
बस
innamā
संज्ञा
قَوْلُنَا
हमारा कहना
qawlunā
संज्ञा
لِشَىْءٍ
किसी चीज़ के लिए
lishayin
अव्यय
إِذَآ
जब
idhā
क्रिया
أَرَدْنَـٰهُ
हम उसका इरादा करते हैं
aradnāhu
अव्यय
أَن
यह है कि
an
क्रिया
نَّقُولَ
हम कहते हैं
naqūla
अव्यय
لَهُۥ
उससे
lahu
क्रिया
كُن
हो जा
kun
क्रिया
فَيَكُونُ
तो वह हो जाती है
fayakūnu
16:41
وَٱلَّذِينَ هَاجَرُوا۟ فِى ٱللَّهِ مِنۢ بَعْدِ مَا ظُلِمُوا۟ لَنُبَوِّئَنَّهُمْ فِى ٱلدُّنْيَا حَسَنَةًۭ ۖ وَلَأَجْرُ ٱلْـَٔاخِرَةِ أَكْبَرُ ۚ لَوْ كَانُوا۟ يَعْلَمُونَ
wa-alladhīna hājarū fī l-lahi min baʿdi mā ẓulimū lanubawwi-annahum fī l-dun'yā ḥasanatan wala-ajru l-ākhirati akbaru law kānū yaʿlamūna
और जिन लोगों ने अल्लाह के लिए हिजरत की, उसके बाद कि उन पर ज़ुल्म किया गया, हम उन्हें दुनिया में अच्छा ठिकाना देंगे, और आख़िरत का बदला तो बहुत बड़ा है। काश वे जानते!
संज्ञा
وَٱلَّذِينَ
और जिन लोगों ने
wa-alladhīna
क्रिया
هَاجَرُوا۟
हिजरत की
hājarū
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के लिए
l-lahi
अव्यय
مِنۢ
से
min
संज्ञा
بَعْدِ
बाद
baʿdi
अव्यय
مَا
जब
क्रिया
ظُلِمُوا۟
उन पर ज़ुल्म किया गया
ẓulimū
क्रिया
لَنُبَوِّئَنَّهُمْ
हम उन्हें अवश्य देंगे
lanubawwi-annahum
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلدُّنْيَا
दुनिया
l-dun'yā
संज्ञा
حَسَنَةًۭ ۖ
अच्छा ठिकाना
ḥasanatan
संज्ञा
وَلَأَجْرُ
और बदला
wala-ajru
संज्ञा
ٱلْـَٔاخِرَةِ
आख़िरत का
l-ākhirati
संज्ञा
أَكْبَرُ ۚ
बहुत बड़ा है
akbaru
अव्यय
لَوْ
काश
law
क्रिया
كَانُوا۟
वे होते
kānū
क्रिया
يَعْلَمُونَ
जानते
yaʿlamūna
16:42
ٱلَّذِينَ صَبَرُوا۟ وَعَلَىٰ رَبِّهِمْ يَتَوَكَّلُونَ
alladhīna ṣabarū waʿalā rabbihim yatawakkalūna
वे लोग जिन्होंने सब्र किया और अपने रब पर ही भरोसा करते हैं।
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
वे लोग जिन्होंने
alladhīna
क्रिया
صَبَرُوا۟
सब्र किया
ṣabarū
अव्यय
وَعَلَىٰ
और पर
waʿalā
संज्ञा
رَبِّهِمْ
अपने रब
rabbihim
क्रिया
يَتَوَكَّلُونَ
वे भरोसा करते हैं
yatawakkalūna
16:43
وَمَآ أَرْسَلْنَا مِن قَبْلِكَ إِلَّا رِجَالًۭا نُّوحِىٓ إِلَيْهِمْ ۚ فَسْـَٔلُوٓا۟ أَهْلَ ٱلذِّكْرِ إِن كُنتُمْ لَا تَعْلَمُونَ
wamā arsalnā min qablika illā rijālan nūḥī ilayhim fasalū ahla l-dhik'ri in kuntum lā taʿlamūna
और हमने तुमसे पहले भी पुरुषों को ही रसूल बनाकर भेजा, जिनकी ओर हम वह्य करते थे। तो यदि तुम नहीं जानते तो ज्ञान वालों से पूछ लो।
अव्यय
وَمَآ
और हमने नहीं
wamā
क्रिया
أَرْسَلْنَا
भेजा
arsalnā
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
قَبْلِكَ
तुमसे पहले
qablika
अव्यय
إِلَّا
सिवाय
illā
संज्ञा
رِجَالًۭا
पुरुषों के
rijālan
क्रिया
نُّوحِىٓ
हम वह्य करते थे
nūḥī
अव्यय
إِلَيْهِمْ ۚ
उनकी ओर
ilayhim
क्रिया
فَسْـَٔلُوٓا۟
तो पूछ लो
fasalū
संज्ञा
أَهْلَ
वालों से
ahla
संज्ञा
ٱلذِّكْرِ
ज्ञान
l-dhik'ri
अव्यय
إِن
यदि
in
क्रिया
كُنتُمْ
तुम हो
kuntum
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
تَعْلَمُونَ
जानते
taʿlamūna
16:44
بِٱلْبَيِّنَـٰتِ وَٱلزُّبُرِ ۗ وَأَنزَلْنَآ إِلَيْكَ ٱلذِّكْرَ لِتُبَيِّنَ لِلنَّاسِ مَا نُزِّلَ إِلَيْهِمْ وَلَعَلَّهُمْ يَتَفَكَّرُونَ
bil-bayināti wal-zuburi wa-anzalnā ilayka l-dhik'ra litubayyina lilnnāsi mā nuzzila ilayhim walaʿallahum yatafakkarūna
स्पष्ट प्रमाणों और किताबों के साथ। और हमने तुम्हारी ओर यह ज़िक्र (कुरान) उतारा है, ताकि तुम लोगों के लिए स्पष्ट कर दो जो उनकी ओर उतारा गया है, और ताकि वे सोच-विचार करें।
संज्ञा
بِٱلْبَيِّنَـٰتِ
स्पष्ट प्रमाणों के साथ
bil-bayināti
संज्ञा
وَٱلزُّبُرِ ۗ
और किताबों के साथ
wal-zuburi
क्रिया
وَأَنزَلْنَآ
और हमने उतारा है
wa-anzalnā
अव्यय
إِلَيْكَ
तुम्हारी ओर
ilayka
संज्ञा
ٱلذِّكْرَ
ज़िक्र (कुरान)
l-dhik'ra
क्रिया
لِتُبَيِّنَ
ताकि तुम स्पष्ट कर दो
litubayyina
संज्ञा
لِلنَّاسِ
लोगों के लिए
lilnnāsi
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
نُزِّلَ
उतारा गया है
nuzzila
अव्यय
إِلَيْهِمْ
उनकी ओर
ilayhim
अव्यय
وَلَعَلَّهُمْ
और ताकि वे
walaʿallahum
क्रिया
يَتَفَكَّرُونَ
सोच-विचार करें
yatafakkarūna
16:45
أَفَأَمِنَ ٱلَّذِينَ مَكَرُوا۟ ٱلسَّيِّـَٔاتِ أَن يَخْسِفَ ٱللَّهُ بِهِمُ ٱلْأَرْضَ أَوْ يَأْتِيَهُمُ ٱلْعَذَابُ مِنْ حَيْثُ لَا يَشْعُرُونَ
afa-amina alladhīna makarū l-sayiāti an yakhsifa l-lahu bihimu l-arḍa aw yatiyahumu l-ʿadhābu min ḥaythu lā yashʿurūna
तो क्या वे लोग जो बुरी चालें चलते हैं, इस बात से निश्चिंत हो गए हैं कि अल्लाह उन्हें धरती में धँसा दे या उन पर वहाँ से अज़ाब आ जाए जहाँ से उन्हें गुमान भी न हो?
क्रिया
أَفَأَمِنَ
तो क्या वे निश्चिंत हो गए
afa-amina
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जो लोग
alladhīna
क्रिया
مَكَرُوا۟
चालें चलते हैं
makarū
संज्ञा
ٱلسَّيِّـَٔاتِ
बुरी
l-sayiāti
अव्यय
أَن
कि
an
क्रिया
يَخْسِفَ
धँसा दे
yakhsifa
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
अव्यय
بِهِمُ
उन्हें
bihimu
संज्ञा
ٱلْأَرْضَ
धरती में
l-arḍa
अव्यय
أَوْ
या
aw
क्रिया
يَأْتِيَهُمُ
उन पर आ जाए
yatiyahumu
संज्ञा
ٱلْعَذَابُ
अज़ाब
l-ʿadhābu
अव्यय
مِنْ
से
min
संज्ञा
حَيْثُ
जहाँ
ḥaythu
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَشْعُرُونَ
वे गुमान करते
yashʿurūna
16:46
أَوْ يَأْخُذَهُمْ فِى تَقَلُّبِهِمْ فَمَا هُم بِمُعْجِزِينَ
aw yakhudhahum fī taqallubihim famā hum bimuʿ'jizīna
या उन्हें उनके चलने-फिरने के दौरान पकड़ ले, तो वे (अल्लाह को) विवश करने वाले नहीं हैं।
अव्यय
أَوْ
या
aw
क्रिया
يَأْخُذَهُمْ
वह उन्हें पकड़ ले
yakhudhahum
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
تَقَلُّبِهِمْ
उनके चलने-फिरने
taqallubihim
अव्यय
فَمَا
तो नहीं
famā
सर्वनाम
هُم
वे
hum
संज्ञा
بِمُعْجِزِينَ
विवश करने वाले हैं
bimuʿ'jizīna
16:47
أَوْ يَأْخُذَهُمْ عَلَىٰ تَخَوُّفٍۢ فَإِنَّ رَبَّكُمْ لَرَءُوفٌۭ رَّحِيمٌ
aw yakhudhahum ʿalā takhawwufin fa-inna rabbakum laraūfun raḥīmun
या उन्हें धीरे-धीरे (डर की स्थिति में) पकड़ ले, तो निश्चय ही तुम्हारा रब बहुत करुणामय, दयावान् है।
अव्यय
أَوْ
या
aw
क्रिया
يَأْخُذَهُمْ
वह उन्हें पकड़ ले
yakhudhahum
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
تَخَوُّفٍۢ
डर की स्थिति में
takhawwufin
अव्यय
فَإِنَّ
तो निश्चय ही
fa-inna
संज्ञा
رَبَّكُمْ
तुम्हारा रब
rabbakum
संज्ञा
لَرَءُوفٌۭ
बहुत करुणामय
laraūfun
संज्ञा
رَّحِيمٌ
दयावान् है
raḥīmun
16:48
أَوَلَمْ يَرَوْا۟ إِلَىٰ مَا خَلَقَ ٱللَّهُ مِن شَىْءٍۢ يَتَفَيَّؤُا۟ ظِلَـٰلُهُۥ عَنِ ٱلْيَمِينِ وَٱلشَّمَآئِلِ سُجَّدًۭا لِّلَّهِ وَهُمْ دَٰخِرُونَ
awalam yaraw ilā mā khalaqa l-lahu min shayin yatafayya-u ẓilāluhu ʿani l-yamīni wal-shamāili sujjadan lillahi wahum dākhirūna
क्या उन्होंने अल्लाह की बनाई हुई किसी भी चीज़ को नहीं देखा, कि उसकी परछाइयाँ दाएँ और बाएँ झुकती हैं, अल्लाह को सजदा करते हुए, जबकि वे विनम्र होते हैं?
अव्यय
أَوَلَمْ
क्या नहीं
awalam
क्रिया
يَرَوْا۟
उन्होंने देखा
yaraw
अव्यय
إِلَىٰ
की ओर
ilā
अव्यय
مَا
जो कुछ
क्रिया
خَلَقَ
पैदा किया
khalaqa
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
شَىْءٍۢ
किसी चीज़
shayin
क्रिया
يَتَفَيَّؤُا۟
झुकती हैं
yatafayya-u
संज्ञा
ظِلَـٰلُهُۥ
उसकी परछाइयाँ
ẓilāluhu
अव्यय
عَنِ
की ओर
ʿani
संज्ञा
ٱلْيَمِينِ
दाएँ
l-yamīni
संज्ञा
وَٱلشَّمَآئِلِ
और बाएँ
wal-shamāili
क्रिया
سُجَّدًۭا
सजदा करते हुए
sujjadan
संज्ञा
لِّلَّهِ
अल्लाह को
lillahi
सर्वनाम
وَهُمْ
जबकि वे
wahum
संज्ञा
دَٰخِرُونَ
विनम्र होते हैं
dākhirūna
16:49
وَلِلَّهِ يَسْجُدُ مَا فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَمَا فِى ٱلْأَرْضِ مِن دَآبَّةٍۢ وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ وَهُمْ لَا يَسْتَكْبِرُونَ
walillahi yasjudu mā fī l-samāwāti wamā fī l-arḍi min dābbatin wal-malāikatu wahum lā yastakbirūna
और अल्लाह को ही सजदा करता है जो कुछ आकाशों में और जो कुछ धरती में जीव-जंतु हैं, और फ़रिश्ते भी, और वे घमंड नहीं करते।
संज्ञा
وَلِلَّهِ
और अल्लाह को ही
walillahi
क्रिया
يَسْجُدُ
सजदा करता है
yasjudu
अव्यय
مَا
जो कुछ
अव्यय
فِى
में है
संज्ञा
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ
आकाशों
l-samāwāti
अव्यय
وَمَا
और जो कुछ
wamā
अव्यय
فِى
में है
संज्ञा
ٱلْأَرْضِ
धरती
l-arḍi
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
دَآبَّةٍۢ
जीव-जंतु
dābbatin
संज्ञा
وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ
और फ़रिश्ते
wal-malāikatu
सर्वनाम
وَهُمْ
और वे
wahum
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَسْتَكْبِرُونَ
घमंड करते
yastakbirūna
16:50
يَخَافُونَ رَبَّهُم مِّن فَوْقِهِمْ وَيَفْعَلُونَ مَا يُؤْمَرُونَ ۩
yakhāfūna rabbahum min fawqihim wayafʿalūna mā yu'marūna
वे अपने रब से डरते हैं, जो उनके ऊपर है, और वे वही करते हैं जिसका उन्हें आदेश दिया जाता है।
क्रिया
يَخَافُونَ
वे डरते हैं
yakhāfūna
संज्ञा
رَبَّهُم
अपने रब से
rabbahum
अव्यय
مِّن
से
min
संज्ञा
فَوْقِهِمْ
उनके ऊपर
fawqihim
क्रिया
وَيَفْعَلُونَ
और वे करते हैं
wayafʿalūna
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
يُؤْمَرُونَ ۩
उन्हें आदेश दिया जाता है
yu'marūna
16:51
۞ وَقَالَ ٱللَّهُ لَا تَتَّخِذُوٓا۟ إِلَـٰهَيْنِ ٱثْنَيْنِ ۖ إِنَّمَا هُوَ إِلَـٰهٌۭ وَٰحِدٌۭ ۖ فَإِيَّـٰىَ فَٱرْهَبُونِ
waqāla l-lahu lā tattakhidhū ilāhayni ith'nayni innamā huwa ilāhun wāḥidun fa-iyyāya fa-ir'habūni
और अल्लाह ने कहा है, "दो पूज्य न बनाओ। वह तो बस एक ही पूज्य है, इसलिए केवल मुझ ही से डरो।"
क्रिया
۞ وَقَالَ
और कहा
waqāla
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
अव्यय
لَا
क्रिया
تَتَّخِذُوٓا۟
बनाओ
tattakhidhū
संज्ञा
إِلَـٰهَيْنِ
दो पूज्य
ilāhayni
संज्ञा
ٱثْنَيْنِ ۖ
दो
ith'nayni
अव्यय
إِنَّمَا
बस
innamā
सर्वनाम
هُوَ
वह
huwa
संज्ञा
إِلَـٰهٌۭ
एक पूज्य है
ilāhun
संज्ञा
وَٰحِدٌۭ ۖ
एक ही
wāḥidun
अव्यय
فَإِيَّـٰىَ
तो मुझ ही से
fa-iyyāya
क्रिया
فَٱرْهَبُونِ
तुम डरो
fa-ir'habūni
16:52
وَلَهُۥ مَا فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَلَهُ ٱلدِّينُ وَاصِبًا ۚ أَفَغَيْرَ ٱللَّهِ تَتَّقُونَ
walahu mā fī l-samāwāti wal-arḍi walahu l-dīnu wāṣiban afaghayra l-lahi tattaqūna
और उसी का है जो कुछ आकाशों और धरती में है, और उसी की इबादत हमेशा वाजिब है। तो क्या तुम अल्लाह के सिवा किसी और से डरते हो?
अव्यय
وَلَهُۥ
और उसी का है
walahu
अव्यय
مَا
जो कुछ
अव्यय
فِى
में है
संज्ञा
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ
आकाशों
l-samāwāti
संज्ञा
وَٱلْأَرْضِ
और धरती में
wal-arḍi
अव्यय
وَلَهُ
और उसी की
walahu
संज्ञा
ٱلدِّينُ
इबादत है
l-dīnu
संज्ञा
وَاصِبًا ۚ
हमेशा
wāṣiban
अव्यय
أَفَغَيْرَ
तो क्या सिवा
afaghayra
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
क्रिया
تَتَّقُونَ
तुम डरते हो
tattaqūna
16:53
وَمَا بِكُم مِّن نِّعْمَةٍۢ فَمِنَ ٱللَّهِ ۖ ثُمَّ إِذَا مَسَّكُمُ ٱلضُّرُّ فَإِلَيْهِ تَجْـَٔرُونَ
wamā bikum min niʿ'matin famina l-lahi thumma idhā massakumu l-ḍuru fa-ilayhi tajarūna
और तुम्हारे पास जो भी नेमत है, वह अल्लाह ही की ओर से है। फिर जब तुम्हें कोई तकलीफ़ पहुँचती है, तो तुम उसी से मदद माँगते हो।
अव्यय
وَمَا
और जो भी
wamā
अव्यय
بِكُم
तुम्हारे पास
bikum
अव्यय
مِّن
से
min
संज्ञा
نِّعْمَةٍۢ
नेमत
niʿ'matin
अव्यय
فَمِنَ
तो से है
famina
संज्ञा
ٱللَّهِ ۖ
अल्लाह
l-lahi
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
अव्यय
إِذَا
जब
idhā
क्रिया
مَسَّكُمُ
तुम्हें पहुँचती है
massakumu
संज्ञा
ٱلضُّرُّ
तकलीफ़
l-ḍuru
अव्यय
فَإِلَيْهِ
तो उसी से
fa-ilayhi
क्रिया
تَجْـَٔرُونَ
तुम मदद माँगते हो
tajarūna
16:54
ثُمَّ إِذَا كَشَفَ ٱلضُّرَّ عَنكُمْ إِذَا فَرِيقٌۭ مِّنكُم بِرَبِّهِمْ يُشْرِكُونَ
thumma idhā kashafa l-ḍura ʿankum idhā farīqun minkum birabbihim yush'rikūna
फिर जब वह तुमसे तकलीफ़ दूर कर देता है, तो अचानक तुम में से एक गिरोह अपने रब के साथ शरीक ठहराने लगता है।
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
अव्यय
إِذَا
जब
idhā
क्रिया
كَشَفَ
वह दूर कर देता है
kashafa
संज्ञा
ٱلضُّرَّ
तकलीफ़
l-ḍura
अव्यय
عَنكُمْ
तुमसे
ʿankum
अव्यय
إِذَا
तो अचानक
idhā
संज्ञा
فَرِيقٌۭ
एक गिरोह
farīqun
अव्यय
مِّنكُم
तुम में से
minkum
संज्ञा
بِرَبِّهِمْ
अपने रब के साथ
birabbihim
क्रिया
يُشْرِكُونَ
शरीक ठहराने लगता है
yush'rikūna
16:55
لِيَكْفُرُوا۟ بِمَآ ءَاتَيْنَـٰهُمْ ۚ فَتَمَتَّعُوا۟ ۖ فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ
liyakfurū bimā ātaynāhum fatamattaʿū fasawfa taʿlamūna
ताकि वे उसका इनकार करें जो हमने उन्हें दिया है। तो तुम लाभ उठा लो, फिर तुम्हें जल्द ही पता चल जाएगा।
क्रिया
لِيَكْفُرُوا۟
ताकि वे इनकार करें
liyakfurū
अव्यय
بِمَآ
उसका जो
bimā
क्रिया
ءَاتَيْنَـٰهُمْ ۚ
हमने उन्हें दिया है
ātaynāhum
क्रिया
فَتَمَتَّعُوا۟ ۖ
तो तुम लाभ उठा लो
fatamattaʿū
अव्यय
فَسَوْفَ
तो जल्द ही
fasawfa
क्रिया
تَعْلَمُونَ
तुम जान लोगे
taʿlamūna
16:56
وَيَجْعَلُونَ لِمَا لَا يَعْلَمُونَ نَصِيبًۭا مِّمَّا رَزَقْنَـٰهُمْ ۗ تَٱللَّهِ لَتُسْـَٔلُنَّ عَمَّا كُنتُمْ تَفْتَرُونَ
wayajʿalūna limā lā yaʿlamūna naṣīban mimmā razaqnāhum tal-lahi latus-alunna ʿammā kuntum taftarūna
और वे उनके लिए जिन्हें वे जानते भी नहीं, हमारे दिए हुए में से एक हिस्सा निर्धारित करते हैं। अल्लाह की क़सम! तुमसे ज़रूर पूछा जाएगा उस झूठ के बारे में जो तुम गढ़ते थे।
क्रिया
وَيَجْعَلُونَ
और वे निर्धारित करते हैं
wayajʿalūna
अव्यय
لِمَا
उनके लिए जिन्हें
limā
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَعْلَمُونَ
वे जानते
yaʿlamūna
संज्ञा
نَصِيبًۭا
एक हिस्सा
naṣīban
अव्यय
مِّمَّا
उसमें से जो
mimmā
क्रिया
رَزَقْنَـٰهُمْ ۗ
हमने उन्हें दिया है
razaqnāhum
संज्ञा
تَٱللَّهِ
अल्लाह की क़सम
tal-lahi
क्रिया
لَتُسْـَٔلُنَّ
तुमसे ज़रूर पूछा जाएगा
latus'alunna
अव्यय
عَمَّا
उसके बारे में जो
ʿammā
क्रिया
كُنتُمْ
तुम थे
kuntum
क्रिया
تَفْتَرُونَ
गढ़ते
taftarūna
16:57
وَيَجْعَلُونَ لِلَّهِ ٱلْبَنَـٰتِ سُبْحَـٰنَهُۥ ۙ وَلَهُم مَّا يَشْتَهُونَ
wayajʿalūna lillahi l-banāti sub'ḥānahu walahum mā yashtahūna
और वे अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हैं - वह पवित्र है - और अपने लिए वह जो वे चाहते हैं।
क्रिया
وَيَجْعَلُونَ
और वे ठहराते हैं
wayajʿalūna
संज्ञा
لِلَّهِ
अल्लाह के लिए
lillahi
संज्ञा
ٱلْبَنَـٰتِ
बेटियाँ
l-banāti
संज्ञा
سُبْحَـٰنَهُۥ ۙ
वह पवित्र है
sub'ḥānahu
अव्यय
وَلَهُم
और अपने लिए
walahum
अव्यय
مَّا
वह जो
क्रिया
يَشْتَهُونَ
वे चाहते हैं
yashtahūna
16:58
وَإِذَا بُشِّرَ أَحَدُهُم بِٱلْأُنثَىٰ ظَلَّ وَجْهُهُۥ مُسْوَدًّۭا وَهُوَ كَظِيمٌۭ
wa-idhā bushira aḥaduhum bil-unthā ẓalla wajhuhu mus'waddan wahuwa kaẓīmun
और जब उनमें से किसी को बेटी की ख़ुशख़बरी दी जाती है, तो उसका चेहरा काला पड़ जाता है और वह ग़म से भर जाता है।
अव्यय
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
क्रिया
بُشِّرَ
ख़ुशख़बरी दी जाती है
bushira
संज्ञा
أَحَدُهُم
उनमें से किसी को
aḥaduhum
संज्ञा
بِٱلْأُنثَىٰ
बेटी की
bil-unthā
क्रिया
ظَلَّ
हो जाता है
ẓalla
संज्ञा
وَجْهُهُۥ
उसका चेहरा
wajhuhu
संज्ञा
مُسْوَدًّۭا
काला
mus'waddan
सर्वनाम
وَهُوَ
और वह
wahuwa
संज्ञा
كَظِيمٌۭ
ग़म से भरा होता है
kaẓīmun
16:59
يَتَوَٰرَىٰ مِنَ ٱلْقَوْمِ مِن سُوٓءِ مَا بُشِّرَ بِهِۦٓ ۚ أَيُمْسِكُهُۥ عَلَىٰ هُونٍ أَمْ يَدُسُّهُۥ فِى ٱلتُّرَابِ ۗ أَلَا سَآءَ مَا يَحْكُمُونَ
yatawārā mina l-qawmi min sūi mā bushira bihi ayum'sikuhu ʿalā hūnin am yadussuhu fī l-turābi alā sāa mā yaḥkumūna
वह लोगों से छिपता फिरता है, उस बुरी ख़बर के कारण जो उसे दी गई है। क्या वह उसे अपमान के साथ रखे या उसे मिट्टी में दबा दे? सुन लो! कितना बुरा है जो वे फ़ैसला करते हैं।
क्रिया
يَتَوَٰرَىٰ
वह छिपता फिरता है
yatawārā
अव्यय
مِنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلْقَوْمِ
लोगों
l-qawmi
अव्यय
مِن
के कारण
min
संज्ञा
سُوٓءِ
बुराई
sūi
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
بُشِّرَ
उसे ख़बर दी गई
bushira
अव्यय
بِهِۦٓ ۚ
उसकी
bihi
क्रिया
أَيُمْسِكُهُۥ
क्या वह उसे रखे
ayum'sikuhu
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
هُونٍ
अपमान
hūnin
अव्यय
أَمْ
या
am
क्रिया
يَدُسُّهُۥ
उसे दबा दे
yadussuhu
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلتُّرَابِ ۗ
मिट्टी
l-turābi
अव्यय
أَلَا
सुन लो
alā
क्रिया
سَآءَ
बुरा है
sāa
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
يَحْكُمُونَ
वे फ़ैसला करते हैं
yaḥkumūna
16:60
لِلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِٱلْـَٔاخِرَةِ مَثَلُ ٱلسَّوْءِ ۖ وَلِلَّهِ ٱلْمَثَلُ ٱلْأَعْلَىٰ ۚ وَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلْحَكِيمُ
lilladhīna lā yu'minūna bil-ākhirati mathalu l-sawi walillahi l-mathalu l-aʿlā wahuwa l-ʿazīzu l-ḥakīmu
जो लोग आख़िरत पर ईमान नहीं रखते, उन्हीं के लिए बुरी मिसाल है, और अल्लाह के लिए तो सर्वोच्च मिसाल है, और वह प्रभुत्वशाली, तत्वदर्शी है।
अव्यय
لِلَّذِينَ
उन लोगों के लिए जो
lilladhīna
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يُؤْمِنُونَ
ईमान रखते
yu'minūna
संज्ञा
بِٱلْـَٔاخِرَةِ
आख़िरत पर
bil-ākhirati
संज्ञा
مَثَلُ
मिसाल है
mathalu
संज्ञा
ٱلسَّوْءِ ۖ
बुरी
l-sawi
संज्ञा
وَلِلَّهِ
और अल्लाह के लिए
walillahi
संज्ञा
ٱلْمَثَلُ
मिसाल है
l-mathalu
संज्ञा
ٱلْأَعْلَىٰ ۚ
सर्वोच्च
l-aʿlā
सर्वनाम
وَهُوَ
और वह
wahuwa
संज्ञा
ٱلْعَزِيزُ
प्रभुत्वशाली
l-ʿazīzu
संज्ञा
ٱلْحَكِيمُ
तत्वदर्शी है
l-ḥakīmu
16:61
وَلَوْ يُؤَاخِذُ ٱللَّهُ ٱلنَّاسَ بِظُلْمِهِم مَّا تَرَكَ عَلَيْهَا مِن دَآبَّةٍۢ وَلَـٰكِن يُؤَخِّرُهُمْ إِلَىٰٓ أَجَلٍۢ مُّسَمًّۭى ۖ فَإِذَا جَآءَ أَجَلُهُمْ لَا يَسْتَـْٔخِرُونَ سَاعَةًۭ ۖ وَلَا يَسْتَقْدِمُونَ
walaw yuākhidhu l-lahu l-nāsa biẓul'mihim mā taraka ʿalayhā min dābbatin walākin yu-akhiruhum ilā ajalin musamman fa-idhā jāa ajaluhum lā yastakhirūna sāʿatan walā yastaqdimūna
और यदि अल्लाह लोगों को उनके ज़ुल्म के कारण पकड़ता, तो वह इस पर किसी भी जीव को न छोड़ता, लेकिन वह उन्हें एक निश्चित समय तक मोहलत देता है। फिर जब उनका समय आ जाता है, तो वे न एक घड़ी पीछे रह सकते हैं और न आगे बढ़ सकते हैं।
अव्यय
وَلَوْ
और यदि
walaw
क्रिया
يُؤَاخِذُ
पकड़ता
yuākhidhu
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
संज्ञा
ٱلنَّاسَ
लोगों को
l-nāsa
संज्ञा
بِظُلْمِهِم
उनके ज़ुल्म के कारण
biẓul'mihim
अव्यय
مَّا
क्रिया
تَرَكَ
वह छोड़ता
taraka
अव्यय
عَلَيْهَا
इस पर
ʿalayhā
अव्यय
مِن
कोई
min
संज्ञा
دَآبَّةٍۢ
जीव
dābbatin
अव्यय
وَلَـٰكِن
लेकिन
walākin
क्रिया
يُؤَخِّرُهُمْ
वह उन्हें मोहलत देता है
yu-akhiruhum
अव्यय
إِلَىٰٓ
तक
ilā
संज्ञा
أَجَلٍۢ
एक समय
ajalin
संज्ञा
مُّسَمًّۭى ۖ
निश्चित
musamman
अव्यय
فَإِذَا
फिर जब
fa-idhā
क्रिया
جَآءَ
आ जाता है
jāa
संज्ञा
أَجَلُهُمْ
उनका समय
ajaluhum
अव्यय
لَا
क्रिया
يَسْتَـْٔخِرُونَ
वे पीछे रह सकते हैं
yastakhirūna
संज्ञा
سَاعَةًۭ ۖ
एक घड़ी
sāʿatan
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
يَسْتَقْدِمُونَ
वे आगे बढ़ सकते हैं
yastaqdimūna
16:62
وَيَجْعَلُونَ لِلَّهِ مَا يَكْرَهُونَ وَتَصِفُ أَلْسِنَتُهُمُ ٱلْكَذِبَ أَنَّ لَهُمُ ٱلْحُسْنَىٰ ۖ لَا جَرَمَ أَنَّ لَهُمُ ٱلنَّارَ وَأَنَّهُم مُّفْرَطُونَ
wayajʿalūna lillahi mā yakrahūna wataṣifu alsinatuhumu l-kadhiba anna lahumu l-ḥus'nā lā jarama anna lahumu l-nāra wa-annahum muf'raṭūna
और वे अल्लाह के लिए वह चीज़ें ठहराते हैं जो वे नापसंद करते हैं, और उनकी ज़बानें झूठ बोलती हैं कि उनके लिए भलाई है। निस्संदेह, उनके लिए आग है और वे (सज़ा के लिए) जल्दबाजी में हैं।
क्रिया
وَيَجْعَلُونَ
और वे ठहराते हैं
wayajʿalūna
संज्ञा
لِلَّهِ
अल्लाह के लिए
lillahi
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
يَكْرَهُونَ
वे नापसंद करते हैं
yakrahūna
क्रिया
وَتَصِفُ
और बोलती हैं
wataṣifu
संज्ञा
أَلْسِنَتُهُمُ
उनकी ज़बानें
alsinatuhumu
संज्ञा
ٱلْكَذِبَ
झूठ
l-kadhiba
अव्यय
أَنَّ
कि
anna
अव्यय
لَهُمُ
उनके लिए
lahumu
संज्ञा
ٱلْحُسْنَىٰ ۖ
भलाई है
l-ḥus'nā
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
جَرَمَ
संदेह
jarama
अव्यय
أَنَّ
कि
anna
अव्यय
لَهُمُ
उनके लिए
lahumu
संज्ञा
ٱلنَّارَ
आग है
l-nāra
अव्यय
وَأَنَّهُم
और यह कि वे
wa-annahum
संज्ञा
مُّفْرَطُونَ
छोड़ दिए जाएँगे
muf'raṭūna
16:63
تَٱللَّهِ لَقَدْ أَرْسَلْنَآ إِلَىٰٓ أُمَمٍۢ مِّن قَبْلِكَ فَزَيَّنَ لَهُمُ ٱلشَّيْطَـٰنُ أَعْمَـٰلَهُمْ فَهُوَ وَلِيُّهُمُ ٱلْيَوْمَ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌۭ
tal-lahi laqad arsalnā ilā umamin min qablika fazayyana lahumu l-shayṭānu aʿmālahum fahuwa waliyyuhumu l-yawma walahum ʿadhābun alīmun
अल्लाह की क़सम! हमने तुमसे पहले भी समुदायों की ओर रसूल भेजे, तो शैतान ने उनके कर्मों को उनके लिए आकर्षक बना दिया। तो आज वह उनका साथी है, और उनके लिए दर्दनाक अज़ाब है।
संज्ञा
تَٱللَّهِ
अल्लाह की क़सम
tal-lahi
अव्यय
لَقَدْ
निश्चय ही
laqad
क्रिया
أَرْسَلْنَآ
हमने भेजा
arsalnā
अव्यय
إِلَىٰٓ
की ओर
ilā
संज्ञा
أُمَمٍۢ
समुदायों
umamin
अव्यय
مِّن
से
min
संज्ञा
قَبْلِكَ
तुमसे पहले
qablika
क्रिया
فَزَيَّنَ
तो आकर्षक बना दिया
fazayyana
अव्यय
لَهُمُ
उनके लिए
lahumu
संज्ञा
ٱلشَّيْطَـٰنُ
शैतान ने
l-shayṭānu
संज्ञा
أَعْمَـٰلَهُمْ
उनके कर्मों को
aʿmālahum
सर्वनाम
فَهُوَ
तो वह
fahuwa
संज्ञा
وَلِيُّهُمُ
उनका साथी है
waliyyuhumu
संज्ञा
ٱلْيَوْمَ
आज
l-yawma
अव्यय
وَلَهُمْ
और उनके लिए
walahum
संज्ञा
عَذَابٌ
अज़ाब है
ʿadhābun
संज्ञा
أَلِيمٌۭ
दर्दनाक
alīmun
16:64
وَمَآ أَنزَلْنَا عَلَيْكَ ٱلْكِتَـٰبَ إِلَّا لِتُبَيِّنَ لَهُمُ ٱلَّذِى ٱخْتَلَفُوا۟ فِيهِ ۙ وَهُدًۭى وَرَحْمَةًۭ لِّقَوْمٍۢ يُؤْمِنُونَ
wamā anzalnā ʿalayka l-kitāba illā litubayyina lahumu alladhī ikh'talafū fīhi wahudan waraḥmatan liqawmin yu'minūna
और हमने तुम पर किताब केवल इसलिए उतारी है ताकि तुम उनके लिए वह स्पष्ट कर दो जिसमें वे मतभेद करते हैं, और मार्गदर्शन तथा दया के रूप में उन लोगों के लिए जो ईमान लाते हैं।
अव्यय
وَمَآ
और हमने नहीं
wamā
क्रिया
أَنزَلْنَا
उतारी
anzalnā
अव्यय
عَلَيْكَ
तुम पर
ʿalayka
संज्ञा
ٱلْكِتَـٰبَ
किताब
l-kitāba
अव्यय
إِلَّا
सिवाय
illā
क्रिया
لِتُبَيِّنَ
ताकि तुम स्पष्ट कर दो
litubayyina
अव्यय
لَهُمُ
उनके लिए
lahumu
संज्ञा
ٱلَّذِى
जिसमें
alladhī
क्रिया
ٱخْتَلَفُوا۟
वे मतभेद करते हैं
ikh'talafū
अव्यय
فِيهِ ۙ
उसमें
fīhi
संज्ञा
وَهُدًۭى
और मार्गदर्शन
wahudan
संज्ञा
وَرَحْمَةًۭ
और दया
waraḥmatan
संज्ञा
لِّقَوْمٍۢ
उन लोगों के लिए
liqawmin
क्रिया
يُؤْمِنُونَ
जो ईमान लाते हैं
yu'minūna
16:65
وَٱللَّهُ أَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءًۭ فَأَحْيَا بِهِ ٱلْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَآ ۚ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَةًۭ لِّقَوْمٍۢ يَسْمَعُونَ
wal-lahu anzala mina l-samāi māan fa-aḥyā bihi l-arḍa baʿda mawtihā inna fī dhālika laāyatan liqawmin yasmaʿūna
और अल्लाह ने आकाश से पानी उतारा और उसके द्वारा धरती को उसके निर्जीव होने के बाद जीवित किया। निस्संदेह, इसमें उन लोगों के लिए एक निशानी है जो सुनते हैं।
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह ने
wal-lahu
क्रिया
أَنزَلَ
उतारा
anzala
अव्यय
مِنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلسَّمَآءِ
आकाश
l-samāi
संज्ञा
مَآءًۭ
पानी
māan
क्रिया
فَأَحْيَا
और जीवित किया
fa-aḥyā
अव्यय
بِهِ
उसके द्वारा
bihi
संज्ञा
ٱلْأَرْضَ
धरती को
l-arḍa
संज्ञा
بَعْدَ
बाद
baʿda
संज्ञा
مَوْتِهَآ ۚ
उसके निर्जीव होने के
mawtihā
अव्यय
إِنَّ
निस्संदेह
inna
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ذَٰلِكَ
इसमें
dhālika
संज्ञा
لَـَٔايَةًۭ
एक निशानी है
laāyatan
संज्ञा
لِّقَوْمٍۢ
उन लोगों के लिए
liqawmin
क्रिया
يَسْمَعُونَ
जो सुनते हैं
yasmaʿūna
16:66
وَإِنَّ لَكُمْ فِى ٱلْأَنْعَـٰمِ لَعِبْرَةًۭ ۖ نُّسْقِيكُم مِّمَّا فِى بُطُونِهِۦ مِنۢ بَيْنِ فَرْثٍۢ وَدَمٍۢ لَّبَنًا خَالِصًۭا سَآئِغًۭا لِّلشَّـٰرِبِينَ
wa-inna lakum fī l-anʿāmi laʿib'ratan nus'qīkum mimmā fī buṭūnihi min bayni farthin wadamin labanan khāliṣan sāighan lilshāribīna
और निःसंदेह, तुम्हारे लिए चौपायों में एक शिक्षा है। हम तुम्हें पिलाते हैं उसमें से जो उनके पेटों में गोबर और खून के बीच से है - शुद्ध दूध, पीने वालों के लिए स्वादिष्ट।
अव्यय
وَإِنَّ
और निःसंदेह
wa-inna
अव्यय
لَكُمْ
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلْأَنْعَـٰمِ
चौपायों
l-anʿāmi
संज्ञा
لَعِبْرَةًۭ ۖ
एक शिक्षा है
laʿib'ratan
क्रिया
نُّسْقِيكُم
हम तुम्हें पिलाते हैं
nus'qīkum
अव्यय
مِّمَّا
उसमें से जो
mimmā
अव्यय
فِى
में है
संज्ञा
بُطُونِهِۦ
उनके पेटों
buṭūnihi
अव्यय
مِنۢ
से
min
संज्ञा
بَيْنِ
बीच
bayni
संज्ञा
فَرْثٍۢ
गोबर
farthin
संज्ञा
وَدَمٍۢ
और खून
wadamin
संज्ञा
لَّبَنًا
दूध
labanan
संज्ञा
خَالِصًۭا
शुद्ध
khāliṣan
संज्ञा
سَآئِغًۭا
स्वादिष्ट
sāighan
संज्ञा
لِّلشَّـٰرِبِينَ
पीने वालों के लिए
lilshāribīna
16:67
وَمِن ثَمَرَٰتِ ٱلنَّخِيلِ وَٱلْأَعْنَـٰبِ تَتَّخِذُونَ مِنْهُ سَكَرًۭا وَرِزْقًا حَسَنًا ۗ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَةًۭ لِّقَوْمٍۢ يَعْقِلُونَ
wamin thamarāti l-nakhīli wal-aʿnābi tattakhidhūna min'hu sakaran wariz'qan ḥasanan inna fī dhālika laāyatan liqawmin yaʿqilūna
और खजूर के पेड़ों और अंगूरों के फलों से तुम नशीला पेय और उत्तम आहार प्राप्त करते हो। निश्चय ही इसमें उन लोगों के लिए एक निशानी है जो बुद्धि से काम लेते हैं।
अव्यय
وَمِن
और से
wamin
संज्ञा
ثَمَرَٰتِ
फलों
thamarāti
संज्ञा
ٱلنَّخِيلِ
खजूर के पेड़ों
l-nakhīli
संज्ञा
وَٱلْأَعْنَـٰبِ
और अंगूरों
wal-aʿnābi
क्रिया
تَتَّخِذُونَ
तुम बनाते हो
tattakhidhūna
अव्यय
مِنْهُ
उससे
min'hu
संज्ञा
سَكَرًۭا
नशीला पेय
sakaran
संज्ञा
وَرِزْقًا
और आहार
wariz'qan
संज्ञा
حَسَنًا ۗ
उत्तम
ḥasanan
अव्यय
إِنَّ
निश्चय ही
inna
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ذَٰلِكَ
उसमें
dhālika
संज्ञा
لَـَٔايَةًۭ
एक निशानी है
laāyatan
संज्ञा
لِّقَوْمٍۢ
उन लोगों के लिए
liqawmin
क्रिया
يَعْقِلُونَ
जो बुद्धि से काम लेते हैं
yaʿqilūna
16:68
وَأَوْحَىٰ رَبُّكَ إِلَى ٱلنَّحْلِ أَنِ ٱتَّخِذِى مِنَ ٱلْجِبَالِ بُيُوتًۭا وَمِنَ ٱلشَّجَرِ وَمِمَّا يَعْرِشُونَ
wa-awḥā rabbuka ilā l-naḥli ani ittakhidhī mina l-jibāli buyūtan wamina l-shajari wamimmā yaʿrishūna
और तुम्हारे रब ने मधुमक्खी को प्रेरित किया कि "पहाड़ों में, पेड़ों में और जो वे बनाते हैं, उसमें अपने घर बनाओ।"
क्रिया
وَأَوْحَىٰ
और प्रेरित किया
wa-awḥā
संज्ञा
رَبُّكَ
तुम्हारे रब ने
rabbuka
अव्यय
إِلَى
को
ilā
संज्ञा
ٱلنَّحْلِ
मधुमक्खी
l-naḥli
अव्यय
أَنِ
कि
ani
क्रिया
ٱتَّخِذِى
बनाओ
ittakhidhī
अव्यय
مِنَ
में
mina
संज्ञा
ٱلْجِبَالِ
पहाड़ों
l-jibāli
संज्ञा
بُيُوتًۭا
घर
buyūtan
अव्यय
وَمِنَ
और में
wamina
संज्ञा
ٱلشَّجَرِ
पेड़ों
l-shajari
अव्यय
وَمِمَّا
और उसमें जो
wamimmā
क्रिया
يَعْرِشُونَ
वे बनाते हैं
yaʿrishūna
16:69
ثُمَّ كُلِى مِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِ فَٱسْلُكِى سُبُلَ رَبِّكِ ذُلُلًۭا ۚ يَخْرُجُ مِنۢ بُطُونِهَا شَرَابٌۭ مُّخْتَلِفٌ أَلْوَٰنُهُۥ فِيهِ شِفَآءٌۭ لِّلنَّاسِ ۗ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَةًۭ لِّقَوْمٍۢ يَتَفَكَّرُونَ
thumma kulī min kulli l-thamarāti fa-us'lukī subula rabbiki dhululan yakhruju min buṭūnihā sharābun mukh'talifun alwānuhu fīhi shifāon lilnnāsi inna fī dhālika laāyatan liqawmin yatafakkarūna
फिर हर प्रकार के फलों से खाओ और अपने रब के निर्धारित मार्गों पर चलो।" उनके पेटों से एक पेय निकलता है, जिसके रंग भिन्न-भिन्न होते हैं, जिसमें लोगों के लिए شفاء (शिफ़ा) है। निस्संदेह, इसमें उन लोगों के लिए एक निशानी है जो सोच-विचार करते हैं।
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
क्रिया
كُلِى
खाओ
kulī
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
كُلِّ
हर प्रकार के
kulli
संज्ञा
ٱلثَّمَرَٰتِ
फलों
l-thamarāti
क्रिया
فَٱسْلُكِى
और चलो
fa-us'lukī
संज्ञा
سُبُلَ
मार्गों पर
subula
संज्ञा
رَبِّكِ
अपने रब के
rabbiki
संज्ञा
ذُلُلًۭا ۚ
निर्धारित
dhululan
क्रिया
يَخْرُجُ
निकलता है
yakhruju
अव्यय
مِنۢ
से
min
संज्ञा
بُطُونِهَا
उनके पेटों
buṭūnihā
संज्ञा
شَرَابٌۭ
एक पेय
sharābun
संज्ञा
مُّخْتَلِفٌ
भिन्न-भिन्न
mukh'talifun
संज्ञा
أَلْوَٰنُهُۥ
जिसके रंग
alwānuhu
अव्यय
فِيهِ
जिसमें
fīhi
संज्ञा
شِفَآءٌۭ
शिफ़ा है
shifāon
संज्ञा
لِّلنَّاسِ ۗ
लोगों के लिए
lilnnāsi
अव्यय
إِنَّ
निस्संदेह
inna
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ذَٰلِكَ
इसमें
dhālika
संज्ञा
لَـَٔايَةًۭ
एक निशानी है
laāyatan
संज्ञा
لِّقَوْمٍۢ
उन लोगों के लिए
liqawmin
क्रिया
يَتَفَكَّرُونَ
जो सोच-विचार करते हैं
yatafakkarūna
16:70
وَٱللَّهُ خَلَقَكُمْ ثُمَّ يَتَوَفَّىٰكُمْ ۚ وَمِنكُم مَّن يُرَدُّ إِلَىٰٓ أَرْذَلِ ٱلْعُمُرِ لِكَىْ لَا يَعْلَمَ بَعْدَ عِلْمٍۢ شَيْـًٔا ۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمٌۭ قَدِيرٌۭ
wal-lahu khalaqakum thumma yatawaffākum waminkum man yuraddu ilā ardhali l-ʿumuri likay lā yaʿlama baʿda ʿil'min shayan inna l-laha ʿalīmun qadīrun
और अल्लाह ने तुम्हें पैदा किया; फिर वह तुम्हें मृत्यु देता है। और तुम में से कुछ को सबसे निकृष्ट आयु तक पहुँचाया जाता है ताकि वह जानने के बाद कुछ भी न जाने। निःसंदेह, अल्लाह जानने वाला, सामर्थ्यवान है।
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह ने
wal-lahu
क्रिया
خَلَقَكُمْ
तुम्हें पैदा किया
khalaqakum
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
क्रिया
يَتَوَفَّىٰكُمْ ۚ
वह तुम्हें मृत्यु देता है
yatawaffākum
अव्यय
وَمِنكُم
और तुम में से
waminkum
संज्ञा
مَّن
कुछ को
man
क्रिया
يُرَدُّ
पहुँचाया जाता है
yuraddu
अव्यय
إِلَىٰٓ
तक
ilā
संज्ञा
أَرْذَلِ
सबसे निकृष्ट
ardhali
संज्ञा
ٱلْعُمُرِ
आयु
l-ʿumuri
अव्यय
لِكَىْ
ताकि
likay
अव्यय
لَا
क्रिया
يَعْلَمَ
वह जाने
yaʿlama
संज्ञा
بَعْدَ
बाद
baʿda
संज्ञा
عِلْمٍۢ
जानने के
ʿil'min
संज्ञा
شَيْـًٔا ۚ
कुछ भी
shayan
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
संज्ञा
عَلِيمٌۭ
जानने वाला
ʿalīmun
संज्ञा
قَدِيرٌۭ
सामर्थ्यवान है
qadīrun
16:71
وَٱللَّهُ فَضَّلَ بَعْضَكُمْ عَلَىٰ بَعْضٍۢ فِى ٱلرِّزْقِ ۚ فَمَا ٱلَّذِينَ فُضِّلُوا۟ بِرَآدِّى رِزْقِهِمْ عَلَىٰ مَا مَلَكَتْ أَيْمَـٰنُهُمْ فَهُمْ فِيهِ سَوَآءٌ ۚ أَفَبِنِعْمَةِ ٱللَّهِ يَجْحَدُونَ
wal-lahu faḍḍala baʿḍakum ʿalā baʿḍin fī l-riz'qi famā alladhīna fuḍḍilū birāddī riz'qihim ʿalā mā malakat aymānuhum fahum fīhi sawāon afabiniʿ'mati l-lahi yajḥadūna
और अल्लाह ने तुम में से कुछ को दूसरों पर रोज़ी में श्रेष्ठता दी है। तो जिन लोगों को श्रेष्ठता दी गई है, वे अपनी रोज़ी उन लोगों को नहीं देते जो उनके अधीन हैं, ताकि वे उसमें बराबर हो जाएँ। तो क्या वे अल्लाह के अनुग्रह का इनकार करते हैं?
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह ने
wal-lahu
क्रिया
فَضَّلَ
श्रेष्ठता दी है
faḍḍala
संज्ञा
بَعْضَكُمْ
तुम में से कुछ को
baʿḍakum
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
بَعْضٍۢ
दूसरों
baʿḍin
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلرِّزْقِ ۚ
रोज़ी
l-riz'qi
अव्यय
فَمَا
तो नहीं
famā
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
वे लोग जिन्हें
alladhīna
क्रिया
فُضِّلُوا۟
श्रेष्ठता दी गई है
fuḍḍilū
संज्ञा
بِرَآدِّى
देने वाले हैं
birāddī
संज्ञा
رِزْقِهِمْ
अपनी रोज़ी
riz'qihim
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
مَلَكَتْ
मालिक हैं
malakat
संज्ञा
أَيْمَـٰنُهُمْ
उनके दाहिने हाथ
aymānuhum
अव्यय
فَهُمْ
तो वे
fahum
अव्यय
فِيهِ
उसमें
fīhi
संज्ञा
سَوَآءٌ ۚ
बराबर हैं
sawāon
संज्ञा
أَفَبِنِعْمَةِ
तो क्या अनुग्रह का
afabiniʿ'mati
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
क्रिया
يَجْحَدُونَ
वे इनकार करते हैं?
yajḥadūna
16:72
وَٱللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّنْ أَنفُسِكُمْ أَزْوَٰجًۭا وَجَعَلَ لَكُم مِّنْ أَزْوَٰجِكُم بَنِينَ وَحَفَدَةًۭ وَرَزَقَكُم مِّنَ ٱلطَّيِّبَـٰتِ ۚ أَفَبِٱلْبَـٰطِلِ يُؤْمِنُونَ وَبِنِعْمَتِ ٱللَّهِ هُمْ يَكْفُرُونَ
wal-lahu jaʿala lakum min anfusikum azwājan wajaʿala lakum min azwājikum banīna waḥafadatan warazaqakum mina l-ṭayibāti afabil-bāṭili yu'minūna wabiniʿ'mati l-lahi hum yakfurūna
और अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हीं में से पत्नियाँ बनाईं, और तुम्हारी पत्नियों से तुम्हारे लिए बेटे और पोते बनाए, और तुम्हें अच्छी चीज़ों में से रोज़ी दी। तो क्या वे झूठ पर ईमान लाते हैं और अल्लाह की नेमत का इनकार करते हैं?
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह ने
wal-lahu
क्रिया
جَعَلَ
बनाए
jaʿala
अव्यय
لَكُم
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
مِّنْ
से
min
संज्ञा
أَنفُسِكُمْ
तुम्हीं में
anfusikum
संज्ञा
أَزْوَٰجًۭا
पत्नियां
azwājan
क्रिया
وَجَعَلَ
और बनाए
wajaʿala
अव्यय
لَكُم
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
مِّنْ
से
min
संज्ञा
أَزْوَٰجِكُم
तुम्हारी पत्नियों
azwājikum
संज्ञा
بَنِينَ
बेटे
banīna
संज्ञा
وَحَفَدَةًۭ
और पोते
waḥafadatan
क्रिया
وَرَزَقَكُم
और तुम्हें रोज़ी दी
warazaqakum
अव्यय
مِّنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلطَّيِّبَـٰتِ ۚ
अच्छी चीज़ों
l-ṭayibāti
संज्ञा
أَفَبِٱلْبَـٰطِلِ
तो क्या झूठ पर
afabil-bāṭili
क्रिया
يُؤْمِنُونَ
वे ईमान लाते हैं
yu'minūna
संज्ञा
وَبِنِعْمَتِ
और नेमत का
wabiniʿ'mati
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह की
l-lahi
सर्वनाम
هُمْ
वे
hum
क्रिया
يَكْفُرُونَ
इनकार करते हैं?
yakfurūna
16:73
وَيَعْبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَمْلِكُ لَهُمْ رِزْقًۭا مِّنَ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ شَيْـًۭٔا وَلَا يَسْتَطِيعُونَ
wayaʿbudūna min dūni l-lahi mā lā yamliku lahum riz'qan mina l-samāwāti wal-arḍi shayan walā yastaṭīʿūna
और वे अल्लाह के सिवा उसकी पूजा करते हैं जो उनके लिए आकाशों और धरती से कोई रोज़ी का मालिक नहीं है, और न ही वे सक्षम हैं।
क्रिया
وَيَعْبُدُونَ
और वे पूजा करते हैं
wayaʿbudūna
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
دُونِ
सिवा
dūni
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
अव्यय
مَا
उसकी जो
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَمْلِكُ
मालिक है
yamliku
अव्यय
لَهُمْ
उनके लिए
lahum
संज्ञा
رِزْقًۭا
किसी रोज़ी का
riz'qan
अव्यय
مِّنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ
आकाशों
l-samāwāti
संज्ञा
وَٱلْأَرْضِ
और धरती
wal-arḍi
संज्ञा
شَيْـًۭٔا
कुछ भी
shayan
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
يَسْتَطِيعُونَ
वे सक्षम हैं
yastaṭīʿūna
16:74
فَلَا تَضْرِبُوا۟ لِلَّهِ ٱلْأَمْثَالَ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ يَعْلَمُ وَأَنتُمْ لَا تَعْلَمُونَ
falā taḍribū lillahi l-amthāla inna l-laha yaʿlamu wa-antum lā taʿlamūna
तो अल्लाह के लिए मिसालें मत बनाओ। निःसंदेह, अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते।
अव्यय
فَلَا
तो न
falā
क्रिया
تَضْرِبُوا۟
बनाओ
taḍribū
संज्ञा
لِلَّهِ
अल्लाह के लिए
lillahi
संज्ञा
ٱلْأَمْثَالَ ۚ
मिसालें
l-amthāla
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
क्रिया
يَعْلَمُ
जानता है
yaʿlamu
सर्वनाम
وَأَنتُمْ
और तुम
wa-antum
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
تَعْلَمُونَ
जानते
taʿlamūna
16:75
۞ ضَرَبَ ٱللَّهُ مَثَلًا عَبْدًۭا مَّمْلُوكًۭا لَّا يَقْدِرُ عَلَىٰ شَىْءٍۢ وَمَن رَّزَقْنَـٰهُ مِنَّا رِزْقًا حَسَنًۭا فَهُوَ يُنفِقُ مِنْهُ سِرًّۭا وَجَهْرًا ۖ هَلْ يَسْتَوُۥنَ ۚ ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ ۚ بَلْ أَكْثَرُهُمْ لَا يَعْلَمُونَ
ḍaraba l-lahu mathalan ʿabdan mamlūkan lā yaqdiru ʿalā shayin waman razaqnāhu minnā riz'qan ḥasanan fahuwa yunfiqu min'hu sirran wajahran hal yastawūna l-ḥamdu lillahi bal aktharuhum lā yaʿlamūna
अल्लाह एक मिसाल बयान करता है: एक गुलाम जो किसी के अधीन है और किसी चीज़ पर अधिकार नहीं रखता, और वह व्यक्ति जिसे हमने अपनी ओर से अच्छी रोज़ी दी है, और वह उसमें से गुप्त और প্রকাশ্যে खर्च करता है। क्या वे बराबर हो सकते हैं? अल्लाह की प्रशंसा हो! लेकिन उनमें से अधिकतर नहीं जानते।
क्रिया
۞ ضَرَبَ
बयान करता है
ḍaraba
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
संज्ञा
مَثَلًا
एक मिसाल
mathalan
संज्ञा
عَبْدًۭا
एक गुलाम
ʿabdan
संज्ञा
مَّمْلُوكًۭا
जो अधीन है
mamlūkan
अव्यय
لَّا
नहीं
क्रिया
يَقْدِرُ
अधिकार रखता
yaqdiru
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
شَىْءٍۢ
किसी चीज़
shayin
संज्ञा
وَمَن
और वह जिसे
waman
क्रिया
رَّزَقْنَـٰهُ
हमने रोज़ी दी
razaqnāhu
अव्यय
مِنَّا
अपनी ओर से
minnā
संज्ञा
رِزْقًا
रोज़ी
riz'qan
संज्ञा
حَسَنًۭا
अच्छी
ḥasanan
सर्वनाम
فَهُوَ
तो वह
fahuwa
क्रिया
يُنفِقُ
खर्च करता है
yunfiqu
अव्यय
مِنْهُ
उसमें से
min'hu
संज्ञा
سِرًّۭا
गुप्त रूप से
sirran
संज्ञा
وَجَهْرًا ۖ
और প্রকাশ্যে
wajahran
अव्यय
هَلْ
क्या
hal
क्रिया
يَسْتَوُۥنَ ۚ
वे बराबर हो सकते हैं
yastawūna
संज्ञा
ٱلْحَمْدُ
प्रशंसा
l-ḥamdu
संज्ञा
لِلَّهِ ۚ
अल्लाह के लिए है
lillahi
अव्यय
بَلْ
लेकिन
bal
संज्ञा
أَكْثَرُهُمْ
उनमें से अधिकतर
aktharuhum
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَعْلَمُونَ
जानते
yaʿlamūna
16:76
وَضَرَبَ ٱللَّهُ مَثَلًۭا رَّجُلَيْنِ أَحَدُهُمَآ أَبْكَمُ لَا يَقْدِرُ عَلَىٰ شَىْءٍۢ وَهُوَ كَلٌّ عَلَىٰ مَوْلَىٰهُ أَيْنَمَا يُوَجِّههُّ لَا يَأْتِ بِخَيْرٍ ۖ هَلْ يَسْتَوِى هُوَ وَمَن يَأْمُرُ بِٱلْعَدْلِ ۙ وَهُوَ عَلَىٰ صِرَٰطٍۢ مُّسْتَقِيمٍۢ
waḍaraba l-lahu mathalan rajulayni aḥaduhumā abkamu lā yaqdiru ʿalā shayin wahuwa kallun ʿalā mawlāhu aynamā yuwajjihhu lā yati bikhayrin hal yastawī huwa waman yamuru bil-ʿadli wahuwa ʿalā ṣirāṭin mus'taqīmin
और अल्लाह एक और मिसाल बयान करता है: दो आदमी हैं, जिनमें से एक गूँगा है और किसी चीज़ पर अधिकार नहीं रखता, और वह अपने मालिक पर एक बोझ है। जहाँ भी वह उसे भेजता है, वह कोई भलाई नहीं लाता। क्या वह उसके बराबर हो सकता है जो न्याय का आदेश देता है, जबकि वह सीधे रास्ते पर है?
क्रिया
وَضَرَبَ
और बयान करता है
waḍaraba
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
संज्ञा
مَثَلًۭا
एक मिसाल
mathalan
संज्ञा
رَّجُلَيْنِ
दो आदमियों की
rajulayni
संज्ञा
أَحَدُهُمَآ
जिनमें से एक
aḥaduhumā
संज्ञा
أَبْكَمُ
गूँगा है
abkamu
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَقْدِرُ
अधिकार रखता
yaqdiru
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
شَىْءٍۢ
किसी चीज़
shayin
सर्वनाम
وَهُوَ
और वह
wahuwa
संज्ञा
كَلٌّ
एक बोझ है
kallun
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
مَوْلَىٰهُ
अपने मालिक
mawlāhu
अव्यय
أَيْنَمَا
जहाँ भी
aynamā
क्रिया
يُوَجِّههُّ
वह उसे भेजता है
yuwajjihhu
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَأْتِ
लाता
yati
संज्ञा
بِخَيْرٍ ۖ
कोई भलाई
bikhayrin
अव्यय
هَلْ
क्या
hal
क्रिया
يَسْتَوِى
बराबर हो सकता है
yastawī
सर्वनाम
هُوَ
वह
huwa
संज्ञा
وَمَن
और वह जो
waman
क्रिया
يَأْمُرُ
आदेश देता है
yamuru
संज्ञा
بِٱلْعَدْلِ ۙ
न्याय का
bil-ʿadli
सर्वनाम
وَهُوَ
और वह
wahuwa
अव्यय
عَلَىٰ
पर है
ʿalā
संज्ञा
صِرَٰطٍۢ
एक रास्ते
ṣirāṭin
संज्ञा
مُّسْتَقِيمٍۢ
सीधे
mus'taqīmin
16:77
وَلِلَّهِ غَيْبُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ وَمَآ أَمْرُ ٱلسَّاعَةِ إِلَّا كَلَمْحِ ٱلْبَصَرِ أَوْ هُوَ أَقْرَبُ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ قَدِيرٌۭ
walillahi ghaybu l-samāwāti wal-arḍi wamā amru l-sāʿati illā kalamḥi l-baṣari aw huwa aqrabu inna l-laha ʿalā kulli shayin qadīrun
और अल्लाह ही के लिए आकाशों और धरती का ग़ैब (अदृश्य) है। और क़यामत का मामला तो पलक झपकने जैसा या उससे भी जल्दी का है। निःसंदेह, अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है।
संज्ञा
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
walillahi
संज्ञा
غَيْبُ
अदृश्य
ghaybu
संज्ञा
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ
आकाशों का
l-samāwāti
संज्ञा
وَٱلْأَرْضِ ۚ
और धरती का
wal-arḍi
अव्यय
وَمَآ
और नहीं है
wamā
संज्ञा
أَمْرُ
मामला
amru
संज्ञा
ٱلسَّاعَةِ
क़यामत का
l-sāʿati
अव्यय
إِلَّا
सिवाय
illā
संज्ञा
كَلَمْحِ
पलक झपकने जैसा
kalamḥi
संज्ञा
ٱلْبَصَرِ
आँख के
l-baṣari
अव्यय
أَوْ
या
aw
सर्वनाम
هُوَ
वह
huwa
संज्ञा
أَقْرَبُ ۚ
नज़दीक है
aqrabu
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
كُلِّ
हर
kulli
संज्ञा
شَىْءٍۢ
चीज़
shayin
संज्ञा
قَدِيرٌۭ
क़ादिर है
qadīrun
16:78
وَٱللَّهُ أَخْرَجَكُم مِّنۢ بُطُونِ أُمَّهَـٰتِكُمْ لَا تَعْلَمُونَ شَيْـًۭٔا وَجَعَلَ لَكُمُ ٱلسَّمْعَ وَٱلْأَبْصَـٰرَ وَٱلْأَفْـِٔدَةَ ۙ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ
wal-lahu akhrajakum min buṭūni ummahātikum lā taʿlamūna shayan wajaʿala lakumu l-samʿa wal-abṣāra wal-afidata laʿallakum tashkurūna
और अल्लाह ने तुम्हें तुम्हारी माताओं के पेट से निकाला, जबकि तुम कुछ नहीं जानते थे, और उसने तुम्हारे लिए कान, आँखें और दिल बनाए, ताकि तुम कृतज्ञ बनो।
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह ने
wal-lahu
क्रिया
أَخْرَجَكُم
तुम्हें निकाला
akhrajakum
अव्यय
مِّنۢ
से
min
संज्ञा
بُطُونِ
पेटों
buṭūni
संज्ञा
أُمَّهَـٰتِكُمْ
तुम्हारी माताओं के
ummahātikum
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
تَعْلَمُونَ
तुम जानते थे
taʿlamūna
संज्ञा
شَيْـًۭٔا
कुछ भी
shayan
क्रिया
وَجَعَلَ
और बनाए
wajaʿala
अव्यय
لَكُمُ
तुम्हारे लिए
lakumu
संज्ञा
ٱلسَّمْعَ
कान
l-samʿa
संज्ञा
وَٱلْأَبْصَـٰرَ
और आँखें
wal-abṣāra
संज्ञा
وَٱلْأَفْـِٔدَةَ ۙ
और दिल
wal-afidata
अव्यय
لَعَلَّكُمْ
ताकि तुम
laʿallakum
क्रिया
تَشْكُرُونَ
कृतज्ञ बनो
tashkurūna
16:79
أَلَمْ يَرَوْا۟ إِلَى ٱلطَّيْرِ مُسَخَّرَٰتٍۢ فِى جَوِّ ٱلسَّمَآءِ مَا يُمْسِكُهُنَّ إِلَّا ٱللَّهُ ۗ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَـٰتٍۢ لِّقَوْمٍۢ يُؤْمِنُونَ
alam yaraw ilā l-ṭayri musakharātin fī jawwi l-samāi mā yum'sikuhunna illā l-lahu inna fī dhālika laāyātin liqawmin yu'minūna
क्या वे पक्षियों को आकाश के वातावरण में नियंत्रित नहीं देखते? उन्हें अल्लाह के सिवा कोई नहीं थामता। निःसंदेह, इसमें उन लोगों के लिए निशानियाँ हैं जो ईमान लाते हैं।
अव्यय
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्रिया
يَرَوْا۟
वे देखते
yaraw
अव्यय
إِلَى
की ओर
ilā
संज्ञा
ٱلطَّيْرِ
पक्षियों
l-ṭayri
संज्ञा
مُسَخَّرَٰتٍۢ
नियंत्रित
musakharātin
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
جَوِّ
वातावरण
jawwi
संज्ञा
ٱلسَّمَآءِ
आकाश के
l-samāi
अव्यय
مَا
कोई नहीं
क्रिया
يُمْسِكُهُنَّ
उन्हें थामता
yum'sikuhunna
अव्यय
إِلَّا
सिवाय
illā
संज्ञा
ٱللَّهُ ۗ
अल्लाह के
l-lahu
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ذَٰلِكَ
इसमें
dhālika
संज्ञा
لَـَٔايَـٰتٍۢ
निशानियाँ हैं
laāyātin
संज्ञा
لِّقَوْمٍۢ
उन लोगों के लिए
liqawmin
क्रिया
يُؤْمِنُونَ
जो ईमान लाते हैं
yu'minūna
16:80
وَٱللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّنۢ بُيُوتِكُمْ سَكَنًۭا وَجَعَلَ لَكُم مِّن جُلُودِ ٱلْأَنْعَـٰمِ بُيُوتًۭا تَسْتَخِفُّونَهَا يَوْمَ ظَعْنِكُمْ وَيَوْمَ إِقَامَتِكُمْ ۙ وَمِنْ أَصْوَافِهَا وَأَوْبَارِهَا وَأَشْعَارِهَآ أَثَـٰثًۭا وَمَتَـٰعًا إِلَىٰ حِينٍۢ
wal-lahu jaʿala lakum min buyūtikum sakanan wajaʿala lakum min julūdi l-anʿāmi buyūtan tastakhiffūnahā yawma ẓaʿnikum wayawma iqāmatikum wamin aṣwāfihā wa-awbārihā wa-ashʿārihā athāthan wamatāʿan ilā ḥīnin
और अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हारे घरों को आराम की जगह बनाया और तुम्हारे लिए जानवरों की खालों से तंबू बनाए जिन्हें तुम अपनी यात्रा के दिन और अपने पड़ाव के दिन हल्के पाते हो; और उनके ऊन, फर और बालों से कुछ समय के लिए सामान और आनंद की वस्तुएँ बनाईं।
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह ने
wal-lahu
क्रिया
جَعَلَ
बनाया
jaʿala
अव्यय
لَكُم
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
مِّنۢ
से
min
संज्ञा
بُيُوتِكُمْ
तुम्हारे घरों को
buyūtikum
संज्ञा
سَكَنًۭا
आराम की जगह
sakanan
क्रिया
وَجَعَلَ
और बनाया
wajaʿala
अव्यय
لَكُم
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
مِّن
से
min
संज्ञा
جُلُودِ
खालों
julūdi
संज्ञा
ٱلْأَنْعَـٰمِ
जानवरों की
l-anʿāmi
संज्ञा
بُيُوتًۭا
तंबू
buyūtan
क्रिया
تَسْتَخِفُّونَهَا
जिन्हें तुम हल्के पाते हो
tastakhiffūnahā
संज्ञा
يَوْمَ
दिन
yawma
संज्ञा
ظَعْنِكُمْ
तुम्हारी यात्रा के
ẓaʿnikum
संज्ञा
وَيَوْمَ
और दिन
wayawma
संज्ञा
إِقَامَتِكُمْ ۙ
तुम्हारे पड़ाव के
iqāmatikum
अव्यय
وَمِنْ
और से
wamin
संज्ञा
أَصْوَافِهَا
उनके ऊन
aṣwāfihā
संज्ञा
وَأَوْبَارِهَا
और उनके फर
wa-awbārihā
संज्ञा
وَأَشْعَارِهَآ
और उनके बालों
wa-ashʿārihā
संज्ञा
أَثَـٰثًۭا
सामान
athāthan
संज्ञा
وَمَتَـٰعًا
और आनंद की वस्तुएँ
wamatāʿan
अव्यय
إِلَىٰ
तक
ilā
संज्ञा
حِينٍۢ
एक समय
ḥīnin
16:81
وَٱللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّمَّا خَلَقَ ظِلَـٰلًۭا وَجَعَلَ لَكُم مِّنَ ٱلْجِبَالِ أَكْنَـٰنًۭا وَجَعَلَ لَكُمْ سَرَٰبِيلَ تَقِيكُمُ ٱلْحَرَّ وَسَرَٰبِيلَ تَقِيكُم بَأْسَكُمْ ۚ كَذَٰلِكَ يُتِمُّ نِعْمَتَهُۥ عَلَيْكُمْ لَعَلَّكُمْ تُسْلِمُونَ
wal-lahu jaʿala lakum mimmā khalaqa ẓilālan wajaʿala lakum mina l-jibāli aknānan wajaʿala lakum sarābīla taqīkumu l-ḥara wasarābīla taqīkum basakum kadhālika yutimmu niʿ'matahu ʿalaykum laʿallakum tus'limūna
और अल्लाह ने तुम्हारे लिए जो कुछ बनाया है, उसमें से छाया बनाई और तुम्हारे लिए पहाड़ों में आश्रय बनाए और तुम्हारे लिए ऐसे वस्त्र बनाए जो तुम्हें गर्मी से बचाते हैं और ऐसे वस्त्र जो तुम्हें युद्ध में बचाते हैं। इसी प्रकार वह तुम पर अपना अनुग्रह पूरा करता है ताकि तुम आज्ञाकारी बनो।
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह ने
wal-lahu
क्रिया
جَعَلَ
बनाया
jaʿala
अव्यय
لَكُم
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
مِّمَّا
उससे जो
mimmā
क्रिया
خَلَقَ
उसने बनाया है
khalaqa
संज्ञा
ظِلَـٰلًۭا
छाया
ẓilālan
क्रिया
وَجَعَلَ
और बनाया
wajaʿala
अव्यय
لَكُم
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
مِّنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلْجِبَالِ
पहाड़ों में
l-jibāli
संज्ञा
أَكْنَـٰنًۭا
आश्रय
aknānan
क्रिया
وَجَعَلَ
और बनाया
wajaʿala
अव्यय
لَكُمْ
तुम्हारे लिए
lakum
संज्ञा
سَرَٰبِيلَ
वस्त्र
sarābīla
क्रिया
تَقِيكُمُ
जो तुम्हें बचाते हैं
taqīkumu
संज्ञा
ٱلْحَرَّ
गर्मी से
l-ḥara
संज्ञा
وَسَرَٰبِيلَ
और वस्त्र
wasarābīla
क्रिया
تَقِيكُم
जो तुम्हें बचाते हैं
taqīkum
संज्ञा
بَأْسَكُمْ ۚ
तुम्हारे (आपसी) युद्ध से
basakum
अव्यय
كَذَٰلِكَ
इसी प्रकार
kadhālika
क्रिया
يُتِمُّ
वह पूरा करता है
yutimmu
संज्ञा
نِعْمَتَهُۥ
अपना अनुग्रह
niʿ'matahu
अव्यय
عَلَيْكُمْ
तुम पर
ʿalaykum
अव्यय
لَعَلَّكُمْ
ताकि तुम
laʿallakum
क्रिया
تُسْلِمُونَ
आज्ञाकारी बनो
tus'limūna
16:82
فَإِن تَوَلَّوْا۟ فَإِنَّمَا عَلَيْكَ ٱلْبَلَـٰغُ ٱلْمُبِينُ
fa-in tawallaw fa-innamā ʿalayka l-balāghu l-mubīnu
लेकिन यदि वे मुँह फेर लेते हैं, तो तुम्हारा कर्तव्य केवल स्पष्ट रूप से पहुँचा देना है।
अव्यय
فَإِن
लेकिन यदि
fa-in
क्रिया
تَوَلَّوْا۟
वे मुँह फेर लेते हैं
tawallaw
अव्यय
فَإِنَّمَا
तो केवल
fa-innamā
अव्यय
عَلَيْكَ
तुम पर
ʿalayka
संज्ञा
ٱلْبَلَـٰغُ
पहुँचा देना है
l-balāghu
संज्ञा
ٱلْمُبِينُ
स्पष्ट रूप से
l-mubīnu
16:83
يَعْرِفُونَ نِعْمَتَ ٱللَّهِ ثُمَّ يُنكِرُونَهَا وَأَكْثَرُهُمُ ٱلْكَـٰفِرُونَ
yaʿrifūna niʿ'mata l-lahi thumma yunkirūnahā wa-aktharuhumu l-kāfirūna
वे अल्लाह के अनुग्रह को पहचानते हैं, फिर उसका इनकार करते हैं। और उनमें से अधिकतर अकृतज्ञ हैं।
क्रिया
يَعْرِفُونَ
वे पहचानते हैं
yaʿrifūna
संज्ञा
نِعْمَتَ
अनुग्रह को
niʿ'mata
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
क्रिया
يُنكِرُونَهَا
वे उसका इनकार करते हैं
yunkirūnahā
संज्ञा
وَأَكْثَرُهُمُ
और उनमें से अधिकतर
wa-aktharuhumu
संज्ञा
ٱلْكَـٰفِرُونَ
अकृतज्ञ हैं
l-kāfirūna
16:84
وَيَوْمَ نَبْعَثُ مِن كُلِّ أُمَّةٍۢ شَهِيدًۭا ثُمَّ لَا يُؤْذَنُ لِلَّذِينَ كَفَرُوا۟ وَلَا هُمْ يُسْتَعْتَبُونَ
wayawma nabʿathu min kulli ummatin shahīdan thumma lā yu'dhanu lilladhīna kafarū walā hum yus'taʿtabūna
और जिस दिन हम हर समुदाय से एक गवाह उठाएँगे, फिर काफ़िरों को न तो अनुमति दी जाएगी (माफ़ी माँगने की) और न ही उनसे प्रायश्चित करने को कहा जाएगा।
संज्ञा
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
क्रिया
نَبْعَثُ
हम उठाएँगे
nabʿathu
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
كُلِّ
हर
kulli
संज्ञा
أُمَّةٍۢ
समुदाय
ummatin
संज्ञा
شَهِيدًۭا
एक गवाह
shahīdan
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يُؤْذَنُ
अनुमति दी जाएगी
yu'dhanu
अव्यय
لِلَّذِينَ
उन लोगों को जो
lilladhīna
क्रिया
كَفَرُوا۟
कुफ़्र करते हैं
kafarū
अव्यय
وَلَا
और न
walā
सर्वनाम
هُمْ
उनसे
hum
क्रिया
يُسْتَعْتَبُونَ
प्रायश्चित करने को कहा जाएगा
yus'taʿtabūna
16:85
وَإِذَا رَءَا ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ ٱلْعَذَابَ فَلَا يُخَفَّفُ عَنْهُمْ وَلَا هُمْ يُنظَرُونَ
wa-idhā raā alladhīna ẓalamū l-ʿadhāba falā yukhaffafu ʿanhum walā hum yunẓarūna
और जब ज़ालिम अज़ाब देखेंगे, तो न तो उनसे अज़ाब हल्का किया जाएगा और न ही उन्हें मोहलत दी जाएगी।
अव्यय
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
क्रिया
رَءَا
देखेंगे
raā
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जो लोग
alladhīna
क्रिया
ظَلَمُوا۟
ज़ुल्म करते थे
ẓalamū
संज्ञा
ٱلْعَذَابَ
अज़ाब को
l-ʿadhāba
अव्यय
فَلَا
तो न
falā
क्रिया
يُخَفَّفُ
हल्का किया जाएगा
yukhaffafu
अव्यय
عَنْهُمْ
उनसे
ʿanhum
अव्यय
وَلَا
और न
walā
सर्वनाम
هُمْ
उन्हें
hum
क्रिया
يُنظَرُونَ
मोहलत दी जाएगी
yunẓarūna
16:86
وَإِذَا رَءَا ٱلَّذِينَ أَشْرَكُوا۟ شُرَكَآءَهُمْ قَالُوا۟ رَبَّنَا هَـٰٓؤُلَآءِ شُرَكَآؤُنَا ٱلَّذِينَ كُنَّا نَدْعُوا۟ مِن دُونِكَ ۖ فَأَلْقَوْا۟ إِلَيْهِمُ ٱلْقَوْلَ إِنَّكُمْ لَكَـٰذِبُونَ
wa-idhā raā alladhīna ashrakū shurakāahum qālū rabbanā hāulāi shurakāunā alladhīna kunnā nadʿū min dūnika fa-alqaw ilayhimu l-qawla innakum lakādhibūna
और जब मुशरिक अपने "साझेदारों" को देखेंगे, तो कहेंगे, "हमारे रब! ये हमारे साझीदार हैं जिन्हें हम तुझे छोड़कर पुकारते थे।" लेकिन वे उनकी बात को ردّ कर देंगे, "वास्तव में तुम झूठे हो।"
अव्यय
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
क्रिया
رَءَا
देखेंगे
raā
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जो लोग
alladhīna
क्रिया
أَشْرَكُوا۟
शिर्क करते थे
ashrakū
संज्ञा
شُرَكَآءَهُمْ
अपने साझीदारों को
shurakāahum
क्रिया
قَالُوا۟
वे कहेंगे
qālū
संज्ञा
رَبَّنَا
हमारे रब
rabbanā
संज्ञा
هَـٰٓؤُلَآءِ
ये हैं
hāulāi
संज्ञा
شُرَكَآؤُنَا
हमारे साझीदार
shurakāunā
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जिन्हें
alladhīna
क्रिया
كُنَّا
हम थे
kunnā
क्रिया
نَدْعُوا۟
पुकारते
nadʿū
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
دُونِكَ ۖ
तेरे सिवा
dūnika
क्रिया
فَأَلْقَوْا۟
तो वे फेंकेंगे
fa-alqaw
अव्यय
إِلَيْهِمُ
उनकी ओर
ilayhimu
संज्ञा
ٱلْقَوْلَ
बात
l-qawla
अव्यय
إِنَّكُمْ
कि तुम
innakum
संज्ञा
لَكَـٰذِبُونَ
झूठे हो
lakādhibūna
16:87
وَأَلْقَوْا۟ إِلَى ٱللَّهِ يَوْمَئِذٍ ٱلسَّلَمَ ۖ وَضَلَّ عَنْهُم مَّا كَانُوا۟ يَفْتَرُونَ
wa-alqaw ilā l-lahi yawma-idhin l-salama waḍalla ʿanhum mā kānū yaftarūna
और वे उस दिन अल्लाह के सामने आत्मसमर्पण कर देंगे, और जो वे गढ़ते थे, वह उनसे खो जाएगा।
क्रिया
وَأَلْقَوْا۟
और वे प्रस्तुत करेंगे
wa-alqaw
अव्यय
إِلَى
के सामने
ilā
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह
l-lahi
संज्ञा
يَوْمَئِذٍ
उस दिन
yawma-idhin
संज्ञा
ٱلسَّلَمَ ۖ
आत्मसमर्पण
l-salama
क्रिया
وَضَلَّ
और खो जाएगा
waḍalla
अव्यय
عَنْهُم
उनसे
ʿanhum
अव्यय
مَّا
जो
क्रिया
كَانُوا۟
वे थे
kānū
क्रिया
يَفْتَرُونَ
गढ़ते
yaftarūna
16:88
ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ وَصَدُّوا۟ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ زِدْنَـٰهُمْ عَذَابًۭا فَوْقَ ٱلْعَذَابِ بِمَا كَانُوا۟ يُفْسِدُونَ
alladhīna kafarū waṣaddū ʿan sabīli l-lahi zid'nāhum ʿadhāban fawqa l-ʿadhābi bimā kānū yuf'sidūna
जिन लोगों ने कुफ़्र किया और अल्लाह के रास्ते से रोका, हम उन्हें अज़ाब पर अज़ाब देंगे, क्योंकि वे फ़साद करते थे।
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जो लोग
alladhīna
क्रिया
كَفَرُوا۟
कुफ़्र करते थे
kafarū
क्रिया
وَصَدُّوا۟
और रोकते थे
waṣaddū
अव्यय
عَن
से
ʿan
संज्ञा
سَبِيلِ
रास्ते
sabīli
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
क्रिया
زِدْنَـٰهُمْ
हम उन्हें बढ़ा देंगे
zid'nāhum
संज्ञा
عَذَابًۭا
अज़ाब में
ʿadhāban
संज्ञा
فَوْقَ
ऊपर
fawqa
संज्ञा
ٱلْعَذَابِ
अज़ाब के
l-ʿadhābi
अव्यय
بِمَا
क्योंकि
bimā
क्रिया
كَانُوا۟
वे थे
kānū
क्रिया
يُفْسِدُونَ
फ़साद करते
yuf'sidūna
16:89
وَيَوْمَ نَبْعَثُ فِى كُلِّ أُمَّةٍۢ شَهِيدًا عَلَيْهِم مِّنْ أَنفُسِهِمْ ۖ وَجِئْنَا بِكَ شَهِيدًا عَلَىٰ هَـٰٓؤُلَآءِ ۚ وَنَزَّلْنَا عَلَيْكَ ٱلْكِتَـٰبَ تِبْيَـٰنًۭا لِّكُلِّ شَىْءٍۢ وَهُدًۭى وَرَحْمَةًۭ وَبُشْرَىٰ لِلْمُسْلِمِينَ
wayawma nabʿathu fī kulli ummatin shahīdan ʿalayhim min anfusihim waji'nā bika shahīdan ʿalā hāulāi wanazzalnā ʿalayka l-kitāba tib'yānan likulli shayin wahudan waraḥmatan wabush'rā lil'mus'limīna
और जिस दिन हम हर समुदाय में उन्हीं में से एक गवाह उनके विरुद्ध खड़ा करेंगे, और हम तुम्हें (ऐ मुहम्मद) इन लोगों पर गवाह बनाकर लाएँगे। और हमने तुम पर किताब उतारी है, जो हर चीज़ को स्पष्ट करने वाली है, और मार्गदर्शन, दया और मुसलमानों के लिए ख़ुशख़बरी है।
संज्ञा
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
क्रिया
نَبْعَثُ
हम खड़ा करेंगे
nabʿathu
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
كُلِّ
हर
kulli
संज्ञा
أُمَّةٍۢ
समुदाय
ummatin
संज्ञा
شَهِيدًا
एक गवाह
shahīdan
अव्यय
عَلَيْهِم
उनके विरुद्ध
ʿalayhim
अव्यय
مِّنْ
से
min
संज्ञा
أَنفُسِهِمْ ۖ
उन्हीं में
anfusihim
क्रिया
وَجِئْنَا
और हम लाएँगे
waji'nā
अव्यय
بِكَ
तुम्हें
bika
संज्ञा
شَهِيدًا
गवाह बनाकर
shahīdan
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
هَـٰٓؤُلَآءِ ۚ
इन लोगों
hāulāi
क्रिया
وَنَزَّلْنَا
और हमने उतारी
wanazzalnā
अव्यय
عَلَيْكَ
तुम पर
ʿalayka
संज्ञा
ٱلْكِتَـٰبَ
किताब
l-kitāba
संज्ञा
تِبْيَـٰنًۭا
स्पष्ट करने वाली
tib'yānan
अव्यय
لِّكُلِّ
हर
likulli
संज्ञा
شَىْءٍۢ
चीज़ को
shayin
संज्ञा
وَهُدًۭى
और मार्गदर्शन
wahudan
संज्ञा
وَرَحْمَةًۭ
और दया
waraḥmatan
संज्ञा
وَبُشْرَىٰ
और ख़ुशख़बरी
wabush'rā
संज्ञा
لِلْمُسْلِمِينَ
मुसलमानों के लिए
lil'mus'limīna
16:90
۞ إِنَّ ٱللَّهَ يَأْمُرُ بِٱلْعَدْلِ وَٱلْإِحْسَـٰنِ وَإِيتَآئِ ذِى ٱلْقُرْبَىٰ وَيَنْهَىٰ عَنِ ٱلْفَحْشَآءِ وَٱلْمُنكَرِ وَٱلْبَغْىِ ۚ يَعِظُكُمْ لَعَلَّكُمْ تَذَكَّرُونَ
inna l-laha yamuru bil-ʿadli wal-iḥ'sāni waītāi dhī l-qur'bā wayanhā ʿani l-faḥshāi wal-munkari wal-baghyi yaʿiẓukum laʿallakum tadhakkarūna
निःसंदेह, अल्लाह न्याय, भलाई और रिश्तेदारों को देने का आदेश देता है और अश्लीलता, बुराई और ज़ुल्म से रोकता है। वह तुम्हें नसीहत करता है ताकि तुम याद रखो।
अव्यय
۞ إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
क्रिया
يَأْمُرُ
आदेश देता है
yamuru
संज्ञा
بِٱلْعَدْلِ
न्याय का
bil-ʿadli
संज्ञा
وَٱلْإِحْسَـٰنِ
और भलाई का
wal-iḥ'sāni
संज्ञा
وَإِيتَآئِ
और देने का
waītāi
संज्ञा
ذِى
वालों को
dhī
संज्ञा
ٱلْقُرْبَىٰ
रिश्तेदारों
l-qur'bā
क्रिया
وَيَنْهَىٰ
और रोकता है
wayanhā
अव्यय
عَنِ
से
ʿani
संज्ञा
ٱلْفَحْشَآءِ
अश्लीलता
l-faḥshāi
संज्ञा
وَٱلْمُنكَرِ
और बुराई
wal-munkari
संज्ञा
وَٱلْبَغْىِ ۚ
और ज़ुल्म
wal-baghyi
क्रिया
يَعِظُكُمْ
वह तुम्हें नसीहत करता है
yaʿiẓukum
अव्यय
لَعَلَّكُمْ
ताकि तुम
laʿallakum
क्रिया
تَذَكَّرُونَ
याद रखो
tadhakkarūna
16:91
وَأَوْفُوا۟ بِعَهْدِ ٱللَّهِ إِذَا عَـٰهَدتُّمْ وَلَا تَنقُضُوا۟ ٱلْأَيْمَـٰنَ بَعْدَ تَوْكِيدِهَا وَقَدْ جَعَلْتُمُ ٱللَّهَ عَلَيْكُمْ كَفِيلًا ۚ إِنَّ ٱللَّهَ يَعْلَمُ مَا تَفْعَلُونَ
wa-awfū biʿahdi l-lahi idhā ʿāhadttum walā tanquḍū l-aymāna baʿda tawkīdihā waqad jaʿaltumu l-laha ʿalaykum kafīlan inna l-laha yaʿlamu mā tafʿalūna
और जब तुम अल्लाह से कोई वादा करो, तो उसे पूरा करो, और अपनी क़समों को पक्का करने के बाद मत तोड़ो, जबकि तुमने अल्लाह को अपने ऊपर गवाह बनाया है। निःसंदेह, अल्लाह जानता है जो कुछ तुम करते हो।
क्रिया
وَأَوْفُوا۟
और पूरा करो
wa-awfū
संज्ञा
بِعَهْدِ
वादा
biʿahdi
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह का
l-lahi
अव्यय
إِذَا
जब
idhā
क्रिया
عَـٰهَدتُّمْ
तुम वादा करो
ʿāhadttum
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
تَنقُضُوا۟
तोड़ो
tanquḍū
संज्ञा
ٱلْأَيْمَـٰنَ
क़समों को
l-aymāna
संज्ञा
بَعْدَ
बाद
baʿda
संज्ञा
تَوْكِيدِهَا
उन्हें पक्का करने के
tawkīdihā
अव्यय
وَقَدْ
जबकि
waqad
क्रिया
جَعَلْتُمُ
तुमने बनाया है
jaʿaltumu
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह को
l-laha
अव्यय
عَلَيْكُمْ
अपने ऊपर
ʿalaykum
संज्ञा
كَفِيلًا ۚ
गवाह
kafīlan
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
क्रिया
يَعْلَمُ
जानता है
yaʿlamu
अव्यय
مَا
जो कुछ
क्रिया
تَفْعَلُونَ
तुम करते हो
tafʿalūna
16:92
وَلَا تَكُونُوا۟ كَٱلَّتِى نَقَضَتْ غَزْلَهَا مِنۢ بَعْدِ قُوَّةٍ أَنكَـٰثًۭا تَتَّخِذُونَ أَيْمَـٰنَكُمْ دَخَلًۢا بَيْنَكُمْ أَن تَكُونَ أُمَّةٌ هِىَ أَرْبَىٰ مِنْ أُمَّةٍ ۚ إِنَّمَا يَبْلُوكُمُ ٱللَّهُ بِهِۦ ۚ وَلَيُبَيِّنَنَّ لَكُمْ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ مَا كُنتُمْ فِيهِ تَخْتَلِفُونَ
walā takūnū ka-allatī naqaḍat ghazlahā min baʿdi quwwatin ankāthan tattakhidhūna aymānakum dakhalan baynakum an takūna ummatun hiya arbā min ummatin innamā yablūkumu l-lahu bihi walayubayyinanna lakum yawma l-qiyāmati mā kuntum fīhi takhtalifūna
और उस औरत की तरह मत बनो जिसने अपना सूत मज़बूती से कातने के बाद तोड़-तोड़ कर टुकड़े-टुकड़े कर दिया, कि तुम अपनी क़समों को आपस में धोखे का ज़रिया बनाओ, इस वजह से कि एक गिरोह दूसरे गिरोह से ज़्यादा हो जाए। अल्लाह तो बस इसके द्वारा तुम्हारी परीक्षा लेता है। और वह क़यामत के दिन तुम्हारे लिए ज़रूर स्पष्ट कर देगा जिसमें तुम मतभेद करते थे।
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
تَكُونُوا۟
तुम हो जाओ
takūnū
संज्ञा
كَٱلَّتِى
उस औरत की तरह
ka-allatī
क्रिया
نَقَضَتْ
जिसने तोड़ दिया
naqaḍat
संज्ञा
غَزْلَهَا
अपना सूत
ghazlahā
अव्यय
مِنۢ
से
min
संज्ञा
بَعْدِ
बाद
baʿdi
संज्ञा
قُوَّةٍ
मज़बूती के
quwwatin
संज्ञा
أَنكَـٰثًۭا
टुकड़े-टुकड़े
ankāthan
क्रिया
تَتَّخِذُونَ
तुम बनाते हो
tattakhidhūna
संज्ञा
أَيْمَـٰنَكُمْ
अपनी क़समों को
aymānakum
संज्ञा
دَخَلًۢا
धोखा
dakhalan
अव्यय
بَيْنَكُمْ
आपस में
baynakum
अव्यय
أَن
कि
an
क्रिया
تَكُونَ
हो जाए
takūna
संज्ञा
أُمَّةٌ
एक गिरोह
ummatun
सर्वनाम
هِىَ
वह
hiya
संज्ञा
أَرْبَىٰ
ज़्यादा
arbā
अव्यय
مِنْ
से
min
संज्ञा
أُمَّةٍ ۚ
दूसरे गिरोह
ummatin
अव्यय
إِنَّمَا
बस
innamā
क्रिया
يَبْلُوكُمُ
तुम्हारी परीक्षा लेता है
yablūkumu
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
अव्यय
بِهِۦ ۚ
इसके द्वारा
bihi
क्रिया
وَلَيُبَيِّنَنَّ
और वह ज़रूर स्पष्ट कर देगा
walayubayyinanna
अव्यय
لَكُمْ
तुम्हारे लिए
lakum
संज्ञा
يَوْمَ
दिन
yawma
संज्ञा
ٱلْقِيَـٰمَةِ
क़यामत के
l-qiyāmati
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
كُنتُمْ
तुम थे
kuntum
अव्यय
فِيهِ
उसमें
fīhi
क्रिया
تَخْتَلِفُونَ
मतभेद करते थे
takhtalifūna
16:93
وَلَوْ شَآءَ ٱللَّهُ لَجَعَلَكُمْ أُمَّةًۭ وَٰحِدَةًۭ وَلَـٰكِن يُضِلُّ مَن يَشَآءُ وَيَهْدِى مَن يَشَآءُ ۚ وَلَتُسْـَٔلُنَّ عَمَّا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
walaw shāa l-lahu lajaʿalakum ummatan wāḥidatan walākin yuḍillu man yashāu wayahdī man yashāu walatus-alunna ʿammā kuntum taʿmalūna
और यदि अल्लाह चाहता, तो वह तुम्हें एक ही समुदाय बना देता, लेकिन वह जिसे चाहता है गुमराह करता है और जिसे चाहता है मार्गदर्शन देता है। और तुमसे ज़रूर पूछा जाएगा उसके बारे में जो तुम करते थे।
अव्यय
وَلَوْ
और यदि
walaw
क्रिया
شَآءَ
चाहता
shāa
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
क्रिया
لَجَعَلَكُمْ
तो वह तुम्हें बना देता
lajaʿalakum
संज्ञा
أُمَّةًۭ
एक समुदाय
ummatan
संज्ञा
وَٰحِدَةًۭ
एक ही
wāḥidatan
अव्यय
وَلَـٰكِن
लेकिन
walākin
क्रिया
يُضِلُّ
वह गुमराह करता है
yuḍillu
संज्ञा
مَن
जिसे
man
क्रिया
يَشَآءُ
वह चाहता है
yashāu
क्रिया
وَيَهْدِى
और मार्गदर्शन देता है
wayahdī
संज्ञा
مَن
जिसे
man
क्रिया
يَشَآءُ ۚ
वह चाहता है
yashāu
क्रिया
وَلَتُسْـَٔلُنَّ
और तुमसे ज़रूर पूछा जाएगा
walatus'alunna
अव्यय
عَمَّا
उसके बारे में जो
ʿammā
क्रिया
كُنتُمْ
तुम थे
kuntum
क्रिया
تَعْمَلُونَ
करते
taʿmalūna
16:94
وَلَا تَتَّخِذُوٓا۟ أَيْمَـٰنَكُمْ دَخَلًۢا بَيْنَكُمْ فَتَزِلَّ قَدَمٌۢ بَعْدَ ثُبُوتِهَا وَتَذُوقُوا۟ ٱلسُّوٓءَ بِمَا صَدَدتُّمْ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ ۖ وَلَكُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌۭ
walā tattakhidhū aymānakum dakhalan baynakum fatazilla qadamun baʿda thubūtihā watadhūqū l-sūa bimā ṣadadttum ʿan sabīli l-lahi walakum ʿadhābun ʿaẓīmun
और तुम अपनी क़समों को आपस में धोखे का ज़रिया न बनाओ, कहीं ऐसा न हो कि कोई क़दम जमने के बाद फिसल जाए, और तुम्हें अल्लाह के रास्ते से रोकने के कारण बुराई का मज़ा चखना पड़े, और तुम्हारे लिए बड़ा अज़ाब हो।
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
تَتَّخِذُوٓا۟
बनाओ
tattakhidhū
संज्ञा
أَيْمَـٰنَكُمْ
अपनी क़समों को
aymānakum
संज्ञा
دَخَلًۢا
धोखे का ज़रिया
dakhalan
अव्यय
بَيْنَكُمْ
आपस में
baynakum
क्रिया
فَتَزِلَّ
तो फिसल जाए
fatazilla
संज्ञा
قَدَمٌۢ
कोई क़दम
qadamun
संज्ञा
بَعْدَ
बाद
baʿda
संज्ञा
ثُبُوتِهَا
उसके जमने के
thubūtihā
क्रिया
وَتَذُوقُوا۟
और तुम चखो
watadhūqū
संज्ञा
ٱلسُّوٓءَ
बुराई का मज़ा
l-sūa
अव्यय
بِمَا
उसके कारण जो
bimā
क्रिया
صَدَدتُّمْ
तुमने रोका
ṣadadttum
अव्यय
عَن
से
ʿan
संज्ञा
سَبِيلِ
रास्ते
sabīli
संज्ञा
ٱللَّهِ ۖ
अल्लाह के
l-lahi
अव्यय
وَلَكُمْ
और तुम्हारे लिए
walakum
संज्ञा
عَذَابٌ
अज़ाब है
ʿadhābun
संज्ञा
عَظِيمٌۭ
बड़ा
ʿaẓīmun
16:95
وَلَا تَشْتَرُوا۟ بِعَهْدِ ٱللَّهِ ثَمَنًۭا قَلِيلًا ۚ إِنَّمَا عِندَ ٱللَّهِ هُوَ خَيْرٌۭ لَّكُمْ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ
walā tashtarū biʿahdi l-lahi thamanan qalīlan innamā ʿinda l-lahi huwa khayrun lakum in kuntum taʿlamūna
और अल्लाह के वादे को थोड़े से मूल्य पर न बेचो। निःसंदेह, जो अल्लाह के पास है, वह तुम्हारे लिए बेहतर है, यदि तुम जानते हो।
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
تَشْتَرُوا۟
बेचो
tashtarū
संज्ञा
بِعَهْدِ
वादे को
biʿahdi
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
संज्ञा
ثَمَنًۭا
मूल्य पर
thamanan
संज्ञा
قَلِيلًا ۚ
थोड़े से
qalīlan
अव्यय
إِنَّمَا
निःसंदेह जो
innamā
संज्ञा
عِندَ
पास है
ʿinda
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
सर्वनाम
هُوَ
वह
huwa
संज्ञा
خَيْرٌۭ
बेहतर है
khayrun
अव्यय
لَّكُمْ
तुम्हारे लिए
lakum
अव्यय
إِن
यदि
in
क्रिया
كُنتُمْ
तुम हो
kuntum
क्रिया
تَعْلَمُونَ
जानते
taʿlamūna
16:96
مَا عِندَكُمْ يَنفَدُ ۖ وَمَا عِندَ ٱللَّهِ بَاقٍۢ ۗ وَلَنَجْزِيَنَّ ٱلَّذِينَ صَبَرُوٓا۟ أَجْرَهُم بِأَحْسَنِ مَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ
mā ʿindakum yanfadu wamā ʿinda l-lahi bāqin walanajziyanna alladhīna ṣabarū ajrahum bi-aḥsani mā kānū yaʿmalūna
जो कुछ तुम्हारे पास है, वह समाप्त हो जाएगा, और जो कुछ अल्लाह के पास है, वह स्थायी है। और हम धैर्य रखने वालों को उनके कर्मों का सर्वोत्तम प्रतिफल अवश्य देंगे।
अव्यय
مَا
जो कुछ
संज्ञा
عِندَكُمْ
तुम्हारे पास है
ʿindakum
क्रिया
يَنفَدُ ۖ
समाप्त हो जाएगा
yanfadu
अव्यय
وَمَا
और जो कुछ
wamā
संज्ञा
عِندَ
पास है
ʿinda
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
संज्ञा
بَاقٍۢ ۗ
स्थायी है
bāqin
क्रिया
وَلَنَجْزِيَنَّ
और हम अवश्य देंगे
walanajziyanna
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
उन लोगों को जो
alladhīna
क्रिया
صَبَرُوٓا۟
धैर्य रखते हैं
ṣabarū
संज्ञा
أَجْرَهُم
उनका प्रतिफल
ajrahum
संज्ञा
بِأَحْسَنِ
सर्वोत्तम
bi-aḥsani
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
كَانُوا۟
वे थे
kānū
क्रिया
يَعْمَلُونَ
करते
yaʿmalūna
16:97
مَنْ عَمِلَ صَـٰلِحًۭا مِّن ذَكَرٍ أَوْ أُنثَىٰ وَهُوَ مُؤْمِنٌۭ فَلَنُحْيِيَنَّهُۥ حَيَوٰةًۭ طَيِّبَةًۭ ۖ وَلَنَجْزِيَنَّهُمْ أَجْرَهُم بِأَحْسَنِ مَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ
man ʿamila ṣāliḥan min dhakarin aw unthā wahuwa mu'minun falanuḥ'yiyannahu ḥayatan ṭayyibatan walanajziyannahum ajrahum bi-aḥsani mā kānū yaʿmalūna
जिसने भी नेक काम किया, चाहे वह पुरुष हो या स्त्री, और वह ईमान वाला हो, तो हम उसे ज़रूर एक अच्छा जीवन देंगे, और हम उन्हें उनके कर्मों का सर्वोत्तम प्रतिफल अवश्य देंगे।
संज्ञा
مَنْ
जिसने
man
क्रिया
عَمِلَ
किया
ʿamila
संज्ञा
صَـٰلِحًۭا
नेक काम
ṣāliḥan
अव्यय
مِّن
से
min
संज्ञा
ذَكَرٍ
पुरुष
dhakarin
अव्यय
أَوْ
या
aw
संज्ञा
أُنثَىٰ
स्त्री
unthā
सर्वनाम
وَهُوَ
और वह
wahuwa
संज्ञा
مُؤْمِنٌۭ
ईमान वाला हो
mu'minun
क्रिया
فَلَنُحْيِيَنَّهُۥ
तो हम उसे ज़रूर देंगे
falanuḥ'yiyannahu
संज्ञा
حَيَوٰةًۭ
एक जीवन
ḥayatan
संज्ञा
طَيِّبَةًۭ ۖ
अच्छा
ṭayyibatan
क्रिया
وَلَنَجْزِيَنَّهُمْ
और हम उन्हें ज़रूर देंगे
walanajziyannahum
संज्ञा
أَجْرَهُم
उनका प्रतिफल
ajrahum
संज्ञा
بِأَحْسَنِ
सर्वोत्तम
bi-aḥsani
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
كَانُوا۟
वे थे
kānū
क्रिया
يَعْمَلُونَ
करते
yaʿmalūna
16:98
فَإِذَا قَرَأْتَ ٱلْقُرْءَانَ فَٱسْتَعِذْ بِٱللَّهِ مِنَ ٱلشَّيْطَـٰنِ ٱلرَّجِيمِ
fa-idhā qarata l-qur'āna fa-is'taʿidh bil-lahi mina l-shayṭāni l-rajīmi
तो जब तुम क़ुरआन पढ़ो, तो धिक्कारे हुए शैतान से अल्लाह की पनाह माँगो।
अव्यय
فَإِذَا
तो जब
fa-idhā
क्रिया
قَرَأْتَ
तुम पढ़ो
qarata
संज्ञा
ٱلْقُرْءَانَ
क़ुरआन
l-qur'āna
क्रिया
فَٱسْتَعِذْ
तो पनाह माँगो
fa-is'taʿidh
संज्ञा
بِٱللَّهِ
अल्लाह की
bil-lahi
अव्यय
مِنَ
से
mina
संज्ञा
ٱلشَّيْطَـٰنِ
शैतान
l-shayṭāni
संज्ञा
ٱلرَّجِيمِ
धिक्कारे हुए
l-rajīmi
16:99
إِنَّهُۥ لَيْسَ لَهُۥ سُلْطَـٰنٌ عَلَى ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَلَىٰ رَبِّهِمْ يَتَوَكَّلُونَ
innahu laysa lahu sul'ṭānun ʿalā alladhīna āmanū waʿalā rabbihim yatawakkalūna
निश्चय ही, उसका कोई अधिकार उन लोगों पर नहीं है जो ईमान लाए और अपने रब पर भरोसा करते हैं।
अव्यय
إِنَّهُۥ
निश्चय ही उसका
innahu
क्रिया
لَيْسَ
नहीं है
laysa
अव्यय
لَهُۥ
उसका
lahu
संज्ञा
سُلْطَـٰنٌ
कोई अधिकार
sul'ṭānun
अव्यय
عَلَى
पर
ʿalā
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
उन लोगों
alladhīna
क्रिया
ءَامَنُوا۟
जो ईमान लाए
āmanū
अव्यय
وَعَلَىٰ
और पर
waʿalā
संज्ञा
رَبِّهِمْ
अपने रब
rabbihim
क्रिया
يَتَوَكَّلُونَ
वे भरोसा करते हैं
yatawakkalūna
16:100
إِنَّمَا سُلْطَـٰنُهُۥ عَلَى ٱلَّذِينَ يَتَوَلَّوْنَهُۥ وَٱلَّذِينَ هُم بِهِۦ مُشْرِكُونَ
innamā sul'ṭānuhu ʿalā alladhīna yatawallawnahu wa-alladhīna hum bihi mush'rikūna
उसका अधिकार तो केवल उन लोगों पर है जो उसे अपना दोस्त बनाते हैं और जो उसके माध्यम से अल्लाह के साथ दूसरों को शरीक करते हैं।
अव्यय
إِنَّمَا
केवल
innamā
संज्ञा
سُلْطَـٰنُهُۥ
उसका अधिकार
sul'ṭānuhu
अव्यय
عَلَى
पर है
ʿalā
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
उन लोगों
alladhīna
क्रिया
يَتَوَلَّوْنَهُۥ
जो उसे दोस्त बनाते हैं
yatawallawnahu
संज्ञा
وَٱلَّذِينَ
और उन लोगों
wa-alladhīna
सर्वनाम
هُم
जो
hum
अव्यय
بِهِۦ
उसके साथ
bihi
संज्ञा
مُشْرِكُونَ
शरीक करते हैं
mush'rikūna
16:101
وَإِذَا بَدَّلْنَآ ءَايَةًۭ مَّكَانَ ءَايَةٍۢ ۙ وَٱللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا يُنَزِّلُ قَالُوٓا۟ إِنَّمَآ أَنتَ مُفْتَرٍۭ ۚ بَلْ أَكْثَرُهُمْ لَا يَعْلَمُونَ
wa-idhā baddalnā āyatan makāna āyatin wal-lahu aʿlamu bimā yunazzilu qālū innamā anta muf'tarin bal aktharuhum lā yaʿlamūna
और जब हम एक आयत की जगह दूसरी आयत बदलते हैं - और अल्लाह सबसे बेहतर जानता है कि वह क्या उतारता है - तो वे कहते हैं, "तुम तो बस एक मनगढ़ंत बात कहने वाले हो।" लेकिन उनमें से अधिकतर नहीं जानते।
अव्यय
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
क्रिया
بَدَّلْنَآ
हम बदलते हैं
baddalnā
संज्ञा
ءَايَةًۭ
एक आयत को
āyatan
संज्ञा
مَّكَانَ
जगह पर
makāna
संज्ञा
ءَايَةٍۢ ۙ
दूसरी आयत के
āyatin
संज्ञा
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
wal-lahu
संज्ञा
أَعْلَمُ
सबसे बेहतर जानता है
aʿlamu
अव्यय
بِمَا
जो
bimā
क्रिया
يُنَزِّلُ
वह उतारता है
yunazzilu
क्रिया
قَالُوٓا۟
वे कहते हैं
qālū
अव्यय
إِنَّمَآ
बस
innamā
सर्वनाम
أَنتَ
तुम
anta
संज्ञा
مُفْتَرٍۭ ۚ
एक मनगढ़ंत बात कहने वाले हो
muf'tarin
अव्यय
بَلْ
लेकिन
bal
संज्ञा
أَكْثَرُهُمْ
उनमें से अधिकतर
aktharuhum
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَعْلَمُونَ
जानते
yaʿlamūna
16:102
قُلْ نَزَّلَهُۥ رُوحُ ٱلْقُدُسِ مِن رَّبِّكَ بِٱلْحَقِّ لِيُثَبِّتَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَهُدًۭى وَبُشْرَىٰ لِلْمُسْلِمِينَ
qul nazzalahu rūḥu l-qudusi min rabbika bil-ḥaqi liyuthabbita alladhīna āmanū wahudan wabush'rā lil'mus'limīna
कह दो, "इसे पवित्र आत्मा (जिब्रील) ने तुम्हारे रब की ओर से सत्य के साथ उतारा है ताकि ईमान लाने वालों को दृढ़ किया जा सके और मुसलमानों के लिए मार्गदर्शन और ख़ुशख़बरी हो।"
क्रिया
قُلْ
कह दो
qul
क्रिया
نَزَّلَهُۥ
उसे उतारा है
nazzalahu
संज्ञा
رُوحُ
पवित्र आत्मा ने
rūḥu
संज्ञा
ٱلْقُدُسِ
(जिब्रील)
l-qudusi
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
رَّبِّكَ
तुम्हारे रब की ओर
rabbika
संज्ञा
بِٱلْحَقِّ
सत्य के साथ
bil-ḥaqi
क्रिया
لِيُثَبِّتَ
ताकि दृढ़ करे
liyuthabbita
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
उन लोगों को जो
alladhīna
क्रिया
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
āmanū
संज्ञा
وَهُدًۭى
और मार्गदर्शन
wahudan
संज्ञा
وَبُشْرَىٰ
और ख़ुशख़बरी
wabush'rā
संज्ञा
لِلْمُسْلِمِينَ
मुसलमानों के लिए
lil'mus'limīna
16:103
وَلَقَدْ نَعْلَمُ أَنَّهُمْ يَقُولُونَ إِنَّمَا يُعَلِّمُهُۥ بَشَرٌۭ ۗ لِّسَانُ ٱلَّذِى يُلْحِدُونَ إِلَيْهِ أَعْجَمِىٌّۭ وَهَـٰذَا لِسَانٌ عَرَبِىٌّۭ مُّبِينٌ
walaqad naʿlamu annahum yaqūlūna innamā yuʿallimuhu basharun lisānu alladhī yul'ḥidūna ilayhi aʿjamiyyun wahādhā lisānun ʿarabiyyun mubīnun
और हम निश्चित रूप से जानते हैं कि वे कहते हैं, "उसे तो बस एक इंसान सिखाता है।" जिस व्यक्ति की ओर वे इशारा करते हैं, उसकी भाषा विदेशी है, जबकि यह (क़ुरआन) स्पष्ट अरबी भाषा में है।
अव्यय
وَلَقَدْ
और निश्चित रूप से
walaqad
क्रिया
نَعْلَمُ
हम जानते हैं
naʿlamu
अव्यय
أَنَّهُمْ
कि वे
annahum
क्रिया
يَقُولُونَ
कहते हैं
yaqūlūna
अव्यय
إِنَّمَا
बस
innamā
क्रिया
يُعَلِّمُهُۥ
उसे सिखाता है
yuʿallimuhu
संज्ञा
بَشَرٌۭ ۗ
एक इंसान
basharun
संज्ञा
لِّسَانُ
भाषा
lisānu
संज्ञा
ٱلَّذِى
जिसकी
alladhī
क्रिया
يُلْحِدُونَ
वे इशारा करते हैं
yul'ḥidūna
अव्यय
إِلَيْهِ
उसकी ओर
ilayhi
संज्ञा
أَعْجَمِىٌّۭ
विदेशी है
aʿjamiyyun
संज्ञा
وَهَـٰذَا
जबकि यह
wahādhā
संज्ञा
لِسَانٌ
भाषा है
lisānun
संज्ञा
عَرَبِىٌّۭ
अरबी
ʿarabiyyun
संज्ञा
مُّبِينٌ
स्पष्ट
mubīnun
16:104
إِنَّ ٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِـَٔايَـٰتِ ٱللَّهِ لَا يَهْدِيهِمُ ٱللَّهُ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ
inna alladhīna lā yu'minūna biāyāti l-lahi lā yahdīhimu l-lahu walahum ʿadhābun alīmun
निःसंदेह, जो लोग अल्लाह की आयतों पर ईमान नहीं लाते, अल्लाह उन्हें मार्गदर्शन नहीं देगा, और उनके लिए दर्दनाक अज़ाब है।
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जो लोग
alladhīna
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يُؤْمِنُونَ
ईमान लाते
yu'minūna
संज्ञा
بِـَٔايَـٰتِ
आयतों पर
biāyāti
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह की
l-lahi
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَهْدِيهِمُ
उन्हें मार्गदर्शन देगा
yahdīhimu
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
अव्यय
وَلَهُمْ
और उनके लिए
walahum
संज्ञा
عَذَابٌ
अज़ाब है
ʿadhābun
संज्ञा
أَلِيمٌ
दर्दनाक
alīmun
16:105
إِنَّمَا يَفْتَرِى ٱلْكَذِبَ ٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِـَٔايَـٰتِ ٱللَّهِ ۖ وَأُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْكَـٰذِبُونَ
innamā yaftarī l-kadhiba alladhīna lā yu'minūna biāyāti l-lahi wa-ulāika humu l-kādhibūna
झूठ तो केवल वही गढ़ते हैं जो अल्लाह की आयतों पर ईमान नहीं लाते, और वही लोग झूठे हैं।
अव्यय
إِنَّمَا
केवल
innamā
क्रिया
يَفْتَرِى
गढ़ते हैं
yaftarī
संज्ञा
ٱلْكَذِبَ
झूठ
l-kadhiba
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
वे लोग जो
alladhīna
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يُؤْمِنُونَ
ईमान लाते
yu'minūna
संज्ञा
بِـَٔايَـٰتِ
आयतों पर
biāyāti
संज्ञा
ٱللَّهِ ۖ
अल्लाह की
l-lahi
संज्ञा
وَأُو۟لَـٰٓئِكَ
और वही लोग
wa-ulāika
सर्वनाम
هُمُ
हैं
humu
संज्ञा
ٱلْكَـٰذِبُونَ
झूठे
l-kādhibūna
16:106
مَن كَفَرَ بِٱللَّهِ مِنۢ بَعْدِ إِيمَـٰنِهِۦٓ إِلَّا مَنْ أُكْرِهَ وَقَلْبُهُۥ مُطْمَئِنٌّۢ بِٱلْإِيمَـٰنِ وَلَـٰكِن مَّن شَرَحَ بِٱلْكُفْرِ صَدْرًۭا فَعَلَيْهِمْ غَضَبٌۭ مِّنَ ٱللَّهِ وَلَهُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌۭ
man kafara bil-lahi min baʿdi īmānihi illā man uk'riha waqalbuhu muṭ'ma-innun bil-īmāni walākin man sharaḥa bil-kuf'ri ṣadran faʿalayhim ghaḍabun mina l-lahi walahum ʿadhābun ʿaẓīmun
जिसने ईमान लाने के बाद अल्लाह का इनकार किया... सिवाय उसके जिसे मजबूर किया गया हो और उसका दिल ईमान पर जमा हो। लेकिन जो स्वेच्छा से कुफ़्र के लिए अपना सीना खोल दे, तो उन पर अल्लाह का ग़ज़ब है, और उनके लिए बड़ा अज़ाब है।
संज्ञा
مَن
जिसने
man
क्रिया
كَفَرَ
कुफ़्र किया
kafara
संज्ञा
بِٱللَّهِ
अल्लाह का
bil-lahi
अव्यय
مِنۢ
से
min
संज्ञा
بَعْدِ
बाद
baʿdi
संज्ञा
إِيمَـٰنِهِۦٓ
अपने ईमान के
īmānihi
अव्यय
إِلَّا
सिवाय
illā
संज्ञा
مَنْ
उसके जिसे
man
क्रिया
أُكْرِهَ
मजबूर किया गया
uk'riha
संज्ञा
وَقَلْبُهُۥ
और उसका दिल
waqalbuhu
संज्ञा
مُطْمَئِنٌّۢ
जमा हो
muṭ'ma-innun
संज्ञा
بِٱلْإِيمَـٰنِ
ईमान पर
bil-īmāni
अव्यय
وَلَـٰكِن
लेकिन
walākin
संज्ञा
مَّن
जो
man
क्रिया
شَرَحَ
खोल दे
sharaḥa
संज्ञा
بِٱلْكُفْرِ
कुफ़्र के लिए
bil-kuf'ri
संज्ञा
صَدْرًۭا
अपना सीना
ṣadran
अव्यय
فَعَلَيْهِمْ
तो उन पर
faʿalayhim
संज्ञा
غَضَبٌۭ
ग़ज़ब है
ghaḍabun
अव्यय
مِّنَ
से
mina
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह की ओर
l-lahi
अव्यय
وَلَهُمْ
और उनके लिए
walahum
संज्ञा
عَذَابٌ
अज़ाब है
ʿadhābun
संज्ञा
عَظِيمٌۭ
बड़ा
ʿaẓīmun
16:107
ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُ ٱسْتَحَبُّوا۟ ٱلْحَيَوٰةَ ٱلدُّنْيَا عَلَى ٱلْـَٔاخِرَةِ وَأَنَّ ٱللَّهَ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلْكَـٰفِرِينَ
dhālika bi-annahumu is'taḥabbū l-ḥayata l-dun'yā ʿalā l-ākhirati wa-anna l-laha lā yahdī l-qawma l-kāfirīna
यह इसलिए है क्योंकि उन्होंने दुनिया के जीवन को आख़िरत पर तरजीह दी, और अल्लाह काफ़िर लोगों को मार्गदर्शन नहीं देता।
संज्ञा
ذَٰلِكَ
यह
dhālika
अव्यय
بِأَنَّهُمُ
इस कारण है कि उन्होंने
bi-annahumu
क्रिया
ٱسْتَحَبُّوا۟
तरजीह दी
is'taḥabbū
संज्ञा
ٱلْحَيَوٰةَ
जीवन को
l-ḥayata
संज्ञा
ٱلدُّنْيَا
दुनिया के
l-dun'yā
अव्यय
عَلَى
पर
ʿalā
संज्ञा
ٱلْـَٔاخِرَةِ
आख़िरत
l-ākhirati
अव्यय
وَأَنَّ
और यह कि
wa-anna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يَهْدِى
मार्गदर्शन देता
yahdī
संज्ञा
ٱلْقَوْمَ
लोगों को
l-qawma
संज्ञा
ٱلْكَـٰفِرِينَ
काफ़िर
l-kāfirīna
16:108
أُو۟لَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ طَبَعَ ٱللَّهُ عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ وَسَمْعِهِمْ وَأَبْصَـٰرِهِمْ ۖ وَأُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْغَـٰفِلُونَ
ulāika alladhīna ṭabaʿa l-lahu ʿalā qulūbihim wasamʿihim wa-abṣārihim wa-ulāika humu l-ghāfilūna
ये वे लोग हैं जिनके दिलों, कानों और आँखों पर अल्लाह ने मुहर लगा दी है, और यही लोग ग़ाफ़िल हैं।
संज्ञा
أُو۟لَـٰٓئِكَ
ये वे लोग हैं
ulāika
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जिनके
alladhīna
क्रिया
طَبَعَ
मुहर लगा दी है
ṭabaʿa
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
अव्यय
عَلَىٰ
पर
ʿalā
संज्ञा
قُلُوبِهِمْ
उनके दिलों
qulūbihim
संज्ञा
وَسَمْعِهِمْ
और उनके कानों
wasamʿihim
संज्ञा
وَأَبْصَـٰرِهِمْ ۖ
और उनकी आँखों
wa-abṣārihim
संज्ञा
وَأُو۟لَـٰٓئِكَ
और यही लोग
wa-ulāika
सर्वनाम
هُمُ
हैं
humu
संज्ञा
ٱلْغَـٰفِلُونَ
ग़ाफ़िल
l-ghāfilūna
16:109
لَا جَرَمَ أَنَّهُمْ فِى ٱلْـَٔاخِرَةِ هُمُ ٱلْخَـٰسِرُونَ
lā jarama annahum fī l-ākhirati humu l-khāsirūna
निश्चित रूप से, आख़िरत में वे ही घाटे में रहने वाले हैं।
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
جَرَمَ
संदेह
jarama
अव्यय
أَنَّهُمْ
कि वे
annahum
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلْـَٔاخِرَةِ
आख़िरत
l-ākhirati
सर्वनाम
هُمُ
वे ही
humu
संज्ञा
ٱلْخَـٰسِرُونَ
घाटे में रहने वाले हैं
l-khāsirūna
16:110
ثُمَّ إِنَّ رَبَّكَ لِلَّذِينَ هَاجَرُوا۟ مِنۢ بَعْدِ مَا فُتِنُوا۟ ثُمَّ جَـٰهَدُوا۟ وَصَبَرُوٓا۟ إِنَّ رَبَّكَ مِنۢ بَعْدِهَا لَغَفُورٌۭ رَّحِيمٌۭ
thumma inna rabbaka lilladhīna hājarū min baʿdi mā futinū thumma jāhadū waṣabarū inna rabbaka min baʿdihā laghafūrun raḥīmun
फिर, निश्चय ही तुम्हारा रब, उन लोगों के लिए जिन्होंने अत्याचार सहने के बाद हिजरत की, फिर जिहाद किया और सब्र किया - निश्चय ही तुम्हारा रब, उसके बाद, क्षमा करने वाला, दया करने वाला है।
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
अव्यय
إِنَّ
निश्चय ही
inna
संज्ञा
رَبَّكَ
तुम्हारा रब
rabbaka
अव्यय
لِلَّذِينَ
उन लोगों के लिए
lilladhīna
क्रिया
هَاجَرُوا۟
जिन्होंने हिजरत की
hājarū
अव्यय
مِنۢ
से
min
संज्ञा
بَعْدِ
बाद
baʿdi
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
فُتِنُوا۟
वे सताए गए
futinū
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
क्रिया
جَـٰهَدُوا۟
जिहाद किया
jāhadū
क्रिया
وَصَبَرُوٓا۟
और सब्र किया
waṣabarū
अव्यय
إِنَّ
निश्चय ही
inna
संज्ञा
رَبَّكَ
तुम्हारा रब
rabbaka
अव्यय
مِنۢ
से
min
संज्ञा
بَعْدِهَا
उसके बाद
baʿdihā
संज्ञा
لَغَفُورٌۭ
क्षमा करने वाला है
laghafūrun
संज्ञा
رَّحِيمٌۭ
दया करने वाला है
raḥīmun
16:111
۞ يَوْمَ تَأْتِى كُلُّ نَفْسٍۢ تُجَـٰدِلُ عَن نَّفْسِهَا وَتُوَفَّىٰ كُلُّ نَفْسٍۢ مَّا عَمِلَتْ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ
yawma tatī kullu nafsin tujādilu ʿan nafsihā watuwaffā kullu nafsin mā ʿamilat wahum lā yuẓ'lamūna
जिस दिन हर व्यक्ति अपने बचाव में बहस करता हुआ आएगा, और हर व्यक्ति को उसके कर्मों का पूरा बदला दिया जाएगा, और उन पर कोई ज़ुल्म नहीं किया जाएगा।
संज्ञा
۞ يَوْمَ
जिस दिन
yawma
क्रिया
تَأْتِى
आएगा
tatī
संज्ञा
كُلُّ
हर
kullu
संज्ञा
نَفْسٍۢ
व्यक्ति
nafsin
क्रिया
تُجَـٰدِلُ
बहस करता हुआ
tujādilu
अव्यय
عَن
के लिए
ʿan
संज्ञा
نَّفْسِهَا
अपने
nafsihā
क्रिया
وَتُوَفَّىٰ
और पूरा-पूरा दिया जाएगा
watuwaffā
संज्ञा
كُلُّ
हर
kullu
संज्ञा
نَفْسٍۢ
व्यक्ति को
nafsin
अव्यय
مَّا
जो
क्रिया
عَمِلَتْ
उसने किया
ʿamilat
सर्वनाम
وَهُمْ
और उन पर
wahum
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يُظْلَمُونَ
ज़ुल्म किया जाएगा
yuẓ'lamūna
16:112
وَضَرَبَ ٱللَّهُ مَثَلًۭا قَرْيَةًۭ كَانَتْ ءَامِنَةًۭ مُّطْمَئِنَّةًۭ يَأْتِيهَا رِزْقُهَا رَغَدًۭا مِّن كُلِّ مَكَانٍۢ فَكَفَرَتْ بِأَنْعُمِ ٱللَّهِ فَأَذَٰقَهَا ٱللَّهُ لِبَاسَ ٱلْجُوعِ وَٱلْخَوْفِ بِمَا كَانُوا۟ يَصْنَعُونَ
waḍaraba l-lahu mathalan qaryatan kānat āminatan muṭ'ma-innatan yatīhā riz'quhā raghadan min kulli makānin fakafarat bi-anʿumi l-lahi fa-adhāqahā l-lahu libāsa l-jūʿi wal-khawfi bimā kānū yaṣnaʿūna
और अल्लाह एक मिसाल बयान करता है: एक बस्ती जो सुरक्षित और संतुष्ट थी, उसकी रोज़ी हर जगह से बहुतायत में आती थी, लेकिन उसने अल्लाह की नेमतों का इनकार किया। तो अल्लाह ने उसे भूख और डर का लिबास चखाया, उसके कर्मों के बदले में।
क्रिया
وَضَرَبَ
और बयान करता है
waḍaraba
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह
l-lahu
संज्ञा
مَثَلًۭا
एक मिसाल
mathalan
संज्ञा
قَرْيَةًۭ
एक बस्ती की
qaryatan
क्रिया
كَانَتْ
जो थी
kānat
संज्ञा
ءَامِنَةًۭ
सुरक्षित
āminatan
संज्ञा
مُّطْمَئِنَّةًۭ
और संतुष्ट
muṭ'ma-innatan
क्रिया
يَأْتِيهَا
आती थी
yatīhā
संज्ञा
رِزْقُهَا
उसकी रोज़ी
riz'quhā
संज्ञा
رَغَدًۭا
बहुतायत में
raghadan
अव्यय
مِّن
से
min
संज्ञा
كُلِّ
हर
kulli
संज्ञा
مَكَانٍۢ
जगह
makānin
क्रिया
فَكَفَرَتْ
लेकिन उसने इनकार किया
fakafarat
संज्ञा
بِأَنْعُمِ
नेमतों का
bi-anʿumi
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह की
l-lahi
क्रिया
فَأَذَٰقَهَا
तो उसे चखाया
fa-adhāqahā
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
संज्ञा
لِبَاسَ
लिबास
libāsa
संज्ञा
ٱلْجُوعِ
भूख का
l-jūʿi
संज्ञा
وَٱلْخَوْفِ
और डर का
wal-khawfi
अव्यय
بِمَا
उसके बदले में जो
bimā
क्रिया
كَانُوا۟
वे थे
kānū
क्रिया
يَصْنَعُونَ
करते
yaṣnaʿūna
16:113
وَلَقَدْ جَآءَهُمْ رَسُولٌۭ مِّنْهُمْ فَكَذَّبُوهُ فَأَخَذَهُمُ ٱلْعَذَابُ وَهُمْ ظَـٰلِمُونَ
walaqad jāahum rasūlun min'hum fakadhabūhu fa-akhadhahumu l-ʿadhābu wahum ẓālimūna
और उनके पास उन्हीं में से एक रसूल आया, तो उन्होंने उसे झुठला दिया, और अज़ाब ने उन्हें आ पकड़ा, जबकि वे ज़ालिम थे।
अव्यय
وَلَقَدْ
और निश्चित रूप से
walaqad
क्रिया
جَآءَهُمْ
उनके पास आया
jāahum
संज्ञा
رَسُولٌۭ
एक रसूल
rasūlun
अव्यय
مِّنْهُمْ
उन्हीं में से
min'hum
क्रिया
فَكَذَّبُوهُ
तो उन्होंने उसे झुठला दिया
fakadhabūhu
क्रिया
فَأَخَذَهُمُ
तो उन्हें आ पकड़ा
fa-akhadhahumu
संज्ञा
ٱلْعَذَابُ
अज़ाब ने
l-ʿadhābu
सर्वनाम
وَهُمْ
जबकि वे
wahum
संज्ञा
ظَـٰلِمُونَ
ज़ालिम थे
ẓālimūna
16:114
فَكُلُوا۟ مِمَّا رَزَقَكُمُ ٱللَّهُ حَلَـٰلًۭا طَيِّبًۭا وَٱشْكُرُوا۟ نِعْمَتَ ٱللَّهِ إِن كُنتُمْ إِيَّاهُ تَعْبُدُونَ
fakulū mimmā razaqakumu l-lahu ḥalālan ṭayyiban wa-ush'kurū niʿ'mata l-lahi in kuntum iyyāhu taʿbudūna
तो खाओ उसमें से जो अल्लाह ने तुम्हें दिया है, जो हलाल और अच्छा है। और अल्लाह के अनुग्रह के प्रति कृतज्ञ रहो, यदि तुम वास्तव में उसी की इबादत करते हो।
क्रिया
فَكُلُوا۟
तो खाओ
fakulū
अव्यय
مِمَّا
उसमें से जो
mimmā
क्रिया
رَزَقَكُمُ
तुम्हें दिया है
razaqakumu
संज्ञा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
l-lahu
संज्ञा
حَلَـٰلًۭا
हलाल
ḥalālan
संज्ञा
طَيِّبًۭا
और अच्छा
ṭayyiban
क्रिया
وَٱشْكُرُوا۟
और शुक्र करो
wa-ush'kurū
संज्ञा
نِعْمَتَ
अनुग्रह का
niʿ'mata
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
अव्यय
إِن
यदि
in
क्रिया
كُنتُمْ
तुम हो
kuntum
सर्वनाम
إِيَّاهُ
उसी की
iyyāhu
क्रिया
تَعْبُدُونَ
इबादत करते हो
taʿbudūna
16:115
إِنَّمَا حَرَّمَ عَلَيْكُمُ ٱلْمَيْتَةَ وَٱلدَّمَ وَلَحْمَ ٱلْخِنزِيرِ وَمَآ أُهِلَّ لِغَيْرِ ٱللَّهِ بِهِۦ ۖ فَمَنِ ٱضْطُرَّ غَيْرَ بَاغٍۢ وَلَا عَادٍۢ فَإِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٌۭ رَّحِيمٌۭ
innamā ḥarrama ʿalaykumu l-maytata wal-dama walaḥma l-khinzīri wamā uhilla lighayri l-lahi bihi famani uḍ'ṭurra ghayra bāghin walā ʿādin fa-inna l-laha ghafūrun raḥīmun
उसने तुम पर केवल मुर्दा, खून, सूअर का मांस और जो अल्लाह के सिवा किसी और को समर्पित किया गया हो, हराम किया है। लेकिन जो कोई मजबूर हो जाए, न तो उसकी इच्छा हो और न ही वह सीमा का उल्लंघन करे, तो निःसंदेह अल्लाह क्षमा करने वाला, दया करने वाला है।
अव्यय
إِنَّمَا
केवल
innamā
क्रिया
حَرَّمَ
उसने हराम किया है
ḥarrama
अव्यय
عَلَيْكُمُ
तुम पर
ʿalaykumu
संज्ञा
ٱلْمَيْتَةَ
मुर्दा
l-maytata
संज्ञा
وَٱلدَّمَ
और खून
wal-dama
संज्ञा
وَلَحْمَ
और मांस
walaḥma
संज्ञा
ٱلْخِنزِيرِ
सूअर का
l-khinzīri
अव्यय
وَمَآ
और जो
wamā
क्रिया
أُهِلَّ
समर्पित किया गया हो
uhilla
अव्यय
لِغَيْرِ
के सिवा
lighayri
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह के
l-lahi
अव्यय
بِهِۦ ۖ
उस पर
bihi
अव्यय
فَمَنِ
लेकिन जो कोई
famani
क्रिया
ٱضْطُرَّ
मजबूर हो जाए
uḍ'ṭurra
संज्ञा
غَيْرَ
बिना
ghayra
संज्ञा
بَاغٍۢ
इच्छा के
bāghin
अव्यय
وَلَا
और न
walā
संज्ञा
عَادٍۢ
सीमा का उल्लंघन करने वाला
ʿādin
अव्यय
فَإِنَّ
तो निःसंदेह
fa-inna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
संज्ञा
غَفُورٌۭ
क्षमा करने वाला
ghafūrun
संज्ञा
رَّحِيمٌۭ
दया करने वाला है
raḥīmun
16:116
وَلَا تَقُولُوا۟ لِمَا تَصِفُ أَلْسِنَتُكُمُ ٱلْكَذِبَ هَـٰذَا حَلَـٰلٌۭ وَهَـٰذَا حَرَامٌۭ لِّتَفْتَرُوا۟ عَلَى ٱللَّهِ ٱلْكَذِبَ ۚ إِنَّ ٱلَّذِينَ يَفْتَرُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلْكَذِبَ لَا يُفْلِحُونَ
walā taqūlū limā taṣifu alsinatukumu l-kadhiba hādhā ḥalālun wahādhā ḥarāmun litaftarū ʿalā l-lahi l-kadhiba inna alladhīna yaftarūna ʿalā l-lahi l-kadhiba lā yuf'liḥūna
और उस झूठ के बारे में मत कहो जो तुम्हारी ज़बानें बयान करती हैं, "यह हलाल है और यह हराम है," ताकि तुम अल्लाह पर झूठ गढ़ो। निःसंदेह, जो लोग अल्लाह पर झूठ गढ़ते हैं, वे सफल नहीं होंगे।
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
تَقُولُوا۟
कहो
taqūlū
अव्यय
لِمَا
उसके लिए जो
limā
क्रिया
تَصِفُ
बयान करती हैं
taṣifu
संज्ञा
أَلْسِنَتُكُمُ
तुम्हारी ज़बानें
alsinatukumu
संज्ञा
ٱلْكَذِبَ
झूठ
l-kadhiba
संज्ञा
هَـٰذَا
यह
hādhā
संज्ञा
حَلَـٰلٌۭ
हलाल है
ḥalālun
संज्ञा
وَهَـٰذَا
और यह
wahādhā
संज्ञा
حَرَامٌۭ
हराम है
ḥarāmun
क्रिया
لِّتَفْتَرُوا۟
ताकि तुम गढ़ो
litaftarū
अव्यय
عَلَى
पर
ʿalā
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह
l-lahi
संज्ञा
ٱلْكَذِبَ ۚ
झूठ
l-kadhiba
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जो लोग
alladhīna
क्रिया
يَفْتَرُونَ
गढ़ते हैं
yaftarūna
अव्यय
عَلَى
पर
ʿalā
संज्ञा
ٱللَّهِ
अल्लाह
l-lahi
संज्ञा
ٱلْكَذِبَ
झूठ
l-kadhiba
अव्यय
لَا
नहीं
क्रिया
يُفْلِحُونَ
सफल होंगे
yuf'liḥūna
16:117
مَتَـٰعٌۭ قَلِيلٌۭ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌۭ
matāʿun qalīlun walahum ʿadhābun alīmun
यह थोड़ा सा लाभ है, और उनके लिए दर्दनाक अज़ाब है।
संज्ञा
مَتَـٰعٌۭ
एक लाभ
matāʿun
संज्ञा
قَلِيلٌۭ
थोड़ा सा
qalīlun
अव्यय
وَلَهُمْ
और उनके लिए
walahum
संज्ञा
عَذَابٌ
अज़ाब है
ʿadhābun
संज्ञा
أَلِيمٌۭ
दर्दनाक
alīmun
16:118
وَعَلَى ٱلَّذِينَ هَادُوا۟ حَرَّمْنَا مَا قَصَصْنَا عَلَيْكَ مِن قَبْلُ ۖ وَمَا ظَلَمْنَـٰهُمْ وَلَـٰكِن كَانُوٓا۟ أَنفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ
waʿalā alladhīna hādū ḥarramnā mā qaṣaṣnā ʿalayka min qablu wamā ẓalamnāhum walākin kānū anfusahum yaẓlimūna
और जो यहूदी हैं, उन पर हमने वह हराम किया जो हमने तुम्हें पहले बताया था। और हमने उन पर ज़ुल्म नहीं किया, बल्कि वे स्वयं अपने ऊपर ज़ुल्म करते थे।
अव्यय
وَعَلَى
और पर
waʿalā
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
जो लोग
alladhīna
क्रिया
هَادُوا۟
यहूदी हैं
hādū
क्रिया
حَرَّمْنَا
हमने हराम किया
ḥarramnā
अव्यय
مَا
जो
क्रिया
قَصَصْنَا
हमने तुम्हें बताया
qaṣaṣnā
अव्यय
عَلَيْكَ
तुमसे
ʿalayka
अव्यय
مِن
से
min
संज्ञा
قَبْلُ ۖ
पहले
qablu
अव्यय
وَمَا
और नहीं
wamā
क्रिया
ظَلَمْنَـٰهُمْ
हमने उन पर ज़ुल्म किया
ẓalamnāhum
अव्यय
وَلَـٰكِن
लेकिन
walākin
क्रिया
كَانُوٓا۟
वे थे
kānū
संज्ञा
أَنفُسَهُمْ
अपने ऊपर
anfusahum
क्रिया
يَظْلِمُونَ
ज़ुल्म करते
yaẓlimūna
16:119
ثُمَّ إِنَّ رَبَّكَ لِلَّذِينَ عَمِلُوا۟ ٱلسُّوٓءَ بِجَهَـٰلَةٍۢ ثُمَّ تَابُوا۟ مِنۢ بَعْدِ ذَٰلِكَ وَأَصْلَحُوٓا۟ إِنَّ رَبَّكَ مِنۢ بَعْدِهَا لَغَفُورٌۭ رَّحِيمٌۭ
thumma inna rabbaka lilladhīna ʿamilū l-sūa bijahālatin thumma tābū min baʿdi dhālika wa-aṣlaḥū inna rabbaka min baʿdihā laghafūrun raḥīmun
फिर, निःसंदेह तुम्हारा रब, उन लोगों के लिए जिन्होंने अज्ञानता में बुराई की, फिर उसके बाद तौबा की और खुद को सुधार लिया - निःसंदेह, तुम्हारा रब, उसके बाद, क्षमा करने वाला, दया करने वाला है।
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
رَبَّكَ
तुम्हारा रब
rabbaka
अव्यय
لِلَّذِينَ
उन लोगों के लिए
lilladhīna
क्रिया
عَمِلُوا۟
जिन्होंने किया
ʿamilū
संज्ञा
ٱلسُّوٓءَ
बुराई
l-sūa
संज्ञा
بِجَهَـٰلَةٍۢ
अज्ञानता में
bijahālatin
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
क्रिया
تَابُوا۟
तौबा की
tābū
अव्यय
مِنۢ
से
min
संज्ञा
بَعْدِ
बाद
baʿdi
संज्ञा
ذَٰلِكَ
उसके
dhālika
क्रिया
وَأَصْلَحُوٓا۟
और खुद को सुधार लिया
wa-aṣlaḥū
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
رَبَّكَ
तुम्हारा रब
rabbaka
अव्यय
مِنۢ
से
min
संज्ञा
بَعْدِهَا
उसके बाद
baʿdihā
संज्ञा
لَغَفُورٌۭ
क्षमा करने वाला है
laghafūrun
संज्ञा
رَّحِيمٌۭ
दया करने वाला है
raḥīmun
16:120
إِنَّ إِبْرَٰهِيمَ كَانَ أُمَّةًۭ قَانِتًۭا لِّلَّهِ حَنِيفًۭا وَلَمْ يَكُ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ
inna ib'rāhīma kāna ummatan qānitan lillahi ḥanīfan walam yaku mina l-mush'rikīna
निःसंदेह, इब्राहीम एक सम्पूर्ण समुदाय था, अल्लाह का आज्ञाकारी, सत्य की ओर झुका हुआ, और वह मुशरिकों में से नहीं था।
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
إِبْرَٰهِيمَ
इब्राहीम
ib'rāhīma
क्रिया
كَانَ
था
kāna
संज्ञा
أُمَّةًۭ
एक समुदाय
ummatan
संज्ञा
قَانِتًۭا
आज्ञाकारी
qānitan
संज्ञा
لِّلَّهِ
अल्लाह का
lillahi
संज्ञा
حَنِيفًۭا
सत्य की ओर झुका हुआ
ḥanīfan
अव्यय
وَلَمْ
और नहीं
walam
क्रिया
يَكُ
वह था
yaku
अव्यय
مِنَ
में से
mina
संज्ञा
ٱلْمُشْرِكِينَ
मुशरिकों
l-mush'rikīna
16:121
شَاكِرًۭا لِّأَنْعُمِهِ ۚ ٱجْتَبَىٰهُ وَهَدَىٰهُ إِلَىٰ صِرَٰطٍۢ مُّسْتَقِيمٍۢ
shākiran li-anʿumihi ij'tabāhu wahadāhu ilā ṣirāṭin mus'taqīmin
वह उसकी नेमतों का शुक्रगुज़ार था। अल्लाह ने उसे चुन लिया और उसे सीधे रास्ते पर चलाया।
संज्ञा
شَاكِرًۭا
शुक्रगुज़ार
shākiran
संज्ञा
لِّأَنْعُمِهِ ۚ
उसकी नेमतों का
li-anʿumihi
क्रिया
ٱجْتَبَىٰهُ
उसने उसे चुन लिया
ij'tabāhu
क्रिया
وَهَدَىٰهُ
और उसे मार्ग दिखाया
wahadāhu
अव्यय
إِلَىٰ
की ओर
ilā
संज्ञा
صِرَٰطٍۢ
एक रास्ते
ṣirāṭin
संज्ञा
مُّسْتَقِيمٍۢ
सीधे
mus'taqīmin
16:122
وَءَاتَيْنَـٰهُ فِى ٱلدُّنْيَا حَسَنَةًۭ ۖ وَإِنَّهُۥ فِى ٱلْـَٔاخِرَةِ لَمِنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ
waātaynāhu fī l-dun'yā ḥasanatan wa-innahu fī l-ākhirati lamina l-ṣāliḥīna
और हमने उसे इस दुनिया में भलाई दी, और निःसंदेह, आख़िरत में वह नेक लोगों में से होगा।
क्रिया
وَءَاتَيْنَـٰهُ
और हमने उसे दी
waātaynāhu
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلدُّنْيَا
दुनिया
l-dun'yā
संज्ञा
حَسَنَةًۭ ۖ
भलाई
ḥasanatan
अव्यय
وَإِنَّهُۥ
और निःसंदेह वह
wa-innahu
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ٱلْـَٔاخِرَةِ
आख़िरत
l-ākhirati
अव्यय
لَمِنَ
में से होगा
lamina
संज्ञा
ٱلصَّـٰلِحِينَ
नेक लोगों
l-ṣāliḥīna
16:123
ثُمَّ أَوْحَيْنَآ إِلَيْكَ أَنِ ٱتَّبِعْ مِلَّةَ إِبْرَٰهِيمَ حَنِيفًۭا ۖ وَمَا كَانَ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ
thumma awḥaynā ilayka ani ittabiʿ millata ib'rāhīma ḥanīfan wamā kāna mina l-mush'rikīna
फिर हमने तुम्हारी ओर वह्य की कि "इब्राहीम के धर्म का पालन करो, जो सत्य की ओर झुका हुआ था; और वह मुशरिकों में से नहीं था।"
अव्यय
ثُمَّ
फिर
thumma
क्रिया
أَوْحَيْنَآ
हमने वह्य की
awḥaynā
अव्यय
إِلَيْكَ
तुम्हारी ओर
ilayka
अव्यय
أَنِ
कि
ani
क्रिया
ٱتَّبِعْ
पालन करो
ittabiʿ
संज्ञा
مِلَّةَ
धर्म का
millata
संज्ञा
إِبْرَٰهِيمَ
इब्राहीम के
ib'rāhīma
संज्ञा
حَنِيفًۭا ۖ
सत्य की ओर झुके हुए
ḥanīfan
अव्यय
وَمَا
और नहीं
wamā
क्रिया
كَانَ
वह था
kāna
अव्यय
مِنَ
में से
mina
संज्ञा
ٱلْمُشْرِكِينَ
मुशरिकों
l-mush'rikīna
16:124
إِنَّمَا جُعِلَ ٱلسَّبْتُ عَلَى ٱلَّذِينَ ٱخْتَلَفُوا۟ فِيهِ ۚ وَإِنَّ رَبَّكَ لَيَحْكُمُ بَيْنَهُمْ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ فِيمَا كَانُوا۟ فِيهِ يَخْتَلِفُونَ
innamā juʿila l-sabtu ʿalā alladhīna ikh'talafū fīhi wa-inna rabbaka layaḥkumu baynahum yawma l-qiyāmati fīmā kānū fīhi yakhtalifūna
सब्त (शनिवार का दिन) तो केवल उन लोगों पर लागू किया गया था जिन्होंने उसके बारे में मतभेद किया। और निश्चय ही तुम्हारा रब क़यामत के दिन उनके बीच उस बात का फ़ैसला करेगा जिसमें वे मतभेद करते थे।
अव्यय
إِنَّمَا
केवल
innamā
क्रिया
جُعِلَ
लागू किया गया
juʿila
संज्ञा
ٱلسَّبْتُ
सब्त
l-sabtu
अव्यय
عَلَى
पर
ʿalā
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
उन लोगों
alladhīna
क्रिया
ٱخْتَلَفُوا۟
जिन्होंने मतभेद किया
ikh'talafū
अव्यय
فِيهِ ۚ
उसके बारे में
fīhi
अव्यय
وَإِنَّ
और निश्चय ही
wa-inna
संज्ञा
رَبَّكَ
तुम्हारा रब
rabbaka
क्रिया
لَيَحْكُمُ
ज़रूर फ़ैसला करेगा
layaḥkumu
संज्ञा
بَيْنَهُمْ
उनके बीच
baynahum
संज्ञा
يَوْمَ
दिन
yawma
संज्ञा
ٱلْقِيَـٰمَةِ
क़यामत के
l-qiyāmati
अव्यय
فِيمَا
उसमें जिसमें
fīmā
क्रिया
كَانُوا۟
वे थे
kānū
अव्यय
فِيهِ
उसमें
fīhi
क्रिया
يَخْتَلِفُونَ
मतभेद करते थे
yakhtalifūna
16:125
ٱدْعُ إِلَىٰ سَبِيلِ رَبِّكَ بِٱلْحِكْمَةِ وَٱلْمَوْعِظَةِ ٱلْحَسَنَةِ ۖ وَجَـٰدِلْهُم بِٱلَّتِى هِىَ أَحْسَنُ ۚ إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعْلَمُ بِمَن ضَلَّ عَن سَبِيلِهِۦ ۖ وَهُوَ أَعْلَمُ بِٱلْمُهْتَدِينَ
ud'ʿu ilā sabīli rabbika bil-ḥik'mati wal-mawʿiẓati l-ḥasanati wajādil'hum bi-allatī hiya aḥsanu inna rabbaka huwa aʿlamu biman ḍalla ʿan sabīlihi wahuwa aʿlamu bil-muh'tadīna
अपने रब के रास्ते की ओर हिकमत और अच्छी नसीहत के साथ बुलाओ, और उनसे बेहतरीन तरीक़े से बहस करो। निःसंदेह, तुम्हारा रब उसे सबसे बेहतर जानता है जो उसके रास्ते से भटक गया है, और वह उन्हें भी सबसे बेहतर जानता है जो मार्गदर्शन पर हैं।
क्रिया
ٱدْعُ
बुलाओ
ud'ʿu
अव्यय
إِلَىٰ
की ओर
ilā
संज्ञा
سَبِيلِ
रास्ते
sabīli
संज्ञा
رَبِّكَ
अपने रब के
rabbika
संज्ञा
بِٱلْحِكْمَةِ
हिकमत के साथ
bil-ḥik'mati
संज्ञा
وَٱلْمَوْعِظَةِ
और नसीहत
wal-mawʿiẓati
संज्ञा
ٱلْحَسَنَةِ ۖ
अच्छी
l-ḥasanati
क्रिया
وَجَـٰدِلْهُم
और उनसे बहस करो
wajādil'hum
अव्यय
بِٱلَّتِى
उस तरीक़े से जो
bi-allatī
सर्वनाम
هِىَ
वह
hiya
संज्ञा
أَحْسَنُ ۚ
बेहतर है
aḥsanu
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
رَبَّكَ
तुम्हारा रब
rabbaka
सर्वनाम
هُوَ
वह
huwa
संज्ञा
أَعْلَمُ
सबसे बेहतर जानता है
aʿlamu
संज्ञा
بِمَن
उसे जो
biman
क्रिया
ضَلَّ
भटक गया है
ḍalla
अव्यय
عَن
से
ʿan
संज्ञा
سَبِيلِهِۦ ۖ
उसके रास्ते
sabīlihi
सर्वनाम
وَهُوَ
और वह
wahuwa
संज्ञा
أَعْلَمُ
सबसे बेहतर जानता है
aʿlamu
संज्ञा
بِٱلْمُهْتَدِينَ
उन्हें जो मार्गदर्शन पर हैं
bil-muh'tadīna
16:126
وَإِنْ عَاقَبْتُمْ فَعَاقِبُوا۟ بِمِثْلِ مَا عُوقِبْتُم بِهِۦ ۖ وَلَئِن صَبَرْتُمْ لَهُوَ خَيْرٌۭ لِّلصَّـٰبِرِينَ
wa-in ʿāqabtum faʿāqibū bimith'li mā ʿūqib'tum bihi wala-in ṣabartum lahuwa khayrun lilṣṣābirīna
और यदि तुम बदला लो, तो उतना ही बदला लो जितना तुम्हें सताया गया था। लेकिन यदि तुम सब्र करो, तो यह सब्र करने वालों के लिए बेहतर है।
अव्यय
وَإِنْ
और यदि
wa-in
क्रिया
عَاقَبْتُمْ
तुम बदला लो
ʿāqabtum
क्रिया
فَعَاقِبُوا۟
तो बदला लो
faʿāqibū
संज्ञा
بِمِثْلِ
उतना ही
bimith'li
अव्यय
مَا
जितना
क्रिया
عُوقِبْتُم
तुम्हें सताया गया
ʿūqib'tum
अव्यय
بِهِۦ ۖ
जिससे
bihi
अव्यय
وَلَئِن
लेकिन यदि
wala-in
क्रिया
صَبَرْتُمْ
तुम सब्र करो
ṣabartum
अव्यय
لَهُوَ
तो यह
lahuwa
संज्ञा
خَيْرٌۭ
बेहतर है
khayrun
संज्ञा
لِّلصَّـٰبِرِينَ
सब्र करने वालों के लिए
lilṣṣābirīna
16:127
وَٱصْبِرْ وَمَا صَبْرُكَ إِلَّا بِٱللَّهِ ۚ وَلَا تَحْزَنْ عَلَيْهِمْ وَلَا تَكُ فِى ضَيْقٍۢ مِّمَّا يَمْكُرُونَ
wa-iṣ'bir wamā ṣabruka illā bil-lahi walā taḥzan ʿalayhim walā taku fī ḍayqin mimmā yamkurūna
और सब्र करो, और तुम्हारा सब्र तो अल्लाह ही की मदद से है। और उन पर ग़म न करो और उनकी चालों से तंगदिल न हो।
क्रिया
وَٱصْبِرْ
और सब्र करो
wa-iṣ'bir
अव्यय
وَمَا
और नहीं
wamā
संज्ञा
صَبْرُكَ
तुम्हारा सब्र
ṣabruka
अव्यय
إِلَّا
सिवाय
illā
संज्ञा
بِٱللَّهِ ۚ
अल्लाह की मदद से
bil-lahi
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
تَحْزَنْ
ग़म करो
taḥzan
अव्यय
عَلَيْهِمْ
उन पर
ʿalayhim
अव्यय
وَلَا
और न
walā
क्रिया
تَكُ
हो
taku
अव्यय
فِى
में
संज्ञा
ضَيْقٍۢ
तंगी
ḍayqin
अव्यय
مِّمَّا
उससे जो
mimmā
क्रिया
يَمْكُرُونَ
वे चाल चलते हैं
yamkurūna
16:128
إِنَّ ٱللَّهَ مَعَ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوا۟ وَّٱلَّذِينَ هُم مُّحْسِنُونَ
inna l-laha maʿa alladhīna ittaqaw wa-alladhīna hum muḥ'sinūna
निःसंदेह, अल्लाह उन लोगों के साथ है जो डरते हैं और जो भलाई करने वाले हैं।
अव्यय
إِنَّ
निःसंदेह
inna
संज्ञा
ٱللَّهَ
अल्लाह
l-laha
संज्ञा
مَعَ
साथ है
maʿa
संज्ञा
ٱلَّذِينَ
उन लोगों के
alladhīna
क्रिया
ٱتَّقَوا۟
जो डरते हैं
ittaqaw
संज्ञा
وَّٱلَّذِينَ
और उन लोगों के
wa-alladhīna
सर्वनाम
هُم
जो
hum
संज्ञा
مُّحْسِنُونَ
भलाई करने वाले हैं
muḥ'sinūna

समापन प्रार्थना

या अल्लाह (हे ईश्वर), हम अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं कि आपने हमें सूरह अन-नह्ल शब्द-दर-शब्द विश्लेषण पूरा करने में सक्षम बनाया है।

हे पालनहार, इस अध्याय में आपने अपनी जिन अनगिनत नेमतों का उल्लेख किया है, उनके लिए हमें हमेशा आभारी (शुक़्रगुज़ार) रहने की तौफ़ीक़ अता फरमा। हमें उन लोगों में शामिल कर जो आपकी निशानियों पर विचार करते हैं और केवल आपकी ही इबादत करते हैं।

इस अध्ययन को केवल जानकारी तक सीमित न रहने दें; सूरह अन-नह्ल के सार को हमारे भीतर समाहित करने में मदद करें। इसे हमारे दिलों के लिए एक शिफा (उपचार) और हमारे दैनिक कार्यों का मार्गदर्शन करने वाली रोशनी (नूर) बनाएं। आमीन।

सूरह अन-नह्ल का शब्द-दर-शब्द विश्लेषण कैसे काम करता है

मानक अनुवादों के विपरीत जो आपको एक वाक्य का सामान्य अर्थ देते हैं, यह पृष्ठ एक अद्वितीय “पूर्ण संदर्भ” पद्धति का उपयोग करता है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए डेटा को दो अलग-अलग परतों में प्रदर्शित करते हैं ताकि आप सूरह अन-नह्ल के प्रवाह को कभी न खोएं:

  • शीर्ष पंक्ति (संदर्भ): सूरह के समग्र संदेश और आख्यान को समझने के लिए पूर्ण हिंदी अनुवाद के साथ पूरी अरबी आयत पढ़ें।
  • निचली पंक्ति (विश्लेषण): अनुक्रम में हर एक शब्द का सटीक अर्थ और वर्तनी देखने के लिए शब्द-दर-शब्द विवरण में गोता लगाएँ।

सूरह अन-नह्ल के लिए रंगकोडित व्याकरण गाइड को समझना

जब आप पढ़ते हैं तो सहज रूप से क़ुरआनी अरबी व्याकरण (नह्व और सर्फ़) सीखें। यह संसाधन जटिल पाठ्यपुस्तक नियमों को तत्काल दृश्य संकेतों से बदल देता है। सूरह अन-नह्ल के प्रत्येक शब्द को तत्काल रंग-कोडिंग की विशेषता वाले एक संवादात्मक “व्याकरण कार्ड” के रूप में प्रस्तुत किया गया है:

  • संज्ञा (इस्म): नीले रंग में चिह्नित (नाम, स्थान, वस्तुएं)।
  • क्रिया (फ़ेल): लाल रंग में चिह्नित (कार्य, काल)।
  • अव्यय (हर्फ़): हरे रंग में चिह्नित (पूर्वसर्ग, जोड़ने वाले शब्द)।

यह दृश्य सहायता आपको आयतों के भीतर वाक्य संरचनाओं और भाषण के कुछ हिस्सों को तुरंत पहचानने में मदद करती है, जिससे तेजी से याद रखने और समझने में सहायता मिलती है।

सूरह अन-नह्ल का लिप्यंतरण और उच्चारण

तिलावत शुरू करने के लिए आपको अरबी लिपि पढ़ने में पारंगत होने की आवश्यकता नहीं है। प्रत्येक शब्द कार्ड पर शामिल तजवीद-अनुकूल लिप्यंतरण के साथ अपने उच्चारण को पूर्ण करें। यह ध्वन्यात्मक मार्गदर्शिका आपको सूरह अन-नह्ल में चुनौतीपूर्ण शब्दों का सही उच्चारण करने में मदद करती है, जिससे ध्वनि सीधे अर्थ से जुड़ जाती है।

क़ुरआनी सांख्यिकी: सूरह अन-नह्ल के माध्यम से शब्दावली का निर्माण

कई छात्र क़ुरआन की विशालता से अभिभूत महसूस करते हैं, लेकिन संख्याएँ साबित करती हैं कि यह प्राप्त करने योग्य है। क़ुरआन लगभग 77,797 कुल शब्दों से बना है, फिर भी शब्दावली अत्यधिक दोहराई जाने वाली है।

  • कुल अद्वितीय शब्द: लगभग 14,870।
  • वास्तविक मूल शब्द: केवल ~2,000 शब्द।

सूरह अन-नह्ल को शब्द-दर-शब्द पढ़कर, आप इस अध्याय में पाए जाने वाले आवश्यक शब्दों को सीख रहे हैं। चूंकि ये शब्द पूरे क़ुरआन में अक्सर दोहराए जाते हैं, इसलिए इन आयतों में शब्दावली में महारत हासिल करना सीधे तौर पर संपूर्ण पवित्र पुस्तक को समझने में योगदान देता है।

सूरह अन-नह्ल के साथ अपनी नमाज़ को बेहतर बनाएं

पांच दैनिक नमाज़ों के दौरान, एक मुस्लिम औसतन 200-250 अरबी शब्द पढ़ता और दोहराता है। यदि इन शब्दों को नहीं समझा जाता है, तो मन अक्सर भटकता है। सूरह अन-नह्ल को शब्द-दर-शब्द पढ़ने से आपको वास्तविक समय में इस शब्दावली को पहचानने में मदद मिलती है। जब आप प्रार्थना के लिए खड़े होते हैं और इन आयतों का पाठ करते हैं, तो आप अंततः समझ जाएंगे कि आप अपने निर्माता से क्या कह रहे हैं, जिससे यह प्राप्त होगा:

  1. खुशू (एकाग्रता): नमाज़ के दौरान एक एकाग्रचित्त मन।
  2. गुणवत्ता: इबादत की उच्च आध्यात्मिक गुणवत्ता।
  3. जुड़ाव: तिलावत के लिए एक तत्काल, भावनात्मक जुड़ाव।

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